मौजूदा लेखकों की चुनौतियां

06 अक्तूबर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (436 बार पढ़ा जा चुका है)

यूं तो लिखने वालों की कमी नहीं है और पढ़ी जाने वाली किताबों के लिए भी यही बात कही जा सकती है। आज प्रकाशन के लिए अनेक माध्यम उपलब्ध है। कई सालों पहले बहुत प्रतिभाशाली लेखक हुए, लेकिन उचित माध्यम ना मिलने के कारण उनके काम को उस वक्त वो नाम और शोहरत नहीं मिल पाई जो मिलनी चाहिए थी। चाहे बात पूर्व की हो या पश्चिम की कई ऐसे लेखक है जो अपनी मौत के कई सालों या सदियों को बाद मशहूर हुए। आज प्रिंट से लेकर डिजिटल माध्यम में लेखन की संभावनाएं काफी बढ़ गई है, कई लेखक लेखन के क्षेत्र में हाथ आजमा रहे है और उन्हें पढ़ा भी जा रहा है। तो क्या हमें ये मान लेना चाहिए की नए दौर में लेखन उतना कठिन नहीं रहा जितना कि पहले था, ये कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, आज भले ही प्रकाशन आसान हो गया है,

लेकिन पाठकों का मिज़ाज जान पाना उतना ही कठिन हो चला है, कभी औसत सी जान पड़ने वाली रचनाएं भी मशहूर हो जाती है और बेहतरीन किस्म की रचनाएं भी उपेक्षित रह जाती है, हम इस बहस में नहीं पड़ना चाहते कि कौन अच्छा लिखता है और कौन औसत, हर लेखक की अपनी लेखन शैली और प्रिय विषय होता है जिस पर वो लिखना पसंद करता है। हर किताब से कुछ ना कुछ सीखने को ज़रूर मिलता है। पहले के ज़माने में भावना प्रधान रचनाएं बहुत पसंद की जाती थी, और आज भी की जाती है, लेकिन कभी कभी पाठकों से हम अक्सर ये सुनने को मिलता है कि कोई कहानी अच्छी तो लगी लेकिन उसमें नएपन का आभाव है, भावनाप्रधान कहानियों में नयापन लाना किसी चुनौती से कम नहीं, रहस्य और रोमांच में कई तरह के प्रयोग किए जा सकते है। कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि आज के लेखकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कहानी में ताजगी बनाए रखना। नएपन के साथ कहानी में रोचकता भी आवश्यक तत्व है।

अगला लेख: जानिए क्यों रहते है जापानी लोग हमेशा खूबसूरत और जवान ?



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
13 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <w:ValidateAgainstSchemas></w:Val
13 अक्तूबर 2019
24 सितम्बर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <
24 सितम्बर 2019
11 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <o:OfficeDocumentSettings> <o:RelyOnVML/> <o:AllowPNG/> </o:OfficeDocumentSettings></xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSc
11 अक्तूबर 2019
18 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKe
18 अक्तूबर 2019
18 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKe
18 अक्तूबर 2019
11 अक्तूबर 2019
वो
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKe
11 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
A
चलो थोड़ी मनमर्ज़ियाँ करते हैं पंख लगा कही उड़ आते हैंयूँ तो ज़रूरतें रास्ता रोके रखेंगी हमेशापर उन ज़रूरतों को पीछे छोड़थोड़ा चादर के बाहर पैर फैलाते हैंपंख लगा कही उड़ आते हैंये जो शर्मों हया का बंधनबेड़ियाँ बन रोक लेता हैमेरी परवाज़ों कोचलो उसे सागर में कही डूबा आते हैंपंख लगा
12 अक्तूबर 2019
05 अक्तूबर 2019
S
पॉजिटिव:- वृश्चिक राशि वालो के लिए आज का दिन शुभ, फलदायी होगा। परिवार में भी आज ठीक और आपके अनुकूल परिस्थति रहेगी। परिवार के बड़ो के साथ कुछ समय निकले आपको आनंद महसूस होगा। लम्बी यात्रा का प्लान बन सकता है। आप जो भी कार्य कर रहे है उसमे सफलता मिल सकती है जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है।
05 अक्तूबर 2019
07 अक्तूबर 2019
क्या हिंदी भाषा वैश्विक भाषा है या ये केवल भारत तक ही सिमित है?
07 अक्तूबर 2019
11 अक्तूबर 2019
वो
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKe
11 अक्तूबर 2019
10 अक्तूबर 2019
Saraswati Mata Story in Hindi माता सरस्वती की कथाSaraswati Mata हिन्दू धर्म की प्रमुख देवियों में से एक हैं. वह भगवान ब्रह्मदेव की मानसपुत्री हैं. मां सरस्वती को विद्या की देवी माना गया है. इन्हें वाग्देवी, शारदा, सतरूपा, वीणावादिनी, वागेश्वरी, भारती आदि नामों से जाना जात
10 अक्तूबर 2019
18 अक्तूबर 2019
बो
लघुकथाबोझक्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या बच्चे , सब के सब आधुनिकता के घोड़े पर सवार फैशन की दौड़ में भाग रहे थे और वह किसी उजबक की तरह ताक रहा था । गाँव से आया वह पढा लिखा आदमी, भूल से , एक भव्य माल में घुस आया था और अब ठगा-सा खड़ा था।उसकी नजर एक आदमी पर पड़ी जो एक स्टील के बेंच पर बैठा था। उसके पास
18 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x