वो लेखक जिन्होंने वक्त से पहले छोड़ दी दुनिया

11 अक्तूबर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (459 बार पढ़ा जा चुका है)

वो लेखक जिन्होंने वक्त से पहले छोड़ दी दुनिया

अपने लेखन से लोगो के जीवन में उत्साह, प्रेरणा भरने वाले, कभी कभी सोचने को मजबूर करने वाले और संवेदनशील मुद्दों पर बेबाकी से राय रखने वाले लेखक कभी कभी हालातों से इतने मजबूर हो जाते है कि आत्महत्या करने का फैसला ले लेते है। हम अपने लेख में उन लेखकों का ज़िक्र करेंगे जिन्होंने वक्त से पहले छोड़ दी ये दुनिया।



अर्नेस्ट हेमिंग्वे- ओल्ड मेन एंड सी जैसी रचना करने वाले अर्नेस्ट हेमिंग्वे अमेरिकन पत्रकार और लेखक थे। नोबल और पुलित्ज़र जैसे अवार्ड पाने वाले अर्नेस्ट हेमिंग्वे की मौत गोली लगने से हुई थी। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने आत्महत्या की थी। कहा जाता है कि परेशानियों के बोझ के कारण वो तनावग्रस्त हो गए थे।


हंटर एस थॉम्पसन- ये अमेरिकी पत्रकार और लेखक थे जो कि गोन्जो जर्नलिज़्म मूवमेंट के जनक थे। द रम डायरी, फियर एंड लोथिंग इन लॉस वेगास जैसे किताब लिखने वाले हंटर एस थॉम्पसन ने 67 साल की आयु में बंदूक के ज़रिए आत्महत्या कर ली। कहा जाता है कि वो पीठ में लगी चोट से होने वाले दर्द को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने ऐसा कदम उठाया।


एन सेक्सटन- लिव एंड डाई को लिखने वाली एन सेक्सटन पुल्तिज़र अवार्ड से नवाज़ी जा चुकी है। तनाव से जूझ रही एन सेक्सटन की कविताओं में भी उनकी दुखमय ज़िंदगी की झलक देखने को मिलती है। कार्बन मोनो ऑक्साईड गैस की वजह से उनकी जान गई, कहा गया है कि उन्होंने खुद अपनी जान ली है।


वर्जिनिया वुल्फ- मिसेस डैलोवे जिसमें डिप्रेशन से जुझ रहा एक पात्र अपनी जीवनलीला खुद समाप्त कर लेता है, किसी ने सोचा भी ना होगा कि दुनिया की इस महानतम कृति को लिखने वाली लेखिका भी खुद ही जान दे देगी। वयस्क होने से पहले ही उन्होंने अपने माता पिता को खो दिया। इन घटनाओं ने उन्हें अंदर तक तोड़ कर रख दिया। उन्होंने शादी भी की लेकिन उनके जीवन की परेशानियां खत्म नहीं हुई। उनके पति यहूदी थे इसलिए दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान नाजी सेना द्वारा उन्हें काफी परेशान किया गया। उनके प्रेस को खत्म कर दिया गया। 59 साल की उम्र में उन्होंने नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। रुम ऑफ वन्स ओन लिखने वाली वर्जिनिया का ये कहना था कि अगर कोई महिला फ़िक्शन लिखना चाहती है तो उसके पास अपना एक कमरा और पैसा होना चाहिए। उनकी ज्यादातर किताबों में स्त्री मन को टटोलने की कोशिश की गई है अवसाद जैसी समस्याओं को भी उठाया गया है।


सिल्विया प्लाथ - अपनी कविताओं के लिए दुनियाभर में मशहूर हो चुकी सिल्विया ने सच्चे दिल से प्रेम किया और हर बार उन्हें मायूसी तो कभी धोखा ही मिला नतीजा ये हुआ को वो अवसाद में चली गई। उनकी कविताओं में मन की विभिन्न अवस्थाओं का बेहतरीन वर्णन देखने को मिलता है। केवल तीस वर्ष की आयु में उन्होंने अपने घर के रसोईघर में खुद की जान ले ली।


इन लेखकों के जीवन को देखकर बस यही बात ज़हन में आती है कि काश इन्होंने ये कदम ना उठाया होता या फिर इन्हें बचा लिया गया होता।

अगला लेख: जानिए भाग्य बड़ा या कर्म



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 अक्तूबर 2019
मौ
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedC
06 अक्तूबर 2019
06 अक्तूबर 2019
★★★★★★★★★★★★★★आजूबाजू में हैं- मोबाइल खेलते हैं!चाँद है पास हमिमून तक भूलते हैं!!★★★★★★★★★★★★★★दिल धड़कता है महसूस गर करते।राह पर चलते, गर नहीं- बहकते।।ठहर जाना हीं काबलियत है।खुशबुओं में बह जाना हीं ज़िंदगी है।।दिल धड़कता है महसूस गर करते।राह पर चलते, गर नहीं बहकते।।★★डॉ. कवि कुमार निर्मल★★
06 अक्तूबर 2019
18 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKe
18 अक्तूबर 2019
04 अक्तूबर 2019
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺*"काव्य सरिता" घर-घर बहती है!**कवि-मन को व्यथित करती है!!**अन्न-जल त्याग "देवी जी" बैठी है!**"दुर्गा" का मानो 'अवतार' हुआ है!!**'क्षत-विक्षत' सारा 'घर-बार' हुआ है!**ठप्प कलह-द्वद्व से व्यापार हुआ है!!**"पाठ-मंचन" से नहीं त्राण मिलना है!**ऋणम् लेवेत-धृतम् पिवेत वरना है!!**कलश स्
04 अक्तूबर 2019
13 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <w:ValidateAgainstSchemas></w:Val
13 अक्तूबर 2019
03 अक्तूबर 2019
नर नारायण बन स्वामि बन अगराता है।नारी कामायनी बन, अश्रु धार बहाती है।।🏵️ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🏵️भ्रुण काल माना विस्मृत कर क्षमा - पात्र है।शिशु स्तन पान कर नवजीवन हीं पाता है।।तरुण गोद से उछल - कूद दौड़ लगाता है।युवा नार सौंदर्य में अपने स्वप्न सजाता है।।
03 अक्तूबर 2019
02 अक्तूबर 2019
वो
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <w:ValidateAgainstSchemas></w:Val
02 अक्तूबर 2019
17 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedC
17 अक्तूबर 2019
18 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKe
18 अक्तूबर 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x