अर्थों को सार्थकता दे दें

14 अक्तूबर 2019   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (4364 बार पढ़ा जा चुका है)

अर्थों को सार्थकता दे दें

अर्थों को सार्थकता दे दें

शब्दों के उदास होने पर अर्थ स्वयं पगला जाते हैं |

आओ शब्दों को बहला दें, अर्थों को सार्थकता दे दें ||

दिल का दीपक यदि जल जाए, जीवन भर प्रकाश फैलाए

और दिये की जलती लौ में दर्द कहीं फिर नज़र न आए |

स्नेह तनिक सा बढ़ जाए तो दर्द कहीं पर छिप जाते हैं

आओ बाती को उकसा दें, प्रेममयी आभा फैला दें ||

शूलमध्य कुछ पुष्प खिलें तो उपवन का यौवन बढ़ जाए

और अनगिनत मस्त तितलियाँ उसके आस पास मंडराएँ |

होकर उनसे आकर्षित, कुछ भ्रमर वहाँ फिर आ जाते हैं

आओ उनका मिलन करा दें, स्नेह का कुछ सौरभ महका दें ||

बहते आँसू से लिख डाली जिसने अपनेपन की गीता

कैसे कह सकते हो उसको, वह है अपनेपन से रीता ?

होता है पीड़ित जब मन, कुछ गीत अधर पर आ जाते हैं

आओ, जिनको ढूँढा है, उन गीतों को भी कुछ चहका दें ||

अगला लेख: नवमं सिद्धिदात्री



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
30 सितम्बर 2019
तृतीया चंद्रघंटा नवदुर्गा – तृतीय नवरात्र- देवी के चंद्रघंटा रूप की उपासनादेव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या,निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या |तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्यानताः स्म विदधातु शुभानि सा नः ||कल आश्विन शुक्ल तृतीया है – तीसरा नवरात्र - देवी केचन्द्रघंट
30 सितम्बर 2019
09 अक्तूबर 2019
लडकिया चिडिया होती हैं, पर पंख नही होते लडकियों के। मायके भी होते हैं, ससुराल भी होते हैं; पर घर नहीं होते लडकियों के। माँ-बाप कहते हैं बेटियां तो पराई हैं, ससुराल वाले कहते है कि ये पराये घर से आई हैं। भगवान! अब तु ही बता- ये बेटियां किस घर के लिए तुने बनाई हैं। <!-
09 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
अभी मुझे खिलते जाना है नहींअभी है पूर्ण साधना, अभी मुझे बढ़ते जाना है |जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खिलते जाना है ||मैं प्रथमकिरण के रथ पर चढ़ निकली थी इस निर्जन पथ पर ग्रहनक्षत्रों पर छोड़ रही अपने पदचिह्नों को अविचल |नहींप्रश्न दो चार दिवस का, मुझको बड़ी दूर जाना है जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खि
12 अक्तूबर 2019
09 अक्तूबर 2019
सुधी पाठकों के लिए प्रस्तुत है मेरी ही एक पुरानी रचना....पुष्प बनकर क्या करूँगी, पुष्पका सौरभ मुझे दो |दीप बनकर क्या करूँगी, दीप का आलोक दे दो ||हर नयन में देखना चाहूँ अभय मैं,हर भवन में बाँटना चाहूँ हृदय मैं |बंध सके ना वृन्त डाल पात से जो,थक सके ना धूप वारि वात से जो |भ्रमर बनकर क्या करू
09 अक्तूबर 2019
30 सितम्बर 2019
हिमालयन योग परम्परा के गुरु स्वामी वेदभारती जी की पुस्तक Meditationand it’s practices के कुछ अंश ध्यान के साधकों के लिए...ध्यान क्या हैसम्पूर्ण विश्व में प्रत्येक समाज मेंलोग उन योग्यताओं में निपुण होते हैं जो अपनी संस्कृति के अनुसार कार्य करने औरजीवन जीने के लिए उपयोगी होती हैं – जैसे: किस तरह वार्
30 सितम्बर 2019
01 अक्तूबर 2019
कूष्माण्डेतिचतुर्थकम्नवदुर्गा - चतुर्थ नवरात्र –देवी के कूष्माण्डा रूप की उपासनाया देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यैनमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः |आज चतुर्थनवरात्र है - चतुर्थी तिथि – माँ भगवती के कूष्माण्डा रूप की उपासना का दिन | इसदिन कूष्माण्डा देवी की पूजा अर्चना की जाती है | बहुत से
01 अक्तूबर 2019
04 अक्तूबर 2019
गुरु की आवश्यकता क्यों अज्ञान्तिमिरान्धस्य ज्ञानांजनशलाकयाचक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नमःमैं आजकल अपने ब्लॉग पर अपने योग गुरु हिमालयन योग परम्परा के स्वामीवेदभारती जी की पुस्तक “Meditation and it’s practices” का हिन्दी अनुवाद– जो स्वयं स्वामी जी ने मुझ पर कृप
04 अक्तूबर 2019
03 अक्तूबर 2019
ध्यान और इसका अभ्यासध्यान कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं :जिस प्रकार पर्वतारोहण के समय पर्वतके उच्च शिखर तक पहुँचने के लिए सम्भव है कई मार्ग मिल जाएँ, किन्तु लक्ष्य सबकाएक ही होता है – पर्वत के शिखर तक पहुँचना | उसी प्रकार ध्यान की भी अनेकोंपद्धतियाँ हो सकती हैं जो देखने में परस्पर भिन्न प्रतीत हों, किन्
03 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
दर्द का रिश्ता दिल से है,और दिल का रिश्ता है तुमसे !बरसों से भूला बिसरा,इक चेहरा मिलता है तुमसे !यूँ तो पीड़ाओं में मुझको,मुस्काने की आदत है ।काँटों से बिंधकर फूलों को,चुन लाने की आदत है ।पर मन के आँगन, गुलमोहरशायद खिलता है तुमसे !बरसों
12 अक्तूबर 2019
29 सितम्बर 2019
द्वितीया ब्रह्मचारिणीनवदुर्गा– द्वितीय नवरात्र - देवी के ब्रह्मचारिणी रूप की उपासनाचैत्र शुक्ल द्वितीया– दूसरा नवरात्र – माँ भगवती के दूसरे रूप की उपासना का दिन | देवी का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी का है – ब्रह्म चारयितुं शीलं यस्याः सा ब्रह्मचारिणी – अर्थात् ब्रह्मस्वरूप की प्राप्ति करना जिसका स्वभाव ह
29 सितम्बर 2019
09 अक्तूबर 2019
लड़किया चिड़िया होती हैं, पर पंख नही होते लडकियों के। मायके भी होते हैं, ससुराल भी होते हैं; पर घर नहीं होते लडकियों के। माँ-बाप कहते हैं बेटियां तो पराई हैं, ससुराल वाले कहते है कि ये पराये घर से आई हैं। भगवान! अब तु ही बता- ये बेटियां किस घर के लिए तुने बनाई हैं। <!--/data/user/0/com.samsung.andr
09 अक्तूबर 2019
06 अक्तूबर 2019
7 से 13 अक्टूबर2019 तक का साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर आ
06 अक्तूबर 2019
01 अक्तूबर 2019
इस बार अक्टूबर का पूरा महीना व्रत-त्यौहार के नाम है. हिन्दू पंचांग के अनुसार इस महीने में बड़े-बड़े त्यौहार और व्रत मनाये जायेगे. इस महीने में बड़े पर्व में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली जैसे त्यौहार है. महीने के शुरुआती दिनों में ही माँ दुर्गा के नवरात्री उत्सव मना रहे है. नवरात
01 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x