करवा चौथ के पावन पर्व की शुभकामनाएं

17 अक्तूबर 2019   |  हर्षित कृष्ण शुक्ल   (407 बार पढ़ा जा चुका है)

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*जय श्रीमन्नारायण*

🌹 *श्री राधे कृपा हि सर्वस्वम* 🌷


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*आद्या शक्ति पराम्बा माँ भगवती की अंशस्वरूपा मातृ शक्तियों को करवा चौथ व्रत की हार्दिक शुभकामनाएँ*

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सभी मात्र शक्तियों को आज पावन करवा चौथ व्रत की हार्दिक शुभकामनाओं सहित मंगल कामना हमारे सनातन धर्म की पावन परंपराओं में यह एक बहुत ही अहम परंपरा जिसका निर्वहन माताएं बहने पूर्ण श्रद्धा विश्वास और निष्ठा के साथ करती हैं जरा विचार करें जितना विश्वास जितनी श्रद्धा आज के दिन है अगर यह विश्वास या श्रद्धा यह कर्तव्य परायणता सदैव बनी रहे धरा धाम स्वर्ग से सुंदर घर-घर मंदिर बन जाएगा दुर्भाग्य है हमारे समाज का हमारे अपने ही लोग अपनी ही परंपराओं को हास्यास्पद बना कर समाज में प्रेषित करते हैं जहां तक सोशल मीडिया में मैंने देखा है अपने पर्व त्यौहार और इनके साथ साथ मात्र शक्तियों पर अनेकों चुटकुले वीडियो पाए जा सकते हैं सोचना यह है "मैं आचार्य हर्षित कृष्ण शुक्ल" मेरा विचार जहां तक है कि जिस समय आप परिवार में रहते हैं उस समय को याद कर आप जरा विचार करें मैं अनुभव करता हूं जिस समय हम मौन होते हैं घर में शांति होती है जिस समय वह मौन होती है घर में नीरवता होती है जब हम जगते हैं तो फरमाइश की लाइन लग जाती है और जो वह जगते हैं तो घर में पूजा की घंटी की ध्वनि गूंजती है जब हम घर वापस आते हैं तो घर में खुशियां होती हैं और जब वह वापस आते हैं घर में शांति छा जाती जाती है जब हम घर से बाहर जाते हैं तू घर में अकेलापन महसूस होता है और जब वह बाहर हूं घर सूना हो जाता है इतना सब होने के बावजूद भी सारा दोष सारी समस्याएं उन्हीं की होती क्यों आज हमारी बहने बेटियां रेलवे सी लेकर ऑटो हवाई जहाज आदि भी चलाती हैं और बॉर्डर पर रह कर के हमारी सुरक्षा करती हैं व्रत रहकर हमारे सुरक्षित रहने की ईश्वर से कामना करती है उन मात्र शक्तियों को अगर हम हंसी का पात्र समझते हैं चुटकुले लिखते हैं तो हमसे बड़ा दुर्भाग्य साली कोई नहीं हो सकता इतिहास वेद पुराण ग्रंथ उपनिषद आदि को में भी मातृशक्ति को सर्वोपरि दर्जा दिया गया है वह कोमल हृदय है दयालु है क्षमाशील है तो वह चंडी चामुंडा दुर्गा काली भी आइए एक बार हृदय से विचार करके इस भावना को प्रबल करते हुए उनके प्रति आदर सम्मान और प्रेम को स्थापित करें कारण जितने सम्मान का अधिकार पुरुष वर्ग को है उससे अधिक सम्मान का अधिकार मात्र शक्तियों का है शास्त्र कहता है जिस समाज में जिस घर में जिस देश में नारी का सम्मान होता है वहां सभी देवता सभी सिद्धियां सभी सुलभ होती हैं अतः नारी शक्ति हर तरीके से सम्मानजनक है

जो देवियां हमारे सुख से रहने के लिए निर्भीक सोने के लिए निर्भय होकर समाज में स्वतंत्र रूप से जीवन यापन करने के लिए अपने सुहाग अपने खुद को सूना कर देती हैं देश को समर्पित कर देती है शत शत नमन उन देवियों को क्या कभी हमने उनके हृदय की वेदना को समझने का प्रयास किया तब कहना पड़ता है

*यत्र पूज्यंते नारी रमंते तत्र देवता* इसी के साथ समस्त मात्र शक्तियों को हार्दिक बधाई देते हुए मां जगत जननी से कामना


*देहि सौभाग्य मारो ग्यं देहि में परमं सुखम्।*

*रूपम देही जयम देही यशो देही द्विषो जहि।।*

*आचार्य*

*हर्षित कृष्ण शुक्ल*

*प्रवक्ता*

*श्रीमद् भागवत कथा एवं संगीतमय श्री राम कथा*


*लखीमपुर खीरी*

*(उत्तर प्रदेश)*

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