ब्रह्मचर्य क्या है ??:-- आचार्य अर्जुन तिवारी

24 अक्तूबर 2019   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (439 बार पढ़ा जा चुका है)

ब्रह्मचर्य क्या है ??:-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में मानव जीवन को चार भागों में विभक्त करते हुए इन्हें आश्रम कहा गया है | जो क्रमश: ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , सन्यास एवं वानप्रस्थ के नाम से जाना जाता है | जीवन का प्रथम आश्रम ब्रह्मचर्य कहा जाता है | ब्रह्मचर्य एक ऐसा विषय है जिस पर आदिकाल से लेकर आज तक तीखी बहस होती रही है | स्वयं को ब्रह्मचारी कहने वाले प्राचीनकाल से ही होते आये हैं | प्राय: आम जनमानस यही मानता चला आया है कि जिसने विवाह नहीं किया वही ब्रह्मचारी है | परंतु यदि इसे आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाय तो विवाह एवं ब्रह्मचर्य का कोई सम्बन्ध ही नहीं है | ब्रह्मचर्य का अर्थ है ब्रह्म व्यवहार | अर्थात ब्रह्म में लीन होने की अवस्था | यह किसी को भी जीवन के किसी भी पड़ाव पर प्राप्त हो सकती है | इसके लिए मनुष्य को वीतरागी बनते हुए अपनी समस्त इन्द्रियों पर नियंत्रण करना होगा | चक्रीय जागरण की अवस्था को पार करते हुए सांसारिकता से आबद्ध होने की अपेक्षा आध्यात्मिकता से आबद्ध होकर आंतरिक यात्रा करनी होगी | तभी मनुष्य ब्रह्मलीन होने की स्थिति को प्राप्त करके ब्रह्मचारी कहा जा सकता है | यदि वास्तविकता में देखा जाय तो ब्रह्मचर्य परमानंद की स्थिति है इसे कोई भी प्राप्त कर सकता है | परमपिता परमात्मा से साक्षात्कार के लिए स्वयं मनुष्यत्व से ऊपर उठकर देवत्व का आरोपण करके तपश्चर्या के माध्यम से इस स्थिति को पहुँचा जा सकता है | यह स्थिति जितनी एक संयासी के लिए सुलभ है उतनी ही गृहस्थ के लिए भी | जिस प्रकार देहधारी महाराज जनक जी विदेह हो सकते हैं उसी प्रकार कोई भी विवाहित गृहस्थ भी ब्रह्मचारी हो सकता है | ब्रह्मचारी और ब्रह्मचर्य के विषय में लोगों को भ्रमित न होकर यह समझना चाहिए कि ब्रह्म के आचार में प्रवृत्त होना ही वास्तविक ब्रह्मचर्य है |*


*आज के युग में सनातन धर्म की मान्यताओं को लेकर अनेक भ्रांतियाँ समाज में व्याप्त हैं , इन भ्रांतियों को बल तब मिल जाता है जब सनातन के पुरोधा भी सत्यता को जाने बिना इन भ्रांतियों को हवा दे देते हैं | आज जिस प्रकार सनातन की सभी मान्यताओं का अर्थ आज बदल गया है उसी प्रकार ब्रह्मचर्य का अर्थ भी बदलकर रह गया है | मैं "आचार्य अर्जुन तिवारी" आज देख रहा हूँ कि अनेक लोग अपने नाम के साथ ब्रह्मचारी तो लिखते हैं परंतु उनके कृत्य यदि देखा जाय तो किसी व्यभिचारी को भी लज्जित करने वाले होते हैं | प्राय: लोग यह भी कहते हैं कि मैं विवाह न करके ब्रह्मचर्य का पालन करूँगा | परंतु क्या विवाह न करने मात्र से कोई ब्रह्मचर्य का पालन करने ब्रह्मचारी हो सकता है ?? अधिकतर लोग ब्रह्मचर्य पालन का ढोंग तो करते हैं परंतु उनकी चित्तवृत्ति सकारात्मक एवं नियंत्रित नहीं रह पाती है | ऐसे ब्रह्नचर्य से क्या लाभ ?? जो लोग विवाह न करने के पक्षधर हैं उनको यह ज्ञान होना चाहिए कि सनातन धर्म में बताये गये चारों आश्रमों में गृहस्थाश्रम ही सर्वश्रेष्ठ है | यदि इन्हीं लोगों की तरह इनके माता - पिता भी वैवाहिक बन्धन में न बंधे होते तो इनका जन्म कैसे होता | मन में यह भ्रांति कदापि नहीं रखनी चाहिए कि विवाहित व्यक्ति ब्रह्मचारी नहीं हो सकता ! भगवान श्रीकृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ रानियाँ थी और सभी रानियों से दस दस पुत्र थे , परंतु फिर भी उनको ब्रह्मचारी कहा जाता है | कामवासना का त्याग करके मात्र संतानोत्पत्ति के लिए स्त्री संग करने वाला ब्रह्मचारी की श्रेणी में गिना जाता है | इस प्रकार ब्रह्मचर्य का पालन करके मनुष्य ब्रह्मचर्य आश्रम एवं गृहस्थाश्रम दोनों का पालन कर सकता है |*


*ब्रह्मचर्य जीवन का प्रथम आश्रम है परंतु आज जीवन के प्रथम आश्रम में ही युवा पीढ़ी अपने पथ से भ्रष्ट होकर पतित हो रही है ! यह चिंतनीय विषय है |*

अगला लेख: नारी का त्याग / अहोई अष्टमी :-- आचार्य अर्जुन तिवारी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
11 अक्तूबर 2019
*संपूर्ण विश्व में भारत एक ऐसा देश है जहां के संस्कार एवं संस्कृति संपूर्ण विश्व पर अमिट छाप छोड़ती है | भारत ही ऐसा देश है जहां समय-समय पर नारायण ने अनेक रूपों में अवतार लिया है | वैसे तो भगवान के प्रत्येक अवतार ने कुछ ना कुछ मर्यादाएं स्थापित की हैं परंतु त्रेतायुग में अयोध्या के महाराज दशरथ के यह
11 अक्तूबर 2019
01 नवम्बर 2019
*इस संसार में मनुष्य एक चेतन प्राणी है , उसके सारे क्रियाकलाप में चैतन्यता स्पष्ट दिखाई पड़ती है | मनुष्य को चैतन्य रखने में मनुष्य के मन का महत्वपूर्ण स्थान है | मनुष्य का यह मन एक तरफ तो ज्ञान का भंडार है वहीं दूसरी ओर अंधकार का गहरा समुद्र भी कहा जा सकता है | मन के अनेक क्रियाकलापों में सबसे महत्
01 नवम्बर 2019
27 अक्तूबर 2019
*दीपावली का पावन पर्व आज हमारे देश में ही नहीं वरन् सम्पूर्ण विश्व में भी यह पर्व मनाया जा रहा है | मान्यता के अनुसार आज दीपमालिकाओं को प्रज्वलित करके धरती से अंधकार भगाने का प्रयास मानव समाज के द्वारा किया जाता है | दीपावली मुख्य रूप से प्रकाश का पर्व है | विचार करना चाहिए कि क्या सिर्फ वाह्य अंधका
27 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
उज्जैन (मध्यप्रदेश) निवासी आदरणीय पंडित सूर्य नारायण व्यास वह मूर्धन्य विद्वान ज्योतिषी थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता का मुहूर्त 14 अगस्त की रात्रिकालीन अभिजीत (12 बजे ) या ये कहें की 15 अगस्त की सुबह 00 बजे का निकला था l स्वतंत्र भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि दिल्ली में हुआ था और कुंडल
24 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
सुप्रीमकोर्ट में अब हिंदू और मुस्लिम पक्ष से सारी दलीलें 16 अक्टूबर को ही बंद कर दी गई थी। अब इस राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला दीवाली की छुट्टियों के बाद आ सकता है। पूरा देश अपने-अपने समर्थन में फैसला आने का इंतजार कर रहे हैं मगर क्या आपको ये मामला पूरी तरह से पता है? अगर पता है तो क्या आपको
24 अक्तूबर 2019
19 अक्तूबर 2019
*इस धरा धाम पर वैसे तो मनुष्य की कई श्रेणियां हैं परंतु आध्यात्मिक दृष्टि से मनुष्य को दो श्रेणियों में बांटा गया है :- प्रथम भक्त एवं दूसरा ज्ञानी | भक्त एवं ज्ञानी दोनों ही आध्यात्मिक पथ के पथिक हैं परंतु दोनों में भी भेद है | जहाँ भक्त बनना कुछ सरल है वहीं ज्ञानी बनना अत्यंत कठिन | भक्तों के लिए
19 अक्तूबर 2019
28 अक्तूबर 2019
*मानव जीवन पा करके मनुष्य लंबी आयु जीता है | जीवन को निरोगी एवं दीर्घ जीवी रखने के लिए मनुष्य की मुख्य आवश्यकता है भोजन करना | पौष्टिक भोजन करके मनुष्य एक सुंदर एवं स्वस्थ शरीर प्राप्त करता है | मानव जीवन में भोजन का क्या महत्व है इसको बताने की आवश्यकता नहीं है , नित्य अपने घरों में अनेकों प्रकार
28 अक्तूबर 2019
07 नवम्बर 2019
🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *हमारे देश में हिंदू संस्कृति में बताए गए बारहों महीने में कार्तिक मास का विशेष महत्व है , इसे दामोदर मास अर्थात भगवान विष्णु के प्रति समर्पित बताया गया है | कार्तिक मास का क्या महत्व है इसका वर
07 नवम्बर 2019
15 अक्तूबर 2019
ग्रह डालते हैं जीवन पर असर, इनके अनुसार करें बिजनेसअगर आप एक बिजनेस मैन है और आपका बिजनेस ठीक से फल फूल नहीं रहा है तो इसके पीछे उसके ग्रह की स्थिति हो सकती है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि किसी भी व्यवसाय के पीछे कोई एक ग्रह जरूर होता है। अगर वह ग्रह अच्छा है तो व्यवस
15 अक्तूबर 2019
11 अक्तूबर 2019
*इस संसार में जन्म लेने के बाद प्रत्येक जीव का उद्देश्य होता है भगवान की भक्ति करके उनका दर्शन करने एवं मोक्ष प्राप्त करना | इसके लिए अनेक साधन बताये गये हैं , इन सभी प्रकार के साधनों में एक विशेष बात होती है निरन्तरता | अनन्य भाव के साथ निरन्तर प्रयास करने से इस सृष्टि में कुछ भी असम्भव नहीं है | अ
11 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
भारत में जितने भी बड़े-बड़े व्यापारी और सेलिब्रिटीज हैं उनके अपने पर्सनल पंडितजी होते हैं। जिनसे पूछकर ही वे अपने सारे शुभ काम करते हैं। ऐसा हर कोई करता है और धार्मिक गुरु पर उनका ये विश्वास ही उन्हें सच्ची सफलता प्रदान करता है। ज्योतिषीयों के बारे में बहुत सारी बातें होती हैं जिन्हें समझने के लिए ज
24 अक्तूबर 2019
28 अक्तूबर 2019
*कार्तिक माह में चल रहे "पंच महापर्वों" के चौथे दिन आज अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा | भारतीय सनातन त्योहारों की यह दिव्यता रही है कि उसमें प्राकृतिक , वैज्ञानिक कारण भी रहते हैं | प्रकृति के वातावरण को स्वयं में समेटे हुए सनातन धर्म के त्योहार आम जनमानस पर अपना अमिट प्रभाव छोड़ते हैं
28 अक्तूबर 2019
22 अक्तूबर 2019
*भारत देश में अपने परिवार तथा समाज को संपन्न एवं दीर्घायु की कामना से नारियों ने समय-समय पर कठिन से कठिन व्रत का पालन किया है | वैसे तो वर्ष भर कोई न कोई पर्व एवं त्योहार यहां मनाया जाता रहता है , परंतु कार्तिक मास विशेष रुप से पर्व एवं त्योहारों के लिए माना जाता है | कार्तिक मास में नित्य नए-नए त्य
22 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x