कार्तिक मास का महत्त्व

24 अक्तूबर 2019   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (440 बार पढ़ा जा चुका है)

कार्तिक मास का महत्त्व

कार्तिक मास का महत्त्व

कार्तिक मास चल रहा है और कल से पञ्चपर्वों की श्रृंखला दीपावली का महान पर्व आरम्भ हो जाएगा | वास्तव में हिन्दू मान्यता में कार्तिक मास का विशेष महत्त्व माना गया है | इसे भगवान विष्णु का महीना कहा जाता है तथा विष्णु पूजा का इस माह में विशेष महत्त्व माना जाता है | साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि इसी माह में भगवान शंकर के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया था और इसीलिए विजय दिलाने वाला माह भी इसे कहा जाता है | यह माह भगवान कृष्ण के लिए भी समर्पित होता है | मान्यता है कि इसी माह में भगवान कृष्ण ने नरकासुर जैसे राक्षस का वध किया था | बहुत सारे पर्व भी एक साथ इस माह में आते हैं |

इस माह में प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर तुलसी और आँवले के वृक्ष के पूजन का विधान है | इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है | यदि नदियों में स्नान नहीं भी किया जा सके तो भी अपने घरों में ही ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके पूजा अर्चना आदि का विधान है | इस स्नान का जहाँ एक ओर धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं यह स्नान स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है | हल्की हल्की ठण्ड आरम्भ हो जाती है, ऐसे में शीतल जल से ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी रहता है ऐसा माना जाता है |

तुलसी, सूर्य और आँवले के वृक्ष को अर्घ्य समर्पित किया जाता है और दोनों सन्ध्याकाल में इन वृक्षों के निकट दीप प्रज्वलित किया जाता है | इन दोनों ही वृक्षों को स्वास्थ्य के लिए भी अत्यन्त उपयोगी माना जाता है | ऐसे में इन वृक्षों की पूजा अर्चना का महत्त्व और भी बढ़ जाता है | कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को वैकुण्ठ चतुर्दशी भी कहा जाता है और इस दिन विशेष रूप से आँवले का पूजन किया जाता है | तुलसी पत्र तोड़ने के लिए भी शास्त्रों में पूरा विधान बताया हुआ है, जिसके अनुसार “तुलसीं ये विचिन्वन्ति धन्यास्ते करपल्लवा:” अथवा

तुलस्यमृतजन्मासि सदा त्वं केशवप्रिया |

चिनोमि केशवस्यार्थे वरदा भव शोभने ||

त्वदंगसम्भवै: पत्रै: पूजयामि यथा हरिम् |

तथा कुरु पवित्रांगि ! कलौ मलविनाशिनी ||

मन्त्र का जाप करते हुए तुलसीपत्र तोड़ने चाहियें | श्रद्धा भक्तिपूर्वक पौधे को हिलाए बिना पत्र तोड़ने चाहियें |

साथ ही स्नान किये बिना, वैधृति तथा व्यातिपत योग में, मंगल शुक्र और रविवार में, द्वादशी अमावस्या और पूर्णिमा तथा संक्रान्तिकाल में, बच्चे के जन्म के समय, किसी की मृत्यु के समय, रात्रि और दोनों सन्ध्याओं में तुलसीपत्र तोड़ना निषिद्ध माना गया है | किन्तु यदि आवश्यकता हो तो नीचे गिरे तुलसीदल का प्रयोग किया जा सकता है |

इन समस्त कार्यों के बाद अन्त में सायंकाल दीपदान की प्रथा है | यह दीपक नदी, पोखर, तालाब आदि जल के स्थानों पर तथा मन्दिर आदि में किया जाता है | साथ ही आकाश में भी दीपदान किया जाता है – जिसे आकाशदीप (कंदील) के नाम से जाना जाता है | माना जाता है कि कार्तिक मास में जो व्यक्ति आकाशदीप का दान करता है उसे समस्त सुख तथा अन्त में मुक्ति प्राप्त होती है | आकाशदीप दान करते समय “दामोदराय विश्वाय विश्वरूपधराय च | नमस्कृत्वा प्रदास्यामि व्योमदीपं हरिप्रियम् ||” मन्त्र का जाप करने का विधान है |

वास्तविकता तो ये है कि केवल तुलसी और आँवले की ही नहीं अपितु वैदिक काल में तो सभी प्रकार के वृक्षों की पूजा अर्चना का विधान था तथा उनके पत्र, पुष्प, लकड़ी आदि काटने से पूर्व उनकी प्रार्थना की जाती और उनसे ऐसा करने की अनुमति ली जाती थी | ये समस्त प्रथाएँ तथा जलाशयों और आकाश आदि की पूजा अर्चना और दीपदान आदि धार्मिक प्रक्रियाएँ इसी तथ्य के द्योतक हैं कि उस समय जन साधारण प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति कितना अधिक संवेदनशील था | अपने जलाशयों, वृक्षों आदि की मनुष्य पूर्ण विधि विधान से पूजा अर्चना करता था उनके प्रति अनाचार कैसे कर सकता था ?

आज के युग में हम सभी का यह कर्तव्य है की इन समस्त धार्मिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने मात्र से ही अपने कर्तव्यों की इतिश्री मानकर न बैठ जाएँ, अपितु इनके माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान करना सीखें, वास्तविक धर्मपरायणता तो यही होगी और तभी हम पर्यावरण प्रदूषण तथा शुष्क होते जा रहे जलाशयों जैसी समस्याओं से निश्चित रूप से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं...

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/10/24/importance-of-kartik-month/

अगला लेख: ध्यान - खोज मन के भीतर - स्वामी वेदभारती जी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
14 अक्तूबर 2019
ध्यान धर्म नहीं है :पिछले अध्याय में हम चर्चा कर रहे थेकि भ्रमवश कुछ अन्य स्थितियों को भी ध्यान समझ लिया जाता है | जैसे चिन्तन मननअथवा सम्मोहन आदि की स्थिति को भी ध्यान समझ लिया जाता है | किन्तु हम आपको बता दें कि ध्यान न तोचिन्तन मनन है और न ही किसी प्रकार की सम्मोहन अथवा आत्म विमोहन की स्थिति है |
14 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
अभी मुझे खिलते जाना है नहींअभी है पूर्ण साधना, अभी मुझे बढ़ते जाना है |जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खिलते जाना है ||मैं प्रथमकिरण के रथ पर चढ़ निकली थी इस निर्जन पथ पर ग्रहनक्षत्रों पर छोड़ रही अपने पदचिह्नों को अविचल |नहींप्रश्न दो चार दिवस का, मुझको बड़ी दूर जाना है जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खि
12 अक्तूबर 2019
23 अक्तूबर 2019
बुध कावृश्चिक में गोचर आज कार्तिक कृष्ण दशमी को विष्टि करण और शुक्ल योगमें रात्रि ग्यारह बजकर बयालीस मिनट लगभग पर बुध मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि सेनिकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इसप्रवेश के समय बुध विशाखा नक्षत्र पर होगा | यहाँ से 29 अक्टूबर को अनुराधा नक्षत्र पर जाएगा | जहाँ
23 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
ध्यानऔर इसका अभ्यासकिसी विषय पर मनन करना अथवा सोचनाध्यान नहीं है :चिन्तन, मनन – विशेष रूप से कुछप्रेरणादायक विषयों जैसे सत्य, शान्ति और प्रेम आदिके विषय में सोचना विचारना अर्थात मनन करना – चिन्तन करना – सहायक हो सकता है, किन्तु यह ध्यान की प्रक्रिया से भिन्न प्रक्रिया है | मनन करने में आपअपने मन को
12 अक्तूबर 2019
11 अक्तूबर 2019
शरद पूर्णिमारविवार तेरह अक्तूबरको आश्विन मास की पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है का मोहकपर्व है | और इसके साथ ही पन्द्रह दिनों बाद आने वाले दीपोत्सव की चहल पहल आरम्भहो जाएगी | आज अर्द्धरात्र्योत्तर 12:36 परपूर्णिमा तिथि आरम्भ होगी और कल अर्द्धरात्र्योत्तर 2:38 तकरहेगी | देश के अलग
11 अक्तूबर 2019
27 अक्तूबर 2019
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँप्रिय मित्रों, प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ |दीपमालिका में प्रज्वलित प्रत्येक दीप की प्रत्येक किरण आपके जीवनमें सुख, समृद्धि, स्नेह और सौभाग्य कीस्वर्णिम आभा प्रसारित करे…. दिवाली पर्व है प्रकाश का – केवल दीयों का प्रकाशनहीं, मानव हृदय आलोकित हो जिससे ऐसे स्नेहरस मे
27 अक्तूबर 2019
19 अक्तूबर 2019
नक्कारखाने में तूतीदिनेश डाक्टरकुछ दिनों से कुछ मित्र धार्मिक वैमनस्य और अलगावबढ़ाने वाली हिन्दू मुसलमान वाली पोस्ट्स शेयर कर रहे हैं । पहले मैंने सोचा किउन्हें ब्लॉक कर दूं या उस प्रकार के ग्रुप्स छोड़ दूं । पर गहन विचार करने से इस निर्णय पर पहुंचा कियह समाधान नहीं होगा क्योंकि ये लोग बिना इस प्रक
19 अक्तूबर 2019
27 अक्तूबर 2019
दी
मन में जोद्वेष भरे हैं,दीपों की टीमटीम में सब जल जाएं। अगंध से जोदिल हैं हमारे,गेंदों की सुगंधसे महक जाएंभर जाएं । मुहब्बत जो अनकहेरह गए हैं,रंगोली के रंगोंसे खिल जाएंनिखर जाएं। इरादे जो डगमगसे हैं,गणपति सब पूरापक्का कर जाएं। जो मुश्किल है जीने में,लक्ष्मी अपने साथझोल
27 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
21 से 27 अक्टूबर2019 तक का साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
21 अक्तूबर 2019
25 अक्तूबर 2019
दीपावली जब से नजदीक आती जा रही है, मन अजीब सा हो रहा है। स्कूल आते जाते समय राह में बनती इमारतों/ घरों का काम करते मजदूर नजर आते हैं। ईंट रेत गारा ढोकर अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करनेवाले मजदूर मजदूरनियों को देखकर यही विचार आता है - कैसी होती होगी इन
25 अक्तूबर 2019
23 अक्तूबर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <
23 अक्तूबर 2019
17 अक्तूबर 2019
सूर्य का तुला में गोचरआज रात 25:03(अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर तीन मिनट) के लगभग बालव करण औरव्यातिपत योग में सूर्यदेव कन्या राशि से निकल कर तुला राशि में प्रविष्ट होजाएँगे | तुला राशि आत्मकारक सूर्य की नीच राशि भी होती है | सूर्य के इस प्रस्थानके समय आश्विन कृष्ण चतुर्थी तिथि होगी तथा सूर्य चित्रा नक
17 अक्तूबर 2019
14 अक्तूबर 2019
अर्थों को सार्थकता दे दें शब्दों के उदास होने पर अर्थ स्वयं पगला जातेहैं |आओ शब्दों को बहला दें, अर्थों को सार्थकता दे दें ||दिल का दीपक यदि जल जाए, जीवन भर प्रकाश फैलाए और दिये की जलती लौ में दर्द कहीं फिर नज़र न आए |स्नेह तनिक सा बढ़ जाए तो दर्द कहीं पर छिप जातेहैं आओ बाती को उकसा दें, प्रेममयी आभा
14 अक्तूबर 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x