क्षोभ - डॉ दिनेश शर्मा का लेख

25 अक्तूबर 2019   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (431 बार पढ़ा जा चुका है)

क्षोभ - डॉ दिनेश शर्मा का लेख

क्षोभ

दिनेश डॉक्टर

क्षोभ हिंदी का एक ऐसा शब्द है जिसके हूबहू भाव वाला शब्द शायद किसी दूसरी भाषा में न हो । क्षोभ यानी खीज और दुख वाला ऐसा क्रोध जिसमे आप खुद को असहाय अनुभव करें । क्षोभ ऐसे लोगों को ज्यादा होता है जो देश और समाज की छोटी छोटी चीजों को लेकर जरूरत से ज्यादा सेंसिटिव होते है । यानि के जो गैंडे की खाल वाले या चिकने घड़े होते है उन्हें क्षोभ होने की संभावना बहुत कम होती है ।

अब जैसे किसी पार्क में सिर्फ पैदल घूमने के सुंदर रास्ते पर आप शांत भाव से आनंद से चहलकदमी कर रहे है और अचानक ही कोई बाहुबली टाइप का बंदा साइकिल या मोटर साइकिल लेकर घुस आये तो आप यदि सेंसिटिव टाइप है तो आपको बहुत क्षोभ होगा पर आप कहेंगे और करेंगे कुछ नही । जैसे झाड़ू लगी साफ सड़क पर बस या कार की खिड़की से लोग पान की पीक थूकें, चिप्स के खाली रैपर और केले के छिलके उछालें तो गैंडे की खाल वालों और चिकने घड़ों को कोई फ़र्क़ नही पड़ेगा पर आप जैसे सेंसिटिव टाइप के बन्दे घर पहुंच कर भी क्षोभ में ही रहेंगे ।

पहले इधर उत्तर भारत में नवरात्रों के बाद उगाए हुए थोड़े बहुत यवों और उनकी मिट्टी को पूजा के बाद फूलों सहित चलती हुई नदी के जल में प्रवाहित करने की परम्परा थी पर अब पता नही कैसे इधर भी घर घर में महाराष्ट्र की रंग बिरंगे गणपति बैठा कर नदियों में प्रवाहित करने की परम्परा फैल गयी है । पहले से ही गंदा नाला बन चुकी नदियों के अंदर और किनारों तक बदरंग और अंगविहीन हुए गणपतियों के ढेर देखकर सेंसिटिव बंदों को जबरदस्त क्षोभ पकड़ लेता है ।

प्रसिद्ध लेखक असग़र वज़ाहत की एक लघु कथा है । पेंट की ज़िप खोलकर पवित्र नदी में मूतते हुए एक गैंडे की खाल वाले को जब एक सेंसिटिव बन्दा अत्यंत क्षुब्ध होकर, जो शायद लेखक खुद रहा हो, टोकता है तो मूतने वाला बन्दा बड़ी हेकड़ी और बदतमीज़ी से उसे यह कह कर कि नदी क्या उसके बाप की है, जलील कर देता है । सेंसिटिव बन्दा अत्यंत क्षोभ से पीड़ित घर पहुंचकर, पूरे किस्से पर लघु कथा लिखकर जैसे तैसे स्वयम को शांत करता है ।

दरअसल ये दौर सेंसिटिव बंदों के घुट घुट के मरने का चल रहा है । कभी उन्हें सड़क पर मोटर साइकिलों और कारों के तेज़ हार्न दुखी करते है तो कभी आसपास मोबाइल पर तेज़ आवाज में चिल्लाते लोग ।कभी वे सुबह सुबह अखबार की हैड लाइंस पढ़ते ही क्षुब्ध होने शुरू होते है तो कभी टेलीविजन चैनलों की चीखती ब्रेकिंग न्यूजों से उनका ब्लड प्रेशर ऊपर नीचे होना शुरू हो जाता है । उनकी भूख गायब हो रही है । आंख बन्द करते ही सपनो में लाठी छुरे बंदूक लिए लोग मारने को दौड़ रहे है । जैसे ही वे डर का इज़हार करने की ज़ुर्रत करते है तो लोग उन्हें देश छोड़ने की सलाह देकर सोशल मीडिया पर ट्रोल करने लगते है ।

आजकल बेचारे दुकानों पर गैंडे की खाल ढूंढते फिर रहे हैं ।

अगला लेख: प्यार भरे कुछ दीप जलाओ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
12 अक्तूबर 2019
अभी मुझे खिलते जाना है नहींअभी है पूर्ण साधना, अभी मुझे बढ़ते जाना है |जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खिलते जाना है ||मैं प्रथमकिरण के रथ पर चढ़ निकली थी इस निर्जन पथ पर ग्रहनक्षत्रों पर छोड़ रही अपने पदचिह्नों को अविचल |नहींप्रश्न दो चार दिवस का, मुझको बड़ी दूर जाना है जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खि
12 अक्तूबर 2019
10 अक्तूबर 2019
Bigg Boss-13 की शुरुआत हो चुकी है और ऐसे में घर में आने वाले कंटेस्टेंट्स का भी अपना-अपना शुरु हो गया। कोई खुद को अच्छा दिखाने में लगा है तो कोई बुरा बताना चाहता है। इस शो में यही तो खासियत है कि जो प्रतियोगी जितना लड़ते-झगड़ते हैं उन्हें उतना ही देखा जाना पसंद किया जाता है। बिग बॉस सीजन 11 में सलमा
10 अक्तूबर 2019
23 अक्तूबर 2019
बुध कावृश्चिक में गोचर आज कार्तिक कृष्ण दशमी को विष्टि करण और शुक्ल योगमें रात्रि ग्यारह बजकर बयालीस मिनट लगभग पर बुध मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि सेनिकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इसप्रवेश के समय बुध विशाखा नक्षत्र पर होगा | यहाँ से 29 अक्टूबर को अनुराधा नक्षत्र पर जाएगा | जहाँ
23 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
ध्यानऔर इसका अभ्यासकिसी विषय पर मनन करना अथवा सोचनाध्यान नहीं है :चिन्तन, मनन – विशेष रूप से कुछप्रेरणादायक विषयों जैसे सत्य, शान्ति और प्रेम आदिके विषय में सोचना विचारना अर्थात मनन करना – चिन्तन करना – सहायक हो सकता है, किन्तु यह ध्यान की प्रक्रिया से भिन्न प्रक्रिया है | मनन करने में आपअपने मन को
12 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
धर्म और मज़हब के नाम पर जो एक सिरफिरापन हर तरफ दिखाई दे रहा है उसी विषय पर एक अच्छा लेख डॉ दिनेश शर्मा का. .. सिरफिरेदिनेश डॉक्टरकुछ सिरफिरे इधर भी है और उधर भी !क्योंकि ये सिरफिरे है तो इनका सोच भी बेसिर पैर का ही है ।जैसे कुछ सोचते हैं कि बी
21 अक्तूबर 2019
10 अक्तूबर 2019
भारत में चुनाव का जब माहौल होता है तब कुछ ऐसे चेहरे सामने आते हैं जिन्हें आपने पहले कभी नहीं देखा होता है लेकिन चुनाव के दौरान वे आपसे ऐसे बात करते हैं जैसे उनका आपका सदियों का नाता हो। कुछ ऐसा ही अब महार
10 अक्तूबर 2019
11 अक्तूबर 2019
बॉलीवुड में हर कोई अमिताभ बच्चन जैसा मुकाम हासिल करना चाहता है और हर कोई उनके साथ एक बार काम भी करना चाहता है लेकिन ऐसा होना थोडी मुश्किल बात है। फिल्मों में अमिताभ बच्चन ने साल 1969 में फिल्म सात हिंदुस्तानी से अपने करियर की शुरुआत की थी, फिर इसके बाद कुछ फिल्में भी अमिताभ बच्चन की आई लेकिन उन्हें
11 अक्तूबर 2019
14 अक्तूबर 2019
आज के दौर में हर किसी को पहचान पाना मुश्किल है। महिला हो या पुरुष किसी का भी दिमाग गलत रास्ते पर निकल सकता है और आमतौर पर हम सभी पुरुष को ही गलत समझते हैं जबकि महिलाएं भी कुछ कम नहीं होती है। ऐसा ही एक किस्सा बिहार की राजधानी पटना में न
14 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
कार्तिक मास का महत्त्वकार्तिक मास चल रहा है और कल से पञ्चपर्वों की श्रृंखला दीपावली कामहान पर्व आरम्भ हो जाएगा | वास्तव में हिन्दू मान्यता में कार्तिक मास का विशेषमहत्त्व माना गया है | इसे भगवान विष्णु का महीना कहा जाता है तथा विष्णु पूजा काइस माह में विशेष महत्त्व माना जाता है | साथ ही ऐसी भी मान्य
24 अक्तूबर 2019
19 अक्तूबर 2019
नक्कारखाने में तूतीदिनेश डाक्टरकुछ दिनों से कुछ मित्र धार्मिक वैमनस्य और अलगावबढ़ाने वाली हिन्दू मुसलमान वाली पोस्ट्स शेयर कर रहे हैं । पहले मैंने सोचा किउन्हें ब्लॉक कर दूं या उस प्रकार के ग्रुप्स छोड़ दूं । पर गहन विचार करने से इस निर्णय पर पहुंचा कियह समाधान नहीं होगा क्योंकि ये लोग बिना इस प्रक
19 अक्तूबर 2019
14 अक्तूबर 2019
अर्थों को सार्थकता दे दें शब्दों के उदास होने पर अर्थ स्वयं पगला जातेहैं |आओ शब्दों को बहला दें, अर्थों को सार्थकता दे दें ||दिल का दीपक यदि जल जाए, जीवन भर प्रकाश फैलाए और दिये की जलती लौ में दर्द कहीं फिर नज़र न आए |स्नेह तनिक सा बढ़ जाए तो दर्द कहीं पर छिप जातेहैं आओ बाती को उकसा दें, प्रेममयी आभा
14 अक्तूबर 2019
17 अक्तूबर 2019
सूर्य का तुला में गोचरआज रात 25:03(अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर तीन मिनट) के लगभग बालव करण औरव्यातिपत योग में सूर्यदेव कन्या राशि से निकल कर तुला राशि में प्रविष्ट होजाएँगे | तुला राशि आत्मकारक सूर्य की नीच राशि भी होती है | सूर्य के इस प्रस्थानके समय आश्विन कृष्ण चतुर्थी तिथि होगी तथा सूर्य चित्रा नक
17 अक्तूबर 2019
13 अक्तूबर 2019
14 से 20 अक्टूबर2019 तक का साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
13 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x