धन्वन्तरी त्रयोदशी

25 अक्तूबर 2019   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (465 बार पढ़ा जा चुका है)

धन्वन्तरी त्रयोदशी

धनतेरस - धन्वन्तरी त्रयोदशी

आज धनतेरस है – यानी देवताओं के वैद्य धन्वन्तरी की जयन्ती – धन्वन्तरी त्रयोदशी | प्राचीन काल में इस पर्व को इसी नाम से मनाते थे | कालान्तर में धन्वन्तरी का केवल “धन” शेष रह गया और इसे जोड़ दिया गया धन सम्पत्ति के साथ, स्वर्णाभूषणों के साथ | पहले केवल पीतल के बर्तन खरीदने की प्रथा थी क्योंकि वैद्य धन्वन्तरी की प्रिय धातु पीतल मानी जाती है | लेकिन आजकल तो आभूषणों की दुकानों पर आज के दिन लोग पागलों की तरह टूटे पड़ते हैं | किन्तु संसार के प्रथम चिकित्सक देवताओं के वैद्य धन्वन्तरी – जिन्हें स्वयं देवता की पदवी प्राप्त हो गई थी - का स्मरण शायद ही कुछ लोग करते हों – जिनका जन्मदिन वैदिक काल से धन्वन्तरी त्रयोदशी के नाम से मनाया जाता रहा है | आज सुबह से और कल से भी “धनतेरस” की शुभकामनाओं के मैसेजेज़ की भरमार है व्हाट्सएप और दूसरी सोशल नेटवर्किंग साईट्स पर, लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य भूल चुके हैं – वैद्य धन्वन्तरी की जयन्ती... ऐसा शायद इसलिए कि हम “पहला सुख निरोगी काया...” की प्राचीन कहावत को भूल चुके हैं...

इस दिन नया बर्तन खरीदने की प्रथा के अनेकों कारण हो सकते हैं | एक तो ऐसी मान्यता है कि क्योंकि वैद्यराज धन्वन्तरी हाथ में अमृतकलश लिए प्रकट हुए थे तो उसी के प्रतीक स्वरूप नवीन पात्र खरीदने की प्रथा चली होगी | दूसरे, प्राचीन काल में हर दिन नया सामान नहीं खरीदा जाता था – एक तो खरीदने की क्षमता नहीं थी, दूसरे अधिकतर लोग खेतिहर थे और सारा समाज इससे प्रभावित होता था, तो उनके पास इतना समय ही नहीं होता था | इसलिए तीज त्योहारों पर ही खरीदारी प्रायः की जाती थी | और दीपावली का पर्व क्योंकि पाँच पर्वों के साथ आता है इसलिए इस पर्व का कुछ अधिक ही उत्साह होता था तो दीपावली से एक दिन पूर्व धन्वन्तरी भगवान की पूजा और दूसरे दिन लक्ष्मी पूजन के निमित्त नवीन पात्र खरीद लिया जाता था और साथ में घर गृहस्थी में काम आने वाली अन्य वस्तुएँ जैसे बर्तन आदि भी खरीद लिए जाते थे |

बहरहाल, वैद्य धन्वन्तरी एक महान चिकित्सक थे और इन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता था | समुद्र मन्थन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को इनका अवतरण हुआ था, और इनके एक दिन बाद अर्थात कार्तिक कृष्ण अमावस्या को भगवती लक्ष्मी का | इसीलिए कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धन्वन्तरी त्रयोदशी के रूप में मनाये जाने की प्रथा थी और अमावस्या को लक्ष्मी पूजन का विधान था |

माना जाता है वैद्य धन्वन्तरी ने ही अमृततुल्य औषधियों की खोज की थी | भाव प्रकाश, चरक संहिता आदि अनेक ग्रन्थों में इनके अवतरण के विषय में विवरण प्राप्त होते हैं | जिनमें थोड़े बहुत मतान्तर हो सकते हैं, लेकिन एक तथ्य पर सभी एकमत हैं – और वो यह है कि वैद्य धन्वन्तरी सभी रोगों के निवारण में निष्णात थे | उन्होंने भारद्वाज ऋषि से आयुर्वेद ग्रहण करके उसे अष्टांग में विभाजित करके अपने शिष्यों में बाँट दिया था | काशी नगरी के संस्थापक काशीराज की चतुर्थ पीढ़ी में आने वाले वैद्य धन्वन्तरी को पौराणिक काल में वही महत्त्व प्राप्त था जो वैदिक काल में अश्विनी कुमारों को था |

इस वर्ष आज सायंकाल सात बजकर दस मिनट के लगभग त्रयोदशी तिथि का आगमन हो रहा है जो कल दिन में तीन बजकर छियालीस मिनट तक रहेगी | प्रदोषकाल सायंकाल 5:42 से रात्रि 8:15 तक रहेगा | वृषभ लग्न सायंकाल 6:51 से रात्रि 8:45 तक रहेगी | इस प्रकार यही समय धनतेरस की पूजा के लिए अनुकूल समय है… आज ही प्रदोष व्रत भी है और उसका पारायण भी प्रदोषकाल में किया जाएगा… यम दीपक भी इसी समय प्रज्वलित किया जाएगा…

देवताओं के वैद्य तथा आयुर्वेद के जनक वैद्य धन्वन्तरी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए सभी को धन्वन्तरी त्रयोदशी – धनतेरस – की हार्दिक शुभकामनाएँ... इस आशा के साथ कि सभी के पास प्रचुर मात्रा में स्वास्थ्य रूपी धन रहे... क्योंकि उत्तम स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं... ये धन हमारे पास है तो हम अपने सभी कार्य समय पर और पूर्ण उत्साह के साथ सम्पन्न करते हुए अपनी समस्त भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी उचित रूप से कर सकते हैं...

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/10/25/dhanteras-dhanvantari-trayodashi/

अगला लेख: प्यार भरे कुछ दीप जलाओ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
24 अक्तूबर 2019
कार्तिक मास का महत्त्वकार्तिक मास चल रहा है और कल से पञ्चपर्वों की श्रृंखला दीपावली कामहान पर्व आरम्भ हो जाएगा | वास्तव में हिन्दू मान्यता में कार्तिक मास का विशेषमहत्त्व माना गया है | इसे भगवान विष्णु का महीना कहा जाता है तथा विष्णु पूजा काइस माह में विशेष महत्त्व माना जाता है | साथ ही ऐसी भी मान्य
24 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
धर्म और मज़हब के नाम पर जो एक सिरफिरापन हर तरफ दिखाई दे रहा है उसी विषय पर एक अच्छा लेख डॉ दिनेश शर्मा का. .. सिरफिरेदिनेश डॉक्टरकुछ सिरफिरे इधर भी है और उधर भी !क्योंकि ये सिरफिरे है तो इनका सोच भी बेसिर पैर का ही है ।जैसे कुछ सोचते हैं कि बी
21 अक्तूबर 2019
22 अक्तूबर 2019
धनतेरस का पर्व दिवाली से ठीक 2 दिन पहले मनाया जाता है। यह पर्व बहुत ही खास होता है इस बार तो यह पर्व और भी खास होने वाला है। इस बार धनतेरस पर लग्नादि, चंद्र, मंगल, सदा संचार और अष्टलक्ष्मी फलदायी के संयोग बन रहे है जो इस दिन को बहुत खास बना
22 अक्तूबर 2019
14 अक्तूबर 2019
ध्यान धर्म नहीं है :पिछले अध्याय में हम चर्चा कर रहे थेकि भ्रमवश कुछ अन्य स्थितियों को भी ध्यान समझ लिया जाता है | जैसे चिन्तन मननअथवा सम्मोहन आदि की स्थिति को भी ध्यान समझ लिया जाता है | किन्तु हम आपको बता दें कि ध्यान न तोचिन्तन मनन है और न ही किसी प्रकार की सम्मोहन अथवा आत्म विमोहन की स्थिति है |
14 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
21 से 27 अक्टूबर2019 तक का साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
21 अक्तूबर 2019
23 अक्तूबर 2019
भारतीय संस्कृति के अनुसार दिवाली साल का प्रमुख त्यौहार और बड़ा पर्व होता है। दिवाली का त्यौहार जीवन में ख़ुशी, उल्लास, नयी रौशनी लेकर आता है। इस बार दिवाली 27 अक्टूबर को आ रही है। यह त्यौहार क्यों खास है इसका पता बाज़ारो की रौनक से पता लगाया जा सकता है। चारो तरफ सजावट, बाजार
23 अक्तूबर 2019
12 अक्तूबर 2019
अभी मुझे खिलते जाना है नहींअभी है पूर्ण साधना, अभी मुझे बढ़ते जाना है |जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खिलते जाना है ||मैं प्रथमकिरण के रथ पर चढ़ निकली थी इस निर्जन पथ पर ग्रहनक्षत्रों पर छोड़ रही अपने पदचिह्नों को अविचल |नहींप्रश्न दो चार दिवस का, मुझको बड़ी दूर जाना है जगमें नेह गन्ध फैलाते अभी मुझे खि
12 अक्तूबर 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x