ज़िन्दगी है

04 नवम्बर 2019   |  tejaswi यदलपति   (429 बार पढ़ा जा चुका है)

ज़िन्दगी है चलना हैं तो चलना हैं


रास्ते में काटें हैं

उनको कुचलकर चलो

रास्ते में फूल हैं

उनको सूँघकर चलो

रास्ते में हार हैं

उसको हराकर चलो

रास्ते में जीत हैं

उसको गले लग कर चलो

रास्ते में यादें हैं

उनको मुट्ठी में बंद करके चलो

रास्ते में सबक हैं

उसको धौराते चलो


ज़िन्दगी हैं चलना हैं तो चलना हैं


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