अच्छा जीवन

05 नवम्बर 2019   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (3125 बार पढ़ा जा चुका है)

अच्छा जीवन

अच्छा जीवन

कल कोई मित्र घर पर आए हुए थे | बातों बातों में वो कहने लगे “हम तो और कुछ नहीं चाहते, बस इतना चाहते हैं कि हमारा बेटा अच्छा जीवन जीये... अब देखो जी वो हमारे साले का बेटा है, अभी तीन चार साल ही तो नौकरी को हुए हैं, और देखो उसके पास क्या नहीं है... एक ये हमारे साहबजादे हैं, इनसे कितना भी कहते रहो कि भाई से कुछ सीखो, पर इनके तो कानों पर जूँ नहीं रेंगती... इतना कहते हैं भाई सपने बड़े देखोगे तभी बड़े आदमी बनोगे...”

उनका बेटा बहू भी वहीं बैठे थे तो बेटा “क्या पापा आप भी न हर समय बस...” बोलकर वहाँ से उठ गया और दूसरे कमरे में जा बैठा | मैं सोचने लगी “अच्छा जीवन” की हमारी परिभाषा क्या है ? ये जो इनका बेटा अभी इनसे अप्रसन्न होकर यहाँ से उठकर चला गया क्या यही है “अच्छा जीवन” ? जबकि इसके पास भी तो सारी सुख सुविधाएँ हैं, फिर ये क्यों इसकी तुलना अपने भतीजे से कर रहे हैं ? क्या तथाकथित “बड़े सपने” देखना अच्छा जीवन है ? जितना कुछ अपने पास है उससे अधिक प्राप्त करने के सपने देखना अच्छा जीवन है ? जो कुछ अपने पास है उसे सुरक्षित रखने के सपने देखना अच्छा जीवन है ? क्योंकि “बड़े सपने देखकर ही तो बड़े कार्य करने में सक्षम हो पाएँगे | क्योंकि तब हम “बड़े सपने” सत्य करने का प्रयास करेंगे” |

बड़े सपने तो कुछ भी हो सकते हैं – जैसे अथाह धन सम्पत्ति तथा भोग विलास के भौतिक साधनों को एकत्र करना भी हो सकता है, अथवा आत्मोन्नति के लिए प्रयास करना... दूसरों की निस्वार्थ भाव से सेवा करना... अपने भीतर के सुख और सन्तोष में वृद्धि करना ताकि उसके द्वारा हम दूसरों के जीवन में भी वही सुख और सन्तोष प्रदान कर सकें आदि भी हो सकता है... और इस सबके लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है...

यों देखा जाए तो सपने “छोटे या बड़े” हमारी कल्पना की तथा पारिवारिक और सामाजिक व्यवस्थाओं की उपज होते हैं | जबकि वास्तव में सपना सपना होता है – न छोटा न बड़ा... एक साकार हो जाए तो दूसरा आरम्भ हो जाता है... कई बार जीवन में कुछ ऐसी अनहोनी घट जाती है कि हमें लगने लगता है हमारे सारे स्वप्न समाप्त हो गए, कहीं खो गए | सम्भव है जीवन की आपा धापी में हम दूसरों की अपेक्षा कहीं पीछे छूट गए हों, अथवा अकारण ही दैवकोप के कारण हमारा कुछ विशिष्ट हमसे छिन गया हो, या ऐसा ही बहुत कुछ – जिसकी कल्पना मात्र से हम सम्भव हैं काँप उठें... किन्तु इसे दु:स्वप्न समझकर भूल जाने में ही भलाई होती है... एक “बड़ा” स्वप्न टूटा तो क्या ? फिर से नवीन स्वप्न सजाने होंगे... तभी हम आगे बढ़ सकेंगे... जीवन सामान्य रूप से जी सकेंगे... अपने साथ साथ दूसरों के भी सपनों को साकार कर सकेंगे...

और यही है वास्तव में वह अनुभूति जिसे हम कहते हैं “अच्छा जीवन”... हम जीवन में कितने भी सम्बन्ध बना लें, कितनी भी धन सम्पत्ति एकत्र कर लें, किन्तु कुछ भी सदा विद्यमान नहीं रहता... सब कुछ नश्वर है... मानव शरीर की ही भाँति... जो पञ्चतत्वों से निर्मित होकर पञ्चतत्व में ही विलीन हो जाता है... तो क्यों न कोई ऐसा “बड़ा” स्वप्न सजाया जाए जो हमारे आत्मोत्थान में सहायक हो...? ताकि हमारी “अच्छे जीवन” की परिभाषा सत्य सिद्ध हो सके...

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/11/05/a-good-life/

अगला लेख: नरक चतुर्दशी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 अक्तूबर 2019
लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान वोटिंग टाइम में एक महिला की फोटो वायरल हो रही थी। पीली साड़ी में एक खूबसूरत महिला वोटिंग के दौरान सोशल मीडिया पर छाई हुई थी। मगर पुख्ता जानकारी नहीं मिली थी कि ये तस्वीर आखिर है कहां की और ये किसने वायरल की। मगर अब एक बार फिर पीली साड़ी वाली महिला की तस्वीर वायरल हो रही है
22 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
धर्म और मज़हब के नाम पर जो एक सिरफिरापन हर तरफ दिखाई दे रहा है उसी विषय पर एक अच्छा लेख डॉ दिनेश शर्मा का. .. सिरफिरेदिनेश डॉक्टरकुछ सिरफिरे इधर भी है और उधर भी !क्योंकि ये सिरफिरे है तो इनका सोच भी बेसिर पैर का ही है ।जैसे कुछ सोचते हैं कि बी
21 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
लक्ष्मीपूजन का मुहूर्तजैसा कि सभी जानते हैं कि दीपावली बुराई, असत्य, अज्ञान, निराशा, निरुत्साह, क्रोध, घृणा तथा अन्य भी अनेक प्रकार के दुर्भावोंरूपी अन्धकार पर सत्कर्म, सत्य, ज्ञान,आशा तथा अन्य अनेकों सद्भावों रूपी प्रकाश की विजय का पर्व है और इस दीपमालिका केप्रमुख दीप हैं सत्कर्म, सत्य, ज्ञान, आशा,
24 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
देशभर में दीपावली का माहौल चल रहा है और हर कोई खरीददारी में लगा हुआ है। 25 अक्टूबर को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा और इस दिन आमतौर पर लोग बर्तन, सोना या चांदी खरीदते हैं, लेकिन इस विधायक ने ऐसा बयान दे दिया है कि आपको इनकी बात सही भी लग सकती है और गलत भी। ये बयान भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने कही ह
21 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
21 से 27 अक्टूबर2019 तक का साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
21 अक्तूबर 2019
25 अक्तूबर 2019
क्षोभदिनेश डॉक्टरक्षोभ हिंदी का एक ऐसा शब्द है जिसके हूबहू भाववाला शब्द शायद किसी दूसरी भाषा में न हो । क्षोभ यानी खीज और दुख वाला ऐसा क्रोधजिसमे आप खुद को असहाय अनुभव करें । क्षोभ ऐसे लोगों को ज्यादा होता है जो देश औरसमाज की छोटी छोटी चीजों को लेकर जरूरत से ज्यादा सेंसिटिव होते है । यानि के जोगैंडे
25 अक्तूबर 2019
28 अक्तूबर 2019
गोवर्धन पूजा, भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्तजयन्तीकल सबने ख़ूब धूमधाम से दीपोत्सव तथा लक्ष्मी पूजन का आयोजन किया | आज यानी दीपावली के अगले दिन –पाँच पर्वों की इस श्रृंखला की चतुर्थ कड़ी है – गोवर्धन पूजा और अन्नकूट | इस त्यौहार का भारतीय लोक जीवन में काफी महत्व है | इसकेपीछे एक कथा प्रसिद्ध है कि ए
28 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले हैं और ऐसे में कांग्रेस, बीजेपी और केजरीवाल ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। हर कोई अपनी पार्टी को अच्छा साबित करने की प्रक्रिया शुरु कर चुका है। इसी मैदानी जंग मे अपने पिता का समर्थन करने के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी भी उतर आई हैं। उन्हें दिल
21 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
भारत में कुछ जगहें ऐसी हैं जहां पर नकल कराकर पास करवाने की अलग से फीस लगती है और अगर कोई फीस नहीं दे पाता है तो उन्हें फेल कर दिया जाता है। स्टूडेंट्स स्कूल प्रशासन की बातों में आकर ऐसी फीस देने को तैयार भी हो जाते हैं क्योकि उन्हें अच्छे मार्क्स से मतलब होता है। मगर कर्नाटक के स्कूल में छात्रों के
21 अक्तूबर 2019
22 अक्तूबर 2019
इस संसार में महिलाओं का जीवन सरल नहीं है और हर पग पर उन्हें कोई ना कोई परीक्षा देनी होती है। उनके ही कारण रमायण, महाभारत जैसे कई युद्ध हुए लेकिन फिर भी हिंदू धर्म में कहीं ना कहीं महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है। मगर इस्लामिक धर्म
22 अक्तूबर 2019
19 अक्तूबर 2019
अहोई अष्टमी व्रत17 अक्तूबर को करवाचौथ का व्रत था | करवाचौथ के चार दिन बाद और दीपावली से आठदिन पूर्व यानी 21 अक्तूबर को कार्तिक कृष्ण अष्टमी अहोई अष्टमी के रूप में मनाई जाती है | यह व्रत भी करवाचौथकी ही भाँति उत्तरी और पश्चिमी अंचलों का पर्व है और प्रायः ऐसी मान्यता है कि जिस दिन दीपावली हो उसी इन अह
19 अक्तूबर 2019
21 अक्तूबर 2019
कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक ही नाम और एक ही धुन खूब छाई हुई थी। कोलकाता के रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपना पेट भरने वाली रानू मंडल ने पिछले दिनों खूब लोकप्रियता बटोरी। सोशल मीडिया पर उन्हें काफी सहानुभूति मिली और धीरे-धीरे वे स्टेशन से बॉलीवुड तक पहुंच गई, इतना ही नहीं म्यूजिक डायरेक्टर हिमेश रेश
21 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
कार्तिक मास का महत्त्वकार्तिक मास चल रहा है और कल से पञ्चपर्वों की श्रृंखला दीपावली कामहान पर्व आरम्भ हो जाएगा | वास्तव में हिन्दू मान्यता में कार्तिक मास का विशेषमहत्त्व माना गया है | इसे भगवान विष्णु का महीना कहा जाता है तथा विष्णु पूजा काइस माह में विशेष महत्त्व माना जाता है | साथ ही ऐसी भी मान्य
24 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x