सुख और दुःख

06 नवम्बर 2019   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (2816 बार पढ़ा जा चुका है)

सुख और दुःख

सुख और दुःख

जीवन में अनुभूत सुख अथवा दुःख अच्छे या बुरे जीवन का निर्धारण नहीं करते | क्योंकि जीवन सुख-दुख, आशा-निराशा, मान-अपमान, सफलता-असफलता, दिन-रात, जीवन-मृत्यु आदि का एक बड़ा उलझा हुआ सा लेकिन आकर्षक चित्र है | सुखी व्यक्ति वह नहीं है जो सदा “सुखी” रहता है, बल्कि सुखी व्यक्ति वह है जो दुःख में भी सुख का अनुभव करता है – जो जीवन के इन दोनों किनारों को भली भाँति समझता है | ऐसा करने से उसमें स्वीकार्यता (Acceptance) का भाव आ जाता है | हमारे पास क्या है या क्या नहीं है इस बात से हमारे सुख का निर्णय नहीं होता | यदि हम भीतर से सुखी हैं, तो भले ही सारा संसार हमें दुखी सिद्ध करने के प्रयास में जुट जाए, हम सुखी ही रहेंगे |

वास्तव में देखा जाए तो सुख और दुःख का न तो कोई अपना व्यक्तिगत अस्तित्व है और न ही कोई ठोस और सर्वमान्य आधार | क्योंकि कुछ परिस्थितियों में एक व्यक्ति सुखी रह सकता है तो वहीं दूसरा व्यक्ति दुःख का अनुभव कर सकता है | साथ ही इनकी निरंतरता तथा स्थायित्व भी नहीं होता | एक के आने पर दूसरा कहीं खो जाता है और तब हमें दूसरे का स्मरण भी नहीं रहता | साथ ही दोनों एक दूसरे के पूरक भी हैं | एक के बिना दूसरे के महत्त्व का भान हो ही नहीं सकता | है न कितनी विचित्र बात ? वस्तुतः अनुकूलताओं में सुखी और प्रतिकूलताओं में दुखी हो जाना हमारा स्वभाव बन जाता है |

अस्तु, अच्छा जीवन जीने का अर्थ है कि सुख हो या दुःख, हर्ष हो या विषाद, आशा हो या निराशा, हर स्थिति में चेहरे पर मुस्कान खिली रहे, खुलकर हँसी बिखरती रहे, और इस तथ्य को स्वीकार करके ईश्वर को धन्यवाद देते रहें कि हमारे पास वो सब कुछ है जिसकी हमें आवश्यकता है | जब हम नींद से जागते हैं तो पूरे चौबीस घंटे हमारे पास होते हैं हमारे अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए और जीवन को सुख और शान्ति से व्यतीत करने के लिए | हमारे पास पूरा समय होता है आत्मोन्नति के प्रयास के लिए | हमारे पास पूरा समय होता है किसी दुखी के जीवन में आशा, विश्वास, अपनेपन और प्रेम का प्रसार करने के लिए | यदि हमारे मन में हमारी सम्भावनाओं और योग्यताओं के प्रति विश्वास है और मन आशा तथा उत्साह से भरपूर है तो हम कठिन से कठिन समस्याओं का भी समाधान सरलता से खोज सकते हैं | यदि हमारे मन में प्रेम की भावना है तो जो कुछ भी हम सोचेंगे अथवा करेंगे वह सब सौन्दर्य और प्रसन्नता से भरपूर होगा... समस्त भारतीय संस्कृति और दर्शनों का यही तो सार है...

सुख दुःख दोनों जीवन साथी, एक दिया है एक है बाती |

किन्तु स्नेह के बिना व्यर्थ है दीप और दीपक की बाती ||

सुख जाता है दुःख को देकर, दुःख जाता है सुख को देकर |

सुख देकर जाने वाले से डरना क्यों और बचना क्यों ||

अगला लेख: ४ नवम्बर से १० नवम्बर तक का साप्ताहिक राशिफल



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
03 नवम्बर 2019
4 से 10 नवम्बर2019 तक का साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर आध
03 नवम्बर 2019
07 नवम्बर 2019
ध्यानके लिए समय निकालना और उसकी नियमितता बनाए रखनाध्यान के लिए समय निकालना :ध्यान का अभ्यास रात को अथवा दिन मेंकिसी भी समय किया जा सकता है | किन्तु प्रातःकाल अथवा सायंकाल का समय ध्यान के लिएआदर्श समय होता है – क्योंकि इस समय का वातावरण ध्यान में सहायक होता है | आपकेचारों ओर का संसार शान्त होता है और
07 नवम्बर 2019
23 अक्तूबर 2019
19 अक्टूबर को हिंदू सभा के नेता कमलेश तिवारी की कुछ लोगों ने बेरहमी के साथ हत्या कर दी। ये हत्या उनके ही लखनऊ स्थित कार्यालय में हुई थी और गुनहगार उनसे मिलने के बहाने मिठाई के डिब्बों के साथ आए थे। उन लोगों ने पहले चाय मांगी और जब कमलेश तिवारी ने अपने पीए को चाय लाने के लिए कहा तो उसके जाने के बाद ह
23 अक्तूबर 2019
23 अक्तूबर 2019
बुध कावृश्चिक में गोचर आज कार्तिक कृष्ण दशमी को विष्टि करण और शुक्ल योगमें रात्रि ग्यारह बजकर बयालीस मिनट लगभग पर बुध मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि सेनिकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इसप्रवेश के समय बुध विशाखा नक्षत्र पर होगा | यहाँ से 29 अक्टूबर को अनुराधा नक्षत्र पर जाएगा | जहाँ
23 अक्तूबर 2019
22 अक्तूबर 2019
इस संसार में महिलाओं का जीवन सरल नहीं है और हर पग पर उन्हें कोई ना कोई परीक्षा देनी होती है। उनके ही कारण रमायण, महाभारत जैसे कई युद्ध हुए लेकिन फिर भी हिंदू धर्म में कहीं ना कहीं महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है। मगर इस्लामिक धर्म
22 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
लक्ष्मीपूजन का मुहूर्तजैसा कि सभी जानते हैं कि दीपावली बुराई, असत्य, अज्ञान, निराशा, निरुत्साह, क्रोध, घृणा तथा अन्य भी अनेक प्रकार के दुर्भावोंरूपी अन्धकार पर सत्कर्म, सत्य, ज्ञान,आशा तथा अन्य अनेकों सद्भावों रूपी प्रकाश की विजय का पर्व है और इस दीपमालिका केप्रमुख दीप हैं सत्कर्म, सत्य, ज्ञान, आशा,
24 अक्तूबर 2019
30 अक्तूबर 2019
छठ पूजाशनिवार दो नवम्बर - कार्तिकशुक्ल षष्ठी - छठ पूजा का पावन पर्व – जिसका आरम्भ कल यानी कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से ही हो जाएगाऔर सारा वातावरण “हमहूँ अरघिया देबई हे छठी मैया” और “कांच ही बाँस के बहंगियाबहंगी चालकत जाए” जैसे मधुर लोकगीतों से गुंजायमान हो उठेगा | सर्वप्रथम सभी को छठ पूजा की हार्दिक शुभ
30 अक्तूबर 2019
25 अक्तूबर 2019
क्षोभदिनेश डॉक्टरक्षोभ हिंदी का एक ऐसा शब्द है जिसके हूबहू भाववाला शब्द शायद किसी दूसरी भाषा में न हो । क्षोभ यानी खीज और दुख वाला ऐसा क्रोधजिसमे आप खुद को असहाय अनुभव करें । क्षोभ ऐसे लोगों को ज्यादा होता है जो देश औरसमाज की छोटी छोटी चीजों को लेकर जरूरत से ज्यादा सेंसिटिव होते है । यानि के जोगैंडे
25 अक्तूबर 2019
07 नवम्बर 2019
देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह हिन्दू धर्म मेंएकादशी तिथि का विशेष महत्त्व है | Astrologers तथा पौराणिकमान्यताओं के अनुसार प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशी होतीहै, और अधिमास हो जाने पर ये छब्बीस हो जाती हैं | इनमें से आषाढ़ शुक्ल एकादशी को जब सूर्य मिथुन राशि में संचार करता
07 नवम्बर 2019
22 अक्तूबर 2019
भारत में जहां बहुत से लोग नरेंद्र मोदी के समर्थक और उन्हें पसंद करने वाले हैं वहीं उन्हें नापसंद करने वालों की संख्या भी कम नहीं है। पीएम के रूप में नरेेंद्र मोदी ने जितने भी अहम फैसले लिए है उऩके अधिकतर लोग नाराज और आक्रोशित ही हैं। फिर अगर उनकी सत्ता के दौरान अगर किसी की मौत हत्या करके हो जाती है
22 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
उज्जैन (मध्यप्रदेश) निवासी आदरणीय पंडित सूर्य नारायण व्यास वह मूर्धन्य विद्वान ज्योतिषी थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता का मुहूर्त 14 अगस्त की रात्रिकालीन अभिजीत (12 बजे ) या ये कहें की 15 अगस्त की सुबह 00 बजे का निकला था l स्वतंत्र भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि दिल्ली में हुआ था और कुंडल
24 अक्तूबर 2019
28 अक्तूबर 2019
गोवर्धन पूजा, भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्तजयन्तीकल सबने ख़ूब धूमधाम से दीपोत्सव तथा लक्ष्मी पूजन का आयोजन किया | आज यानी दीपावली के अगले दिन –पाँच पर्वों की इस श्रृंखला की चतुर्थ कड़ी है – गोवर्धन पूजा और अन्नकूट | इस त्यौहार का भारतीय लोक जीवन में काफी महत्व है | इसकेपीछे एक कथा प्रसिद्ध है कि ए
28 अक्तूबर 2019
24 अक्तूबर 2019
कार्तिक मास का महत्त्वकार्तिक मास चल रहा है और कल से पञ्चपर्वों की श्रृंखला दीपावली कामहान पर्व आरम्भ हो जाएगा | वास्तव में हिन्दू मान्यता में कार्तिक मास का विशेषमहत्त्व माना गया है | इसे भगवान विष्णु का महीना कहा जाता है तथा विष्णु पूजा काइस माह में विशेष महत्त्व माना जाता है | साथ ही ऐसी भी मान्य
24 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x