एक बच्चे के मन की उलझन

07 नवम्बर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (2538 बार पढ़ा जा चुका है)



किसी ने कहा अपनी प्रतिभा
निखारो।

किसी ने कहा धन कमाने में
ध्यान लगाओ।

किसी ने कहा शोहरत का
शौक रखो।

पर किसी ने नहीं कहा
कि अच्छा इंसान बनकर
दिखाओ।

सोचता हूं मैं आजकल यही
कि स्कूलों से सफल इंसान बनकर
सब निकल रहे है, जिनकी गिनती में
कैलकुलेटर भी कम पड़ रहे हैं।
लेकिन अच्छे इंसान कितने बन रहे है,
ये हम उंगलियों पर आसानी
से गिन पा रहे हैं।

शिल्पा रोंघे

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रेणु
10 नवम्बर 2019

बहुत सही प्रिय शिल्पा जी | संस्कारों की कमी है बाकी सब कुछ है | इसके पीछे यही बात है जो आपने लिखी | लिखते रहिये मेरी शुभकामनायें |

शिल्पा रोंघे
11 नवम्बर 2019

शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद रेणु जी

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