ब्रम्हास्त्र- एक रहस्य भाग 2

07 नवम्बर 2019   |  दिनेश कुमार दिवाकर   (433 बार पढ़ा जा चुका है)

अब आगे..........

मां- तू सो जा बेटा, आज सुबह ही हम किसी अच्छे सैकेस्क्रिक के पास जायेंगे।

रोहित फिर अपने सपनों की दुनिया में खो जाता है, सुबह रोहित के मम्मी पापा उसे लेकर एक पहचान के सैकेस्ट्रिक के पास जाते हैं।

सै.- अच्छा तो इसे कब से ये सारे सपने दिखाए देते हैं ?

मां- बचपन में कभी कभी रोहित इन सपनों का जिक्र किया करता था लेकिन अब तो लगभग रोजाना वह सपना इसे दिखाई देता है, पहले तो हमने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन अब.....

सै.- ओ.के. जस्ट रिलैक्स

अच्छा तो रोहित क्या तुम इस सपने के बारे में और कुछ बता सकते हो मेरा मतलब ये सारे घटनाएं तुमने कही देखा हो या कल्पना किया हो ?

रोहित- नहीं ऐसा घटना तो मैंने कभी नहीं देखा और ना ही इसके बारे में कल्पना किया हू हां  लेकिन कभी कभी मुझे एक और सपना दिखाईं देता है !

सै.- और एक सपना, बताओ कैसा सपना दिखाईं देता है।

रोहित- एक पुराने जमाने की गाड़ी जो जगह जगह से डैमेज हो गया है उसमें एक पती पत्नी बैठे थे जो दिखने में किसी राजघराने के लगते थे और पीछे एक प्यारा सा बच्चा बैठा डर से कांप रहा था क्योंकि उसके मम्मी पापा जो बहुत घायल हो चुके थे किसी तरह अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी गाड़ी का बैलेंस बिगड़ा और गाड़ी एक पेड़ से जा टकराया।

बड़ी मुश्किल से वो तीनों गाड़ी से बाहर निकले फिर उस आदमी ने अपनी पत्नी से कहा- रूखमणी हमारे बेटे को बचाना जरूरी है क्योंकि अब यही ब्रम का आखिरी वारिस है, उस कुल की रक्षा करने के लिए इसे जिना होगा, उन दुष्टों का अंत करने के लिए इसे जिना होगा।

तुम इसे लेकर यहां से चली जाओ मैं उन दुष्टों को रोकता हूं।

लेकिन मैं आपको इस हालत में अकेला कैसे छोड़ दूं.... रूखमणी रोते हुए बोली

तुम मेरी चिंता मत करो, तुम हमारे बेटे को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाओ अगर ये उन दुष्टों के हाथ लग गया तो उस श्राप से उस परिवार को कोई नहीं बचा पाएगा......जाओ तुम मेरी चिंता मत करो

है.- उसके बाद, उसके बाद क्या हुआ ?

रोहित- उसके बाद वह महिला उस बच्चे को लेकर वहां से चली गई

सै.- अच्छा, अपने दिमाग पर थोड़ा जोर लगा कर बताओ कोई ऐसी चीज जो तुमने उस सपने में देखा हो ?

रोहित- ऐसा तो कुछ याद नहीं आ रहा...... अरे हां लाकेट

सै- लाकेट कैसा लाकेट ?

रोहित- हां लाकेट उस बच्चे के गले में एक लाकेट था जिसमें सूर्य जैसा आकार बना था। और उस बच्चे का चेहरा मुझे पहचाना पहचाना लग रहा था !

सै- ओके, तुम थोड़ी देर बाहर गार्डन में घुम कर आओ तुम्हें अच्छा लगेगा।

मां- क्या हुआ है डाक्टर रोहित को ?

सै.- देखिए कभी कभी ऐसा होता है कि हमें पुराने जन्म की बातें घटनाएं याद आ जाता है इस तरह के केसेस में इंसान कभी कभी अपने पुराने जन्म की तरह जीने लगता है, कभी कभी तो जो कार्य पिछले जन्म में अधूरा रह जाता है वह उसे पूरा करने के लिए फिर से जन्म लेता है और उसे पूरा करता है।

इस केस में भी यही कन्डीशन है एक राजपरिवार जिसे काली शक्तियों का श्राप लगा है जिससे बचने के लिए वह राजपरिवार अपने रक्षक ब्रह्मास्त्र का इंतजार कर रहे हैं।

आप लोगों के चेहरे के हाव-भाव को देखकर लगता है कि आप लोग कुछ छुपा रहे है, देखिए अगर आप अपने बेटे को ठीक करना चाहते हैं तो मुझे सच बताएं जिससे मैं आप लोगों की मदद कर सकूं । रोहित का कन्डीशन बहुत ख़राब होता जा रहा है

रोहित के पापा- डॉक्टर साहब बात तब की है जब हमारी शादी को 10 साल हो गए थे लेकिन हमें एक भी बच्चा नहीं हुआ था इससे हम बहुत दुखी थे इसके इलाज के लिए जो कोई भी किसी डॉक्टर बाबा या मंदिर के बारे में बताते तो हम वहां जाते लेकिन हाथ सिर्फ निराशा ही लगती एक दिन मेरे दोस्त ने एक मंदिर के दर्शन करने के लिए कहा हम वहां जाने के लिए निकले

बादल काली घटा से छाई हुई थी शाम के वक्त में रोशनी थोड़ी थोड़ी ही थी जब हम एक पहाड़ी से गुजर रहे थे तभी हमारे सामने एक महिला अपने बेटे के साथ खड़ी थी हमारे गाड़ी रूकती ही वह हमारे पास आई और बोली देखिए हमारी जान खतरे में है आप हमारी मदद कीजिए

रोहित के पापा- बोलो बहन क्या मदद चाहिए

वह महिला- मेरे बेटे को आप अपने साथ ले जाइए वरना वह लोग इसे भी मार डालेंगे !

इसका मतलब मैं आप लोगों का बेटा नहीं (रोहित दरवाजे पर खड़ा सब कुछ सुनकर बोला)

मां-बेटा तुम!

अब क्या होगा ??????

   ®®® Dinesh Divakar'stranger'

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वाह

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