हिन्दी गीत

09 नवम्बर 2019   |  नेहाल कुमार सिंह निर्मल   (429 बार पढ़ा जा चुका है)

हिन्दी गीत

हिन्दी गीत

वन्दन करते उस हिन्दी की ,जो है सबका मान सखे।
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी,जय जय हिन्दुस्तान सखे।


खुसरो वाणी मे प्रकट हुई,दुनिया गाॅधी ने दिखलाया,
कर कोमलता से पकड़ इसे,चलना हरिचन्द ने सिखलाया।
है हिन्द तभी जब तक हिन्दी,कर हिन्दी पर अभिमान सखे।
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी------


कह कर इसे पुरानी हिन्दी ,हो गय अमर गुलेरी जी,
देशिलबैना कह कर गाए, कवि कोकिल विद्दापति जी।
लिख कर के इतिहास शुक्ल जी ,कर गय कार्य महान सखे
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी----


हिन्दी तभी निराला दिनकर, तुलसी सूर कबीर दास
गुप्त महादेवी नेपाली,अटल या कि गोपाल दास
हिन्दी से है वसुधा कुटुम्ब,है जानकी बल्लभ जान सखे
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी----


हिन्दी जम्मु से कन्याकुमारी, मिजोरम गुजरात तलक
हिन्दी गंगा की पावनता ,गुंजीत है जिससे ये फलक
पर्वत राज हिमालय गाता ,हिन्दी का जय गान सखे
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी-----


हिन्दी भारत मा की श्रृगार ,हिन्दी से है अपना बिहार
हिन्दी सिखलाती संस्कार, हिन्दी है जन जन का विचार
हिन्दी की गाथा गाते हम, सुन होते लोग नेहाल सखे
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी-----


वन्दन करते उस हिन्दी की ,जो है सबका मान सखे।
जय हिन्दी जय हिन्दी हिन्दी,जय जय हिन्दुस्तान सखे।


नेहाल कुमार सिंह निर्मल



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x