सोने की चिड़िया ?

15 नवम्बर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (2402 बार पढ़ा जा चुका है)

फ्रेंच के साथ फ्रांसीसी

जर्मन के साथ जर्मनवासी,

जापानी भाषा के साथ जापान निवासी बना गए देश को विकसित और उन्नत.

अंग्रेजी सभ्यता के बनकर

अनुगामी, विकासशील

से विकसित राष्ट्र का

सफर अब तक क्या

तय कर पाए है हिन्दुस्तानी ?

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26 नवम्बर 2019
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26 नवम्बर 2019
19 नवम्बर 2019
हुई सभा एक दिन गुड्डे गुड़ियों की.गुड़िया बोली,मैं सुंदरता की पुड़ियामुझसे ना कोई बढ़िया.इतने में आया गुड्डापहन के लाल चोला,कितनों का घमंड है मैंने तोड़ा.बीच में उचका काठी का घोड़ाअरे चुप हो जाओ तुम थोड़ा.मैंने ही हवा का रुख़ है मोड़ा.लट्टू घूमा, कुछ झूमा.बोला लड़ों
19 नवम्बर 2019
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19 नवम्बर 2019
02 नवम्बर 2019
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02 नवम्बर 2019
31 अक्तूबर 2019
लोग बुरे नहीं होतेबस जब आपके मतलब के नहीं होतेतो बुरे लगने लगते हैसमझनी है जिंदगी तो पीछे देखोजीनी है जिंदगी तो आगे देखोहम भी वहीं होते हैं,रिश्ते भी वहीं होते हैंऔर रास्ते भी वहीं होते हैंबदलता है तो बस*समय, एहसास, और नज़रियाा🙏🙏 Good day 🙏🙏
31 अक्तूबर 2019
20 नवम्बर 2019
इतिहास भले ही गुजरा हुआ वक्त होता है इसका मतलब नहीं हैकि इसके बारे में जानकारी होना हमारे लिए उपयोगी नहीं होता है, ये हमारे देश की धरोहर होता है, मानवसभ्यता के विकास और इतिहास से मिले सबक ही सुनहरे भविष्य को गढ़ने में मदद करतेहै। आज अपने इस
20 नवम्बर 2019
23 नवम्बर 2019
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23 नवम्बर 2019
21 नवम्बर 2019
कहीं कांप रही धरती. कहीं बेमौसम बारिश से बह रही धरती. कहीं ठंड के मौसम में बुखार से तप रही धरती. कभी जल से, तो कभी वायु प्रदूषण से ज़हरीली हो रही प्रकृति. विकास के नाम पर विनाश का दर्द झेलती प्रकृति अपनी ही संतति से अवहेलना प्
21 नवम्बर 2019
30 नवम्बर 2019
क्या अब नारी सिर्फ देव लोक में हीसम्मानित रह गई है ?मां की कोख में होतब भ्रूणहत्या की बात सोचकर सहम जाती है.गर दुनिया में आने का सौभाग्य पा जाए तोतब अस्मत को लेकर जाती है सहम.चढ़ती है डोली तबदहेज जैसे दानव को देखकर जाती है सहम.दुनिया मे
30 नवम्बर 2019
23 नवम्बर 2019
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23 नवम्बर 2019
17 नवम्बर 2019
दो
महोदय आपको सादर प्रणाम मैंने कुछ दोहे आपको लिंक में भेंजे है आपको अच्छा लगे तो सूचित करे ...और प्रकाशित कर सके तो बड़ी कृपा होगी बहुत बहुत धन्यबाद रुपेश धनगर मथुरा 9410490520 9760986966
17 नवम्बर 2019
02 नवम्बर 2019
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02 नवम्बर 2019
01 नवम्बर 2019
📱 📱📱📱📱 #मोबाइल_एरा 📱📱📱📱 📱मोबाइल ने घर - घर में धनधोर "संग्राम" छेड़ रखा है।नवजात शिशु उफ़! मोबाइल की ओर अरे! लपका है।।रिश्ते सिमट कर सारे एन्ड्राइड से चिपक गुम हुए हैं।आस - पास बैठे हैं मगर, "मिनी केक" सेंड किए हैं।।पति - पत्नी को गुड - नाइट कर शाम ढ़ले सुलाता है।हूर कि परियों से इस्टाग्रा
01 नवम्बर 2019
14 नवम्बर 2019
सर्द धूप के साथ हो चुकी है शुरू स्वेटरों की बुनाई.और रज़ाईयों की सिलाई.हो चुका है ठंड से बाज़ार गर्म अब.अदरक की खुशबू से महकने लगी है चाय की दुकाने कुछ ज्यादा ही.हो चुका है ठंड से बाज़ार गर्म अब.गज़क और तिल के लड्डूओंसे सजने लगी है दुकानें
14 नवम्बर 2019
06 नवम्बर 2019
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06 नवम्बर 2019
19 नवम्बर 2019
नशा "नाश" का दूसरा नाम है.ये नाश करता है बुद्धि का.ये नाश करता है धन का.ये नाश करता है संबंधों का.ये नाश करता है नैतिक मूल्यों का.नाश नहीं निर्माण की तरफ बढ़ोयुवाओं तुम नशामुक्त समाज बनानेका संकल्प लो.शिल्पा रोंघे
19 नवम्बर 2019
13 नवम्बर 2019
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13 नवम्बर 2019
29 नवम्बर 2019
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29 नवम्बर 2019
04 नवम्बर 2019
मा
मासूम बन के बहुत दिल तोड़ लिए साहिब, अब गुनाह कबूलने का है वक्त आ गया. आग इश्क की लगाईं जो है दिल में मेरे, उस आग में जलने का तेरा वक्त आ गया. ना जियेंगे हम ना तुम ही यूँ जी पाओगे, खेल आग का है इससे यूँ बच ना पाओगे. आसान
04 नवम्बर 2019
03 नवम्बर 2019
चाहे बात हॉलीवुड की हो या बॉलीवुड की प्रेम कहानियांहमेशा से ही दर्शकों की प्रिय रही है। हमेशा ऐसा नहीं होता कि प्रेम कहानी नायकनायिका और खलनायक के इर्द गिर्द ही घुमती हो। कभी कभी इंसान नहीं वक्त ही खलनायकबन जाता है और आ जाता है प्रेम कहानी तीसरा कोण, जी हां आज के इस लेख म
03 नवम्बर 2019
27 नवम्बर 2019
सु
है जुटे हुए कुछ लोगसुधार में.है जुटे कुछ लोग आधुनिकताकी दुहाई देकर पंरपराओं कोप्राचीन बताने में.तो कुछ पंरपराओं की आड़ लेकरबदलाव को ठुकराने में.है जुटे हुए कुछ लोगअपनी ही बात सही मनवाने में.उनकी इच्छाओं का नहीं कोईअंत, सिर्फ इसलिए जुटे है व
27 नवम्बर 2019
20 नवम्बर 2019
लहरों जैसे बह जाना✒️मुझको भी सिखला दो सरिता, लहरों जैसे बह जानाबहते - बहते अनुरागरहित, रत्नाकर में रह जाना।बड़े पराये लगते हैंस्पर्श अँधेरी रातों मेंघुटनयुक्त आभासित होलहराती सी बातों मेंजब तरंग की बलखातीशोभित, शील उमंगों कोक्रूर किनारे छूते हैंकोमल, श्वेत तमंगों कोबंद करो अब और दिखावे, तटबंधों का ढह
20 नवम्बर 2019
19 नवम्बर 2019
नशा "नाश" का दूसरा नाम है.ये नाश करता है बुद्धि का.ये नाश करता है धन का.ये नाश करता है संबंधों का.ये नाश करता है नैतिक मूल्यों का.नाश नहीं निर्माण की तरफ बढ़ोयुवाओं तुम नशामुक्त समाज बनानेका संकल्प लो.शिल्पा रोंघे
19 नवम्बर 2019
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