काश

01 दिसम्बर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (452 बार पढ़ा जा चुका है)


काश कोई आईना ऐसा भी होता.

क्या मंजूर है दुनिया बनाने वाले को,

पहले से ही बता देता, दिल

की उलझन को चुटकियों में ही

सुलझा देता.


शिल्पा रोंघे

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