सोशल प्राणी का सच

02 दिसम्बर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (4177 बार पढ़ा जा चुका है)



खुश है कुछ लोग

इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, और ट्विटर

पर अपनी फ़ैन फॉलोइंग को गिनकर.

अपनी निज़ी जिंदगी को सार्वजनिक

कर.


मगर भूल जाते है इस वर्चुअल दुनिया

में खोकर उस पड़ोस को जो सबसे

पहले पूछते है उनका हाल चाल.

वो स्कूल कॉलेज और दफ़्तर के

दोस्त जो बिना बताएं ही जान लेते है

दिल की बात.


उंगलियों पर गिन सकते हो दिल के करीब

रहने वालें दोस्तों को.

अनगिनत चाहने वालों की भीड़

भी बौनी पड़ जाएगी आगे उनके.

शिल्पा रोंघे

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काश कोई आईना ऐसा भी होता.क्या मंजूर है दुनिया बनाने वाले को,पहले से ही बता देता, दिल की उलझन को चुटकियों में ही सुलझा देता.शिल्पा रोंघे
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दो
महोदय आपको सादर प्रणाम मैंने कुछ दोहे आपको लिंक में भेंजे है आपको अच्छा लगे तो सूचित करे ...और प्रकाशित कर सके तो बड़ी कृपा होगी बहुत बहुत धन्यबाद रुपेश धनगर मथुरा 9410490520 9760986966
17 नवम्बर 2019
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