मीरा के वचन मोहन के लिए

08 दिसम्बर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (473 बार पढ़ा जा चुका है)



भेजा था विष का प्याला

अमृत बन गया।


भेजा था विषैला सांप

फूलों का हार बन गया।


तेरी ही करामात है ये मोहन

कि कलियुग में भी जी रही हूं।


बिना डरे तेरी भक्ति के गीत

गा रही हूं।


शिल्पा रोंघे

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