ध्यान के आसन को सुविधाजनक बनाना

16 दिसम्बर 2019   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (504 बार पढ़ा जा चुका है)

ध्यान के आसन को सुविधाजनक बनाना

ध्यान के आसन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के कुछ सुझाव :

अभी तक हम ध्यान के लिए उपयुक्त आसनों के विषय में चर्चा कर चुके हैं | अब आगे, एक अनुकूल आसन का चयन तो हमने कर लिया, लेकिन यदि उसे और अधिक सुविधाजनक बनाना हो तो उसके लिए क्या करना चाहिए...

यदि आप तह किये हुए कम्बल को ज़मीन पर गद्दे की भाँति रखकर उस पर बैठते हैं तो आपके लिए ज़मीन पर बैठना सरल हो जाएगा | या फिर एक मोटा कुशन अथवा तकिया कूल्हों के नीचे रख सकते हैं जिससे कि शरीर का वह भाग भूमि से तीन चार इंच ऊपर उठ जाए | इस विधि से कूल्हों को उठाने से कूल्हों के जोड़ों और घुटनों पर दबाव कम हो जाता है | इस विधि से आसन में बैठने पर आप आश्चर्यजनक रूप से परिवर्तन का अनुभव करेंगे | कूल्हों के नीचे मोटा कुशन रखने से आप अपनी रीढ़ को भी सीधा रख सकते हैं | जिस आसन पर आप बैठे हों वह स्थिर हो लेकिन कठोर न हो, न ही इधर उधर हिलने डुलने वाला हो | आसन इतना ऊँचा भी न हो कि आपके शरीर की स्थिति में बाधक हो |

जैसे जैसे आपके शरीर में लचीलापन आता जाएगा और बैठने में आपको सुविधा का अनुभव होने लगेगा आप पतले कुशन अथवा सीधे ज़मीन पर बैठकर भी ध्यान के अभ्यास कर सकेंगे | आसन जैसा भी हो इतना ध्यान रहे कि आपका मेरुदण्ड सीधा रहे और उसमें बल न पड़ने पाए | अन्यथा आपको आसन लगाने में असुविधा होगी | आरम्भ में मोटे कुशन के बिना रीढ़ को सीधा रखना कठिन होता है | अपने आसन में अभ्यस्त होने के लिए धैर्य रखिये | आप देखेंगे कि धीरे धीरे आपका शरीर लचीला होता जा रहा है और तब आप लम्बी अवधि के लिए भी ध्यान के लिए सुविधापूर्वक बैठ सकते हैं |

शरीर को खींचने (Stretch) के अभ्यास और हठयोग के आसनों से भी आपके शरीर में लचीलापन लाने में सहायता मिलेगी और आप ध्यान में बैठने में सुविधा का अनुभव करने लगेंगे |

ध्यान लेटकर क्यों नहीं करना चाहिए :

कुछ विशेष कारणों से आपको लेटकर ध्यान करने की सलाह नहीं दी जाती है | जिनमें सबसे प्रमुख कारण है कि इस स्थिति में आपको बार बार नींद आ सकती है और आपके लिए चैतन्य स्थिति में बने रहना कठिन हो सकता है | निश्चित रूप से, यदि आपमें आलस्य है अथवा आप सो रहे हैं तो इस स्थिति में आप ध्यान लगा ही नहीं सकते |

एक और विशेष कारण ये है कि जब ध्यान की स्थिति में गहनता आती है उस समय आवश्यक हो जाता है कि आपका मेरुदण्ड यानी रीढ़ सीधी रहे, क्योंकि इससे एक विशेष प्रकार की ऊर्जा को शरीर में ऊपर की ओर प्रवाहित होने में सहायता मिलती है |

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/12/16/meditation-and-its-practices-26/

ध्यान के आसन को सुविधाजनक बनाना

अगला लेख: सूर्य का धनु राशि में गोचर



बहुत सुन्दर लिखा है..
आपने ठीक लिखा है कि कम्बल को ज़मीन पर गद्दे की भाँति रखकर उस पर बैठने से बहुत सुविधा होती है. मैं ऐसा ही दरी की तह बना कर करता हूँ.
परन्तु कूल्हों के नीचे गद्दा रखने का विचार कुछ ठीक नहीं लग रहा है. फोटो में भी आप देखें यह तो काफी असुविधाजनक स्थिति है.
कमर की सपोर्ट के लिए कुषाण लगाने पर आपका क्या विचार है?
वीरेन्द्र

कुशन भी ठीक है । लेकिन हम कम्बल ज़्यादा पसन्द करते हैं । तह लगाने से कम्बल न तो अधिक सॉफ्ट होता है न हार्ड । लेकिन कुशन भी बहुत सुविधाजनक ऑप्शन है । जिन लोगों को कोई समस्या हो वे चाहें तो गद्दे पर बैठ सकते हैं, लेकिन गद्दा ज़्यादा सॉफ्ट हो जाता है तो कमर झुक जाती है ये सच है ।

कुशन भी ठीक है । लेकिन हम कम्बल ज़्यादा पसन्द करते हैं । तह लगाने से कम्बल न तो अधिक सॉफ्ट होता है न हार्ड । लेकिन कुशन भी बहुत सुविधाजनक ऑप्शन है ।

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
26 दिसम्बर 2019
हमें अपने “हिन्दुस्तानी”होने पर गर्व होना चाहिए हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमाराकल 25 दिसम्बर की तारीख थी – हमारे ईसाई भाई बहनों के उल्लासमय पर्व क्रिसमस कापर्व | हमने भी और हमारे साथ साथ और भी बहुत से लोगों ने किसी भी जाति, धर्म, सम्प्रदाय से ऊपर उठकर क्रिसमस की शुभकामनाएँ अपने परिचितों को
26 दिसम्बर 2019
14 दिसम्बर 2019
सूर्य का धनु राशि में गोचर सोमवार 16 दिसम्बर यानी पौष कृष्ण पञ्चमी को कौलव करण औरवैधृति योग में दिन में 3:28 के लगभग पर सूर्य का संक्रमणधनु राशि में और मूल नक्षत्र पर हो जाएगा | धनु राशि में भ्रमण करते हुए भगवानभास्कर 29 दिसम्बर को पूर्वाषाढ़ और ग्यारह जनवरी कोउत्तराषाढ़ नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त
14 दिसम्बर 2019
24 दिसम्बर 2019
मंगल का वृश्चिक में गोचरवर्ष 2019 केसप्ताहान्त में बहुत महत्त्वपूर्ण गोचर हो रहा है - बुधवार 25 दिसम्बर पौष अमावस्या यानी कल रात्रि 9:29 के लगभग विशाखानक्षत्र पर भ्रमण करते हुए चतुष्पद करण और गण्ड योग में मंगल शुक्र की तुला राशिसे निकल कर अपनी स्वयं की राशि वृश्चिक में प्रस्थान कर जाएगा | यहाँ भ्रमण
24 दिसम्बर 2019
24 दिसम्बर 2019
बुधका धनु में गोचरवर्ष 2020 का अन्तिम सप्ताह– दो महत्त्वपूर्ण गोचर – मंगल का अपनी राशि वृश्चिक में गोचर और बुध का धनु मेंगोचर जहाँ राश्यधिपति गुरु, शनि, केतु और सूर्यदेव पहले सेविराजमान हैं | यहाँ हम बात कर रहे हैं बुध के गोचर की | जी हाँ, कल पौष अमावस्या यानी पच्चीस दिसम्बर को अपराह्न 3:46 के लगभग
24 दिसम्बर 2019
04 दिसम्बर 2019
मन के साधे जीत है / मन के हारे हार मन हमारे हर कार्य में सहायक तो हो सकता है किन्तु यदि इसका भली भाँति मार्गदर्शन नहीं किया गया इसे अनुशासित नहीं किया गया तो यह हमें लक्ष्य से दूर ले जाकर हमारी समस्त सम्भावनाओं को नष्ट भी कर सकता है अतः मन की साधना सबसे पहले आवश्यक है
04 दिसम्बर 2019
09 दिसम्बर 2019
ध्यान के कुछअन्य आसन :ध्यान के लिएउपयुक्त आसनों पर वार्ता के क्रम में हमने मैत्री आसन, सुखासन, स्वस्तिकासन और सिद्धासन पर बात की | कुछअन्य आसन भी ध्यान में बैठने के लिए अनुकूल हो सकते हैं | जैसे:वज्रासन : कुछ लोग जिनके कूल्होंअथवा घुटनों में किसी प्रकार की समस्या हो वे ऐसे किसी भी आसन में बैठने मेंक
09 दिसम्बर 2019
08 दिसम्बर 2019
9 से 15 दिसम्बर 2019 तक का साप्ताहिक राशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
08 दिसम्बर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x