ज़िन्दगी❤️❤️❤️🌷🌷🌷

24 दिसम्बर 2019   |  त्रिशला रानी जैन   (356 बार पढ़ा जा चुका है)

ऐ ज़िन्दगी🙏🙏🙏
ऐ ज़िंदगी कई बार पूछा है तुझसे
कि तेरे फैसले और फासले अलग क्यों है?
वो बोली मैं सबके लिए एक जैसी ही हूँ।
बस तू जैसा मुझे देखे मैं वैसी हूँ,
किसी के लिये प्यारी सी सुबह हूँ🌻🌻
तो किसी के लिये उदास शाम भी हूँ ।
💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥
तपती दोपहर को मैं रोक सकती नहीं
पाव अगर तेरे जलते है तो सब्र की चादर ओढ़
इन्तज़ार कर बादलों के बरसने का शायद
कोई तो धरती मैं उगेगा पौधा खुशी का
मैं तो बस तेरे धैर्य का इम्तहान लेती हूँ।
तुझे बार बार मैं ज़िन्दगी का आईना दिखती हूँ।💗👁️👁️💓💓💓💓💓💓💓💓👁️👁️
जब तू आंसू बहाता है तो मैं भी उदास होती हूँ,
तेरी खुशी में ,भी मै नाच उठती हूँ, पर तब
तू मुझे देखता ही नहीं, तब मैं पराई लगती हूँ
अरे क्यों इतना इतराता है ,क्या ले कर आया क्या जाएगा समेट कर,समझ में आता नहीं
,🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀
ऐ ज़िन्दगी तुझसे क्या पूछा था पर बताती नही
बस मुझे इतना तो बात दे एक बार कैसे जीऊ
बात सुनकर वो मेरी हंस कर चली गई बस
इतना कह गई समझ तेरी न आएगा पागल
जुर्म क्या था कि जाते जाते जीने की सज़ा दे गई ,😅🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
त्रिशला ❤️❤️

अगला लेख: कहानी🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x