कविता 🌷🌷🌷🙏

24 दिसम्बर 2019   |  त्रिशला रानी जैन   (332 बार पढ़ा जा चुका है)

चाहते जो उसे,शिद्दत से चाहो
राह की रुकावट रास्ते बदल लेती है
लक्ष्य बनाने के लिए मन की आवाज़ सुन
फिर एकलव्य की तरह निशाना साध लो
❣️मुश्किल नही है अपनी मंज़िल तक पहुँचना
जिओ मन के मुताविक पर राह सच्ची हो
ज़िन्दगी कहेगी कब अलविदा पता नही
इसे मायूस न कर प्यार से महरूम न कर
ऊपर वाले का शुक्रिया कर,बस इबादत कर
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷6🌷🌷🌷🌷🌷🌷
न ढूढ़ मंदिर में न मस्ज़िद में ये तो तेरे दिल में
जो दी है उसने सम्पदायें उसी से प्यार कर
न बहा पानी जो उसी के रहम से हमको मिला
हर बूँद इसकी हीरे से भी है कीमती संजो इसे
बेकार बहाया तो, ये ईश्वर की है अवहेलना हमे ज़मीन में पानी भी न मिलेगा,मिलेगा
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
न काट इन दरख्तों को जो देते है शुद्व वायु
बस बदले में थोड़ा सा प्यार ही तो मांगते है
तपिश से बचाते हैं जल को भी संचय करते हैं
स्वादिष्ट फल देते हैं ये हम से कुछ न लेते🌴
खुशबू बिखेर कर फूलों की सुकून देते है
मंदिर सजाओ या डोली ये समर्पित होते है
करते नही परवाह अपने मिट जाने की
काश हम भी कुछ सीख ले लें उन्ही से
🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀
औरों के लिए जीलो , वर्ना एक दिन है जाना।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
त्रिशला जैन ।

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