बुध का धनु में गोचर

24 दिसम्बर 2019   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (362 बार पढ़ा जा चुका है)

बुध का धनु में गोचर

बुध का धनु में गोचर

वर्ष 2020 का अन्तिम सप्ताह – दो महत्त्वपूर्ण गोचर – मंगल का अपनी राशि वृश्चिक में गोचर और बुध का धनु में गोचर जहाँ राश्यधिपति गुरु, शनि, केतु और सूर्यदेव पहले से विराजमान हैं | यहाँ हम बात कर रहे हैं बुध के गोचर की | जी हाँ, कल पौष अमावस्या यानी पच्चीस दिसम्बर को अपराह्न 3:46 के लगभग चतुष्पद करण और गण्ड योग में बुध वृश्चिक राशि से धनु राशि में मूल नक्षत्र पर गोचर करेगा | यहाँ विचरण करते हुए बुध 3 जनवरी को पूर्वाषाढ़ और 11 जनवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में तेरह जनवरी को प्रातः 11:35 के लगभग मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | धनु राशि अपनी इस सम्पूर्ण यात्रा बुध अस्त ही रहेगा | कल क्रिसमस भी है, तो सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के धनु राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके भाग्य स्थान में हो रहा है | आपके नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश होकर बुध आपका योगकारक बनता है और आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है जहाँ आपका दूसरा योगकारक भी विद्यमान है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | किन्तु सम्बन्धित व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी आवश्यक है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | आप इस समय विवाह के लिए भी मन बना सकते हैं | किन्तु आगे बढ़ने से पूर्व सम्बन्धित व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है तथा इस समय आपकी लग्न से चतुर्थ भाव में दूसरे योगकारक के साथ गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | पारिवारिक स्तर पर कुछ तनाव की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | किन्तु इसके साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से लाभ की भी सम्भावना है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश होने के कारण आपके लिए योगकारक बनता हुआ बुध दूसरे योगकारक के साथ आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो अपने किसी सहकर्मी के साथ विवाह बन्धन में भी बंध सकते हैं | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | तीर्थ स्थलों की यात्रा पर भी जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | साथ ही धार्मिक गतिविधियों के लिए धन भी खर्च कर सकते हैं | ऐसा करते समय पोंगा पण्डितों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आपकी सन्तान अथवा आप स्वयं किसी विषय में अध्ययन का प्रयास भी कर सकते हैं | किसी वसीयत के माध्यम से अथवा किसी अप्रत्याशित स्रोत से भी आपको लाभ हो सकता है | किन्तु वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक है तथा इस समय इसका गोचर आपके दशम भाव में दूसरे योगकारक के साथ हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है...

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/12/24/mercury-transit-in-sagittarius-2/

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