नूतन वर्ष का अभिनंदन

30 दिसम्बर 2019   |  शिल्पा रोंघे   (419 बार पढ़ा जा चुका है)


वहीं खड़े है वृक्ष सभी तनकर.


वहीं खिल रहे है फूल सुंगध फैलाकर.


सदियों से वहीं खड़े पर्वत विशाल.


उसी समुद्र में जाकर मिल रही तरंगिणी.


उसी डाल पर बैठा है पक्षी घरौंदा बनाके,


उसी नभ में उड़ रहा है पंख फैलाकर.


कुछ नहीं बदलता नवीन वर्ष के साथ

हां बस संकल्प निश्चित ही हो जाते है दृढ़.


बीते वर्ष में मिली सीखें मानो

बन जाती है, नवीन वर्ष के जीवन का पाठ.


शिल्पा रोंघे

अगला लेख: अलविदा 2019



शिल्पा जी सत्य कहा, संकल्प ही सिद्ध होते हैं...,

शिल्पा जी सत्य कहा, संकल्प ही सिद्ध होते हैं...,

शिल्पा रोंघे
31 दिसम्बर 2019

धन्यवाद पूर्णिमा जी

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
28 दिसम्बर 2019
झड़ने दो पुराने पत्तों को.🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂गिरने दो फूलों को जमीं पर.🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼कि नए पत्ते फिर आएंगे शाखों पर.🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿कि नए फूल फिर उगेंगे डाली पर.🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹ताकेंगे आसमान की ओर.🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴गिरने से मत डरो, झड़ने से ना डरो.बीज भी जमीन में गिरकर ही पौधे
28 दिसम्बर 2019
31 दिसम्बर 2019
सा
चंद्र की शुभ्र किरणेंले रही विदा दुल्हन की तरह.रात्री की डोली मेंबैठकर उन्हें सूर्योदय के घर जाना है.तम तो प्रकाशतक जाने का प्रतिदिन का साधन है.किंतु आज पिछले बरस कोसबको नवीनवर्ष से मिलवानाहै.शिल्पा रोंघे
31 दिसम्बर 2019
11 जनवरी 2020
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:Tr
11 जनवरी 2020
31 दिसम्बर 2019
सा
चंद्र की शुभ्र किरणेंले रही विदा दुल्हन की तरह.रात्री की डोली मेंबैठकर उन्हें सूर्योदय के घर जाना है.तम तो प्रकाशतक जाने का प्रतिदिन का साधन है.किंतु आज पिछले बरस कोसबको नवीनवर्ष से मिलवानाहै.शिल्पा रोंघे
31 दिसम्बर 2019
20 दिसम्बर 2019
स्
सीता स्वंयवर पर .....कैसे मैं पहचानू उन्हें.कैसे मैं जानूं के वो बनें हैै वो मेरे लिए.होगी सैकड़ों की भीड़ वहां.तेजस्वी और वैभवशाली तो होंगेवहां कई और भी.लेकिन सुना है मैंनें शिव का धनुषउठा सकेंगे कुछ ऐसे प्र
20 दिसम्बर 2019
28 दिसम्बर 2019
झड़ने दो पुराने पत्तों को.🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂गिरने दो फूलों को जमीं पर.🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼कि नए पत्ते फिर आएंगे शाखों पर.🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿कि नए फूल फिर उगेंगे डाली पर.🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹ताकेंगे आसमान की ओर.🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴गिरने से मत डरो, झड़ने से ना डरो.बीज भी जमीन में गिरकर ही पौधे
28 दिसम्बर 2019
13 जनवरी 2020
इन दिनों सखी शिव मेरे स्वप्न में आते हैहै भभूत लगाए.कंठ में विषधारी सर्प है सजाएमस्तक पे चंद्र लगाए.वो त्रिशूलधारीइंद्रधनुषी दुनिया से दूरहिमालय में अ
13 जनवरी 2020
18 दिसम्बर 2019
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedC
18 दिसम्बर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x