गुलज़ार साहब की 25 मशहूर शायरियां | Gulzar Quotes Shayari

23 जनवरी 2020   |  स्नेहा दुबे   (405 बार पढ़ा जा चुका है)

गुलज़ार साहब की 25 मशहूर शायरियां | Gulzar Quotes Shayari

जब भी शायरी की बात होती है तो हर किसी के ज़हन में सबसे पहले मिर्ज़ा गालिब का नाम आता है लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुख़ रखने वाले गुलज़ार साहब का भी कोई जवाब नहीं है। इन्होंने फिल्मों में गाने, संवाद, कविताएं और एक से बढ़कर एक शायरियां लिखी हैं। इस समय गुलज़ार साहब भी मिर्ज़ा गालिब से कम नहीं हैं। गुलज़ार साहब एक मल्टीटैलेंटेड पर्सन हैं जो फिल्म निर्देशक, निर्माता, गीतकार, संगीतकार, लेखक और शायर हैं। इन्होंने बॉलीवुड में बहुत सारी फिल्मों के गीत लिए हैं जो आज भी सुपरहिट हैं और लोगों द्वारा खूब पसंद किए जाते हैं। गुलज़ार साहब के लिखे हुए गाने आज भी लोगों के होठों पर रहते हैं और युवा वर्ग के लोग भी इन्हें खूब पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर इनकी लिखी शायरियां भी लोग एक-दूसरे को भेजते हैं। यहां हम आपके लिए Gulzar Quotes Shayari का कुछ कलेक्शन लाए हैं जो शायद आपको पसंद आए।


गुलज़ार साहब की फेमस शायरियां | Gulzar Quotes Shayari in Hindi


गुलज़ार साहब के लिखे दिल को छू जाने वाले गाने, नज़्में, शायरियां, ग़ज़लें और रोमांटिक कोट्स आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। वहीं गुलज़ार साहब आज भी अपने शब्दों के जादू से लोगों के दिलों पर राज करते हैं। 85 साल की उम्र में भी वो हर उम्र के लिए पसंदीदा लेखक हैं और आज हम आपके लिए उनके कुछ कोट्स और शायरियों का खास कलेक्शन लाए हैं, उम्मीद है आपको ये पसंद आएंगी...


Gulzar Quotes Shayari


1. कुछ अलग करना है तो भीड़ से हटकर चलिए, क्योंकि

भीड़ साहस तो देती है लेकिन पहचान छीन लेती है..


2. अच्छी किताबें और अच्छे लोग तुरंत समझ में नहीं आते

उन्हें गहराई से पढ़ना पड़ता है..


3. बहुत अंदर तक जला देती हैं वो शिकायतें

जो बयां नहीं होती हैं...


4. एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद

दूसरा सपना देखने के हौसले को जिंदगी कहते हैं...


5. हम तो समझे थे हम भूल गए उनको

पर क्या हुआ आज किस बात पर रोना आया..


6. कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती है

कभी जिंदगी का एक पल गुजारा नहीं जाता


7. सुना है काफी पढ़-लिख गए हो तुम

कभी वो भी पढ़ लो जो हम कह नहीं पाते..


8. मैंने मौत को देखा तो नहीं पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी

कमबख्त जो भी उससे मिलता है, जीना ही छोड़ देता है...


9. कैसे करें हम खुद को तेरे प्यार के काबिल

जब हम बदलते हैं, तुम शर्तें बदल देते हो..


10. तन्हाई की दीवारों पर घुटना का पर्दा झूल रहा है

बेबसी की छत के नीचे कोई किसी को भूल रहा है..


11. वक्त रहता नहीं कहीं भी टिक कर

आदत इसकी भी इंसान जैसी है..


12. कोई बात तब तक समझ नहीं आती

जब तक ये खुद पर नहीं गुजरती...


13. कौन कहता है हम झूठ नहीं बोलते

एक बार मेरी खैरियत तो पूछकर देखिए..


14. मैं दिया हूं, मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अंधेरे से है

ये हवा तो बेवजह मेरे खिलाफ बैठी है..


15. सीने में धड़कता जो हिस्सा है

उसी का तो ये सारा किस्सा है...


16. कभी तो चौंक कर देखे कोई हमारी तरफ

किसी की आंख में हमें भी तो इंतज़ार दिखे...


17. सहमा-सहमा डरा सा रहता है

जाने क्यों जी भरा सा रहता है...


18. खुशबू जैसे लोग मिले अफ़साने में

एक पुराना ख़त खोला अनजाने में


19. जब भी ये दिल उदास होता है

जाने कौन आस-पास होता है...


20. घर में अपनों से उतना ही रूठो कि आपकी बात

और दूसरों की इज्जत दोनों बरकरार रह सके...


21. शायर बनना बहुत ही आसान है

बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए..


22. तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं

रात भी आई और चांद भी था, मगर नींद नहीं...


23. बेहिसाब हसरतें नहीं पालिए

जो मिला है बस उसे ही संभालिए...


24. बचपन में भरी दोपहरी नाप आते थे पूरा मोहल्ला

जब से डिग्रीयां समझ में आईं पांव जलने लगे...


25. उन्हें ये ज़िद थी हम बुलाएं, हमें ये उम्मीद कि वो पुकारे

है नाम होठों पर अब भी लेकिन, आवाज़ में पड़ गई दरारें...

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