सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर (सेट) – प्रक्रिया और फ़ायदे

12 फरवरी 2020   |  पूजा शर्मा   (423 बार पढ़ा जा चुका है)

सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर एक एक ऐसी प्रक्रिया है जो महिलाओं के गर्भाशय में एम्ब्रयो ट्रांसप्लांट करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

इस प्रक्रिया में मुख्यता इन-विट्रो फर्टिलाइजेशनट्रीटमेंट में प्रयोग किया जाता है।

इस परीक्षण में महिला के गर्भाशय में स्वस्थ और अच्छी तरह से तैयार किया हुआ एम्ब्रयो को दो बार डाला जाता है।

इस परीक्षण से यह यह निश्चित होता है कि एम्ब्रयो गर्भाशय में सफल से चला जाएगा।


1.सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर (सेट) की प्रक्रिया

सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर(सेट) प्रक्रिया को शुरू करने से पूर्व चिकित्सक महिला की ओवरी और गर्भाशय की जाँच अच्छी तरह से जांच करते हैं।इस प्रक्रिया के लिए चिकित्सक अलग-अलग तरीको का इस्तेमाल करते हैं।इसके पश्चात् चिकित्सक के द्वारा महिला के शरीर में हार्मोनल,एक्टिविटी ,एम्ब्रयो और सीमेन की गुणवत्ता की जांच की जाती है।भ्रूण को किसी भी प्रकार की बीमारी न हो इसके लिए चिकित्सक इन्फेक्शस डिजीज की जाँच करते हैं।जांच की प्रक्रिया खत्म हो जाने के बाद चिकित्सक सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर (सेट) की प्रक्रिया की शुरुवात करते हैं।

इस प्रक्रिया के कुछ चरण निम्न है :-

  • सर्वप्रथम एम्ब्रयो के पूर्व ग्रुप को गर्भाशय में डाला जाता है।
    इस प्रक्रिया में एम्ब्रयो का इस्तेमाल किया जाता है, एम्ब्रयो जिसे फर्टिलाइज हुए 2 या 3 दिन हो चुके हो।

  • कुछ दिनों के पश्चात् दूसरे एम्ब्रयो को डाला जाता है।
    जिस एम्ब्रयो को फर्टिलाइज हुए 5 से 6 दिन हो चुके हो ।

  • एम्ब्रयो को डालने के लिए कैथिटर और सिरिंज का प्रयोग किया जाता है।

  • कैथिटर के अन्दर एक विशेष किस्म का फ्लूइड और एम्ब्रयो भरा हुआ होता है।
    यह बहुत ही पतली ट्यूब होती है जो महिला के योनि मार्ग से गर्भाशय तक आसानी से पहुंच जाती है।
    सिरिंज की सहायता से एम्ब्रयो को महिला के गर्भाशय में डाला जाता है।

  • पूरी प्रक्रिया के समय किसी भी प्रकार की गलती न हो, इसलिए चिकित्सक अल्ट्रासाउंड की सहायता से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखते हैं और एम्ब्रयो को सही स्थान पर ट्रांसप्लांट करते हैं।

  • 2.सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर (सेट) के फ़ायदे

जब कोई महिला गर्भवती होने के लिए कई प्रकार के उपायों को अपना चुकी हो, मगर हर बार उसे असफल ही मिली हो या कई बार उसके इम्प्लांटेशनअसफल हुए हो, तो महिला को सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर (सेट) काराने की सलाह दी जाती है।ऐसी महिला के लिए सिक्वेनशियल एम्ब्रयो ट्रान्सफर एक बहुत ही अच्छा विकल्प है।इस प्रक्रिया के द्वारा एम्ब्रयो को महिला के गर्भाशय में रखने में लगभग 15 मिनट तक का समय लगता है।यदि प्रक्रिया को प्रशिक्षित चिकित्सक करते हैं तो महिला के प्रेग्नेंट होने की सम्भावनाबहुत ज्यादा हो जाती है।


अगला लेख: आईवीएफ या टेस्ट ट्यूब शिशु अन्य आम शिशुओं से कैसे भिन्न होते हैं?



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
12 फरवरी 2020
प्रेग्नेंसी के समय महिला के डिप्रेशन होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं : -हार्मोंनल बदलाव प्रेग्नेंसी के समय महिला में मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के कई बदलाव होते हैं।महिला के डिप्रेशन में होने पर हार्मोंस सीधे महिला के दिमाग को प्रभावित करते हैं, जो महिला के इमोशन और मूड को नियंत्रित करता है।ये हा
12 फरवरी 2020
19 फरवरी 2020
शोध में पाया गया है की के गुदा संभोग से एसटीडी का खतरा 30 गुना तक बढ़ जाता है।इससे ह्यूमन पेपोलिना वायरस से अनल वाट्स और कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।साथ ही साथ क्लैमिडिया, गोनोरिया होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है।सिफ्लिस और हर्पीस जैसे संक्रमण कंडोम का प्रयोग करने से
19 फरवरी 2020
05 फरवरी 2020
आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स होने के कई कारण हो सकते है।जैसे बढ़ती हुए उम्र और आपके कुछ गलतियों के कारण आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स हो सकता है ।आंखों के नीचे काले घेरे होने के निम्न कारण हैं:-एजिंग के साथ त्वचा का पतला होनाबढ़ने हुए उम्र प्रक्रिया त्वचा के पतले होने का कारण हो सकती है क्योंकि इससे क
05 फरवरी 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x