ताकत परिवार की

15 मार्च 2020   |  ललिता बोथरा   (265 बार पढ़ा जा चुका है)

सुबह सुबह चाय देने में पांच मिनट लेट क्या हो गयी कि पापा
ने घर आसमान पर उठा लिया।। सबकी सुबह खराब हो गई
छोटी-छोटी बातों पर इतना गुस्सा ? पापा के इसी व्यवहार से
सबका मन खराब हो गया । क्या हो गया है गुस्सा क्यु आ रहा
हैं ? ये जानने की किसी ने भी कोशिश नहीं की ‌मैने चाय का कप
लिया वो छत पर आ गई पापा पर गुस्सा आरहा था। मम्मी ने भी
कोनसा गलत कहा ? पापा अपना धीरज क्यों खो देते हैं
क्या चालीस साल बाद ऐसा होने लगता है मेरा सारा ध्यान पापा के
ईदगिर्द घुमता रहा । परिवार की जिम्मेदारी फिर मेरी शादी की
चिंता ।मैं सब कुछ समझ गयी नीचे आकर पापा का हाथ बंटाया
सिर पर मसाज की पापा को बहुत अच्छा लगा ।शाम को घर पर
आये तो सबने साथ में चाय ली। धीरे धीरे सब अच्छा होने लगा कुछ
डॉ ने कुछ परिवार ने मिलकर ,सब ठीक हो गया । प्यार में वो शक्ति है जो पत्थर को भी पानी बना दे ।

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