हिंदोस्ता हमारा

22 मार्च 2020   |  ललिता बोथरा   (302 बार पढ़ा जा चुका है)

जन जन शंखनाद, थाली, ताली , मंदिर में नगाड़े घंटियों की आवाज
सुनकर दिलभर आया आंखों में आसूं निकल आए। इस घोर विपदा
की धडी को भी मोदी जी ने त्योहार बना दिया।पलभर ही सही लोगों में जोश भर गया थोड़ी देर के लिए करोना को भुलाकर देश
की सेवा में समर्पित लोगों को शुभकामनाएं देने लगे।
शंखनाद, मंदिर की घंटियों की आवाज से वातावरण शुद्ध हो गया। खुली सड़कें और घर में पूरा परिवार देखा है,। बरसों बाद आज हम सबने पहले वाला रविवार देखा है । मां के साथ समय बिताया है
इस विपदा से मिलकर निपटना होगा । मोदी जी का साथ मां का
आशिर्वाद सकारात्मक सोच को अपना कर ही करोना जैसी विपदा को मिटा सकते है।। जयहिंद

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