मेरा दिल एक अलमारी

01 अप्रैल 2020   |  pratistha gautam   (321 बार पढ़ा जा चुका है)

कभी खुला किसी के सामने,तो कभी बंद हो गया

मेरा दिल एक अलमारी सा हो गया


हज़ारों तरह की किताबें छुपी हैं मेरे दिल मे

कभी हंसी मज़ाक ,तो कभी तन्हाई

कभी रहस्यमय परिस्थितियों मे कोई बात समझ ना आई

कभी खुला किसी के सामने तो कभी बंद हो गया

मेरा दिल एक अलमारी सा हो गया


प्रतिष्ठा...






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