लक्ष्मण चरित्र भाग - २ :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

11 अप्रैल 2020   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (318 बार पढ़ा जा चुका है)

लक्ष्मण चरित्र भाग - २ :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺


‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️


🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍


🌹 *भाग - २* 🌹


🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸


*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*


*लक्ष्मण की जन्म से ही भगवान श्रीराम से बहुत प्रेम करते थे | लक्ष्मण जी के माता , पिता , गुरु , स्वामी , सखा सब कुछ श्री रामजी ही थ् | लक्ष्मण का मुख्य धर्म था रामजी की आज्ञा का पालन करना | जन्म से ही लक्ष्मण जी छाया की भाँति श्री राम दी के साथ ही रहा करते थे | भगवान श्रीराम से उनका यह दृढ़ प्रेम क्यों था ? इस पर विचार किया जाना चाहिए | दो शरीर एवं एक प्राण की तरह रहने वाले राम एवं लक्ष्मण वस्तुतः एक ही थे | विचार कीजिए जब दशरथ जी ने पुत्र की कामना से पुत्रेष्टि यज्ञ किया तब अग्निकुंड से स्वयं अग्निदेव प्रकट होकर के दशरथ जी को दिव्य चरू (खीर) प्रदान करते हैं और उसे अपनी रानियों को खिलाने के लिए कह कर अदृश्य हो जाते हैं | दशरथ जी ने महारानी कौशल्या सुमित्रा एवं कैकेई को वह हविष्यान्न वितरित किया |*


*कुछेक ग्रंथों के अनुसार सुमित्रा जी को मिला प्रसाद विशालकाय पक्षी के द्वारा उठा लिया गया जिससे सुमित्रा भी निराश हो गयी | तब कौशल्या एवं कैकेयी जी ने अपने-अपने भाग से आधा -;आधा भाग सुमित्रा जी को प्रदान किया | कौशल्या जी ने जो भाग प्रदान किया उसके लक्ष्मण जी एवं कैकेयी के दिये भाग से शत्रुघ्न जी का जन्म हुआ| एक ही भाग दो भाग में बंट करके राम एवं लक्ष्मण के रूप में इस धरा धाम पर अवतरित हुआ | दो शरीर होते हुए भी एक प्राण की तरह ही राम एवं लक्ष्मण का जीवन पृथ्वी पर व्यतीत हुआ | अपना जीवन श्री राम के प्रति समर्पित करते हुए लक्ष्मण जी ने यह प्रदर्शित किया है कि माताओं ने भले ही एक अंश के दो टुकड़े कर दिए हों परंतु हम भिन्न नहीं हैं | बचपन से ही श्रीराम की परछाई बनकर लक्ष्मण जी उनके साथ रहे , लक्ष्मण जी के त्याग एवं सेवा भाव का ही परिणाम है कि जो शिक्षा उनको विश्वामित्र जी से प्राप्त हो गई वह भरत एवं शत्रुघ्न को नहीं मिल पाई | सेवक का स्वामी के प्रति क्या कर्तव्य होता है इसका दर्शन हमें उनके जीवनचरित्र में देखने को मिलता है | श्री राम के चरणों की सेवा श्री लक्ष्मण जी का मुख्य व्रत था , श्री राम जब सोने के लिए जाते थे तब लक्ष्मण जी उनकी सेवा करते थे | अबोध शिशु की भांति लक्ष्मण जी ने श्री राम जी के चरणों को दृढ़ता पूर्वक इस प्रकार पकड़ा कि भगवान ही उनकी अनन्य गति बन गये |*


*सुमित्रा नन्दन पन्त जी ने लक्ष्मण जी के लिए दिव्य भाव अर्पित किये हैं :----*


*विश्व श्याम जीवन के जलधर , राम प्रणम्य, राम हैं ईश्वर !*

*लक्ष्मण निर्मल स्नेह सरोवर , करुणा सागर से भी सुंदर !!*

*सीता के चेतना जागरण , राम हिमालय से चिर पावन !*

*मेरे मन के मानव लक्ष्मण , ईश्वरत्व भी जिन्हें समर्पण !!*

*धीर वीर अपने पर निर्भर , झुका अहं धनु धर सेवा शर !*

*कब से भू पर रहे वे विचर , लक्ष्मण सच्चे भ्राता, सहचर !!*


*शेष अगले भाग में*


🔥♻️🔥♻️🔥♻️🔥♻🔥️♻️🔥


आचार्य अर्जुन तिवारी

प्रवक्ता

श्रीमद्भागवत/श्रीरामकथा

संरक्षक

संकटमोचन हनुमानमंदिर

बड़ागाँव श्रीअयोध्याजी

(उत्तर-प्रदेश)

9935328830


🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀

अगला लेख: करें प्राणों की रक्षा :-- आचार्य अर्जुन तिवारी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ६* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी ने जो आधारशिला रखी उसी पर चलकर श्री राम ने विशाल शिव धनुष का खंडन करके सीता जी द्वारा जयमाला ग्रहण की | जन
16 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
*परमपिता परमात्मा द्वारा बनाई गई इस सृष्टि में चौरासी लाख योनियाँ भ्रमण करती हैं , इन चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ कही गई है मानवयोनि | अनेक जन्मों की संचित पुण्य जब उदय होते हैं तो जीव को मनुष्य का जीवन मिलता है | गोस्वामी तुलसीदास जी मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हुए अपने मानस में लिखते हैं :-
16 अप्रैल 2020
14 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ५* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी भगवान श्री राम को पूर्णता प्रदान करते हैं , यदि लक्ष्मण ना होते तो शायद भगवान श्री राम एवं भगवती सीता का मि
14 अप्रैल 2020
06 अप्रैल 2020
*इस समस्त सृष्टि में ईश्वर ने एक से बढ़कर एक बहुमूल्य , अमूल्य उपहार मनुष्य को उपभोग करने के लिए सृजित किये हैं | मनुष्य अपनी आवश्यकता एवं विवेक के अनुसार उस वस्तु का मूल्यांकन करते हुए श्रेणियां निर्धारित करता है | संसार में सबसे बहुमूल्य क्या है इस पर निर्णय देना बह
06 अप्रैल 2020
20 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ८* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**जनकपुर में श्री लक्ष्मण जी के जीवन में आई उर्मिला जी | लक्ष्मण जी का चरित्र यदि इतना देदीप्यमान हुअ तो उसमें उर्मिला जी की
20 अप्रैल 2020
01 अप्रैल 2020
मरकज़ की घटना पर जनाब असग़र वज़ाहत साहेब के विचारधर्म का मर्म- असग़र वज़ाहतदिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के मरकज़ में जो घटना घटी उसने बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहली बात यह की बिना प्रशासन को विश्वास में लिए इतने लोगों का जमा करना और वह भी इस माहौल में जमा करना कितना उचित है और कितना नहीं । दूसरी
01 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
*इस धरा धाम पर मानव समाज का एक दिव्य इतिहास रहा है | मनुष्य ने संगठित होकर ऐसे ऐसे कार्य किए हैं जिसकी जितनी बड़ाई की जाए उतना ही कम है | मनुष्य का सबसे बड़ा बल होता है इसका आपस में संगठित होना , संगठित होकर के मनुष्य ने बड़े से बड़े संकटों का सामना भी बड़ी सरलता से किया है | आज तक का इतिहास देखा जा
13 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
11 अप्रैल 2020
*इस पृथ्वी पर अनेकों छोटे बड़े जीव हैं सबका अपना - अपना महत्त्व है | इन जीवों के अतिरिक्त अनेक जीवाणु एवं विषाणु भी पृथ्वीमण्डल में भ्रमण किया करते हैं जो कि मवुष्य जैसे बलवान प्राणी के लिए घातक सिद्ध होते रहे हैं | हाथी से लेकर चींटी तक कोई भी महत्वहीन नहीं है , पृथ्वी का सबसे विशलकाय प्राणी हाथी ज
11 अप्रैल 2020
14 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ५* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी भगवान श्री राम को पूर्णता प्रदान करते हैं , यदि लक्ष्मण ना होते तो शायद भगवान श्री राम एवं भगवती सीता का मि
14 अप्रैल 2020
29 मार्च 2020
*अपने संपूर्ण जीवन काल में मनुष्य में अनेक गुणों का प्रादुर्भाव होता है | अपने गुणों के माध्यम से ही मनुष्य समाज में सम्मान या अपमान अर्जित करता है | यदि मनुष्य के गुणों की बात की जाए तो धैर्य मानव जीवन में एक ऐसा गुण है जिसके गर्भ से शेष सभी गुण प्रस्फुटित होते है
29 मार्च 2020
18 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ९* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*रामायण में *लक्ष्मण जी* का चरित्र बहुत ही सूक्ष्म दर्शाया गया है | यह भी सच है कि जितना महत
18 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
07 अप्रैल 2020
*मनुष्य को ईश्वर ने विवेक दिया है जिसका प्रयोग वह उचित - अनुचित का आंकलन करने में कर सके | मनुष्य के द्वारा किये गये क्रियाकलाप पूरे समाज को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित अवश्य करते हैं | सामान्य दिनों में तो मनुष्य का काम चलता रहता है परंतु मनुष्य के विवेक की असली परीक्षा संकटकाल में ही होती है |
07 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ६* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी ने जो आधारशिला रखी उसी पर चलकर श्री राम ने विशाल शिव धनुष का खंडन करके सीता जी द्वारा जयमाला ग्रहण की | जन
16 अप्रैल 2020
20 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १०* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* को गोस्वामी तुलसीदास जी ने *चातक* कहा है और गोस्वामी जी का यह चतुर *चातक* देखना हो को *दोहावली* में देखा जा सक
20 अप्रैल 2020
12 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ३* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**हम लक्ष्मण जी के जीवन के रहस्यों को उजागर करने का प्रयास करते हुए उनकी विशेषताओं पर चर्चा कर रहे हैं :---**लक्ष्मण जी बचपन
12 अप्रैल 2020
12 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ३* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**हम लक्ष्मण जी के जीवन के रहस्यों को उजागर करने का प्रयास करते हुए उनकी विशेषताओं पर चर्चा कर रहे हैं :---**लक्ष्मण जी बचपन
12 अप्रैल 2020
24 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १३* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* अपनी मैया सुमित्रा के सामने खड़े होकर उनके अमृतमयी वचनों को सुन रहे हैं | त्याग की प्रत्यक्ष मूर्ति मैया सुमित्
24 अप्रैल 2020
08 अप्रैल 2020
*इस संसार में जन्म लेने के बाद मनुष्य का लक्ष्य होता है मोक्ष प्राप्त करना | मोक्ष प्राप्त करने के लिए हमारे महापुरुषों ने कई साधन बताए हैं | कोई भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करना चाहता है तो कोई ज्ञानवान बन करके सत्संग के माध्यम से इस मार्ग को चुनता है , और कई मनुष्य बैराग्य धारण करके मोक्ष की कामना कर
08 अप्रैल 2020
28 मार्च 2020
*इस धराधाम पर मनुष्य सभी प्राणियों पर आधिपत्य करने वाला महाराजा है , और मनुष्य पर आधिपत्य करता है उसका मन क्योंकि मन हमारी इंद्रियों का राजा है | उसी के आदेश को इंद्रियां मानती हैं , आंखें रूप-अरूप को देखती हैं | वे मन को बताती हैं और मनुष्य उसी के अनुसार आचरण करने लगता है | कहने का आशय यह है कि समस
28 मार्च 2020
21 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ११* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* को यदि गोस्वामी जी *चातक* कहकर यह प्रतिपादित करते हैं कि लक्ष्मण कि ऐसे *चातक* हैं जो श्री राम रूपी स्वाति नक्
21 अप्रैल 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x