लक्ष्मण :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

14 अप्रैल 2020   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (334 बार पढ़ा जा चुका है)

लक्ष्मण :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺


‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️


🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍


🌹 *भाग - ५* 🌹


🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸


*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*


*श्री लक्ष्मण जी भगवान श्री राम को पूर्णता प्रदान करते हैं , यदि लक्ष्मण ना होते तो शायद भगवान श्री राम एवं भगवती सीता का मिलन कदाचित कठिन था | पुष्प वाटिका जब लक्ष्मण जी ने देखा कि:---*

*"भये विलोचन चारु अचंचल"*

*तभी ये भैया राम एवं सीताजी की मनोदशा को भांप गए थे | राजा जनक के क्षत्रिय वीरों से भरे दरबार में जब कोई भी वुशाल शिव धनुष को नहीं हिला पाया तो जनक जी दुख एवं पश्चाताप से कहने लगे :---*


*दीप दीप के भूपति नाना !*

*आये सुनि हम जो पन ठाना !!*

*देव दनुज धरि मनुज सरीरा !*

*विपुल वीर आये रनधीरा !!*


*अर्थात :- जनक जी कहने लगे कि मेरे प्रण को सुनकर भिन्न भिन्न दीपों के , देशों के राजा एवं राजकुमार ही नहीं बल्कि देवता , राक्षस , यक्ष , गंधर्व भी सुंदर मनुष्यों का वेश बनाकर मेरी पुत्री सीता को व्याहने यहां आये परंतु दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि :--*


*"वीर विहीन मही मैं जानी"*


*लक्ष्मण जी ने जनक जी के दुख भरे भजन सुने तो सोचा कि शायद भैया राम अब कुछ बोलेंगे ! लक्ष्मण जी ने राम जी की ओर देखा तो रामजी मुस्कुराने लगे ! वह मुस्कुरा कर मानो कह रहे हो ! भैया लक्ष्मण ! तुम तो जानते हो मेरा संकोची स्वभाव है , शील एवं मर्यादा के नाते मैं कुछ कह ही नहीं सकता | लक्ष्मण जी भगवान की मुस्कुराहट का अर्थ मानो समझ गए और मन ही मन कहने लगे | भैया ! पुष्प वाटिका से ही मैं देख रहा हूं कि आपने सीता जी को अपने हृदय में स्थान दे दिया है और वाटिका में गौरी जी ने भी सीता जी वरदान दे दिया है कि :---*


*मनु जाहि रांचेउ मिलिहि सो वरु सहज सुंदर सांवरो !*

*करुनानिधान सुजान सील सनेह जानत रावरो !!*


*लक्ष्मण जी मन ही मन कहते हैं भैया ! अब हमें ही आपकी कामना और गौरी जी के आशीर्वाद को पूर्ण करने के लिए कुछ करना पड़ेगा | यह मन में विचार करके भगवान श्री राम एवं भगवती सीता के मिलन का आधार बनकर लक्ष्मण भरी सभा में खड़े हो गए | बिना आधार (नींव) के निर्माण हो ही नहीं सकता और लक्ष्मण जी को गुरुदेव ने पहले ही आधार बता दिया है , तो आज लक्ष्मण जी पुन: अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए , राम सीता के वैवाहिक जीवन के आधार बन कर कहने लगे |*


*हे महाराज जनक ! जिस सभा में एक भी रघुवंशी हो वहां कोई ऐसी अपमानजनक वचन अर्थात "वीर विहीन मही" नहीं कह सकता और यहां तो रघुकुलभूषण, रघुवंशमणि भैया श्रीराम स्वयं बैठे हुए हैं ! उनके होते हुए ऐसा संभाषण कदाचित उचित नहीं है |*

*विचार कीजिए यहां लक्ष्मण जी स्वयं को प्रस्तुत कर सकते थे कि मैं धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाऊँगा परंतु वह आधार है अतः भगवान श्रीराम को आगे कर दिया , वैसे भी वे लक्षणों के धाम भी है तो कुछ मर्यादा का भी ध्यान रखा कि पहले बड़े भैया के ही अवसर दिया जाय | जनक जी के संभाषण पर लक्ष्मण जी ने क्रोधित होकर मानो समस्त सृष्टि को अपना परिचय दे दिया कि पहचान लो मैं कौन हूँ ? लक्ष्मण जी गुरु विश्वामित्र एवं भैया श्रीराम को प्रणाम करके कहते हैं हे भैया ! आप तो मुझे और मेरे प्रभाव को जानते हैं ! यदि आपका आदेश मिल जाय तो इस ब्रह्माण्ड को गेंद की भाँति उठाकर कच्चे घड़े की भाँति फोड़ सकता हूँ फिर इस पुराने धनुष की क्या बिसात है ? ब्रह्माण्ड को तो वही उलट - पलट सकता है जो स्वयं इसका आधार हो !*


*लक्ष्मण जी का क्रोध देखकर श्री राम ने इशारे में उनको कहा कि :- लक्ष्मण भैया ! यद्यपि तुम सब कर सकते हो परंतु अब शांत हो जाओ , क्योंकि तुम्हारा दायित्व पूर्ण हो चुका है तुमने स्वयं को "आधार" सिद्ध करते हुए "धनुष भंग" की आधारशिला रख दी है ! इसके लिए तुम्हारा धन्यवाद ! अब आगे का कर्तव्य मैं स्वयं पूर्ण करूँगा ! इस प्रकार श्री राम विवाह का आधार तैयार किया लक्ष्मण जी ने |*


*शेष अगले भाग में*


🔥♻️🔥♻️🔥♻️🔥♻🔥️♻️🔥


आचार्य अर्जुन तिवारी

प्रवक्ता

श्रीमद्भागवत/श्रीरामकथा

संरक्षक

संकटमोचन हनुमानमंदिर

बड़ागाँव श्रीअयोध्याजी

(उत्तर-प्रदेश)

9935328830


🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀

अगला लेख: लक्ष्मण भाग - ७ :-- आचार्य अर्जुन तिवारी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
01 अप्रैल 2020
मरकज़ की घटना पर जनाब असग़र वज़ाहत साहेब के विचारधर्म का मर्म- असग़र वज़ाहतदिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के मरकज़ में जो घटना घटी उसने बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहली बात यह की बिना प्रशासन को विश्वास में लिए इतने लोगों का जमा करना और वह भी इस माहौल में जमा करना कितना उचित है और कितना नहीं । दूसरी
01 अप्रैल 2020
08 अप्रैल 2020
*इस संसार में जन्म लेने के बाद मनुष्य का लक्ष्य होता है मोक्ष प्राप्त करना | मोक्ष प्राप्त करने के लिए हमारे महापुरुषों ने कई साधन बताए हैं | कोई भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करना चाहता है तो कोई ज्ञानवान बन करके सत्संग के माध्यम से इस मार्ग को चुनता है , और कई मनुष्य बैराग्य धारण करके मोक्ष की कामना कर
08 अप्रैल 2020
11 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - २* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण की जन्म से ही भगवान श्रीराम से बहुत प्रेम करते थे | लक्ष्मण जी के माता , पिता , गु
11 अप्रैल 2020
10 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*सनातन धर्म में रामायण महाभारत दो महान ग्रंथ है , जहां महाभारत कुछ पाने के लिए युद्ध की घोषणा करता है वही रामायण त्याग का आदर्श प्रस्तुत करती है | मनुष्य का आदर्श क्या होता है ? मर
10 अप्रैल 2020
18 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ९* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*रामायण में *लक्ष्मण जी* का चरित्र बहुत ही सूक्ष्म दर्शाया गया है | यह भी सच है कि जितना महत
18 अप्रैल 2020
21 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ११* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* को यदि गोस्वामी जी *चातक* कहकर यह प्रतिपादित करते हैं कि लक्ष्मण कि ऐसे *चातक* हैं जो श्री राम रूपी स्वाति नक्
21 अप्रैल 2020
06 अप्रैल 2020
*समस्त सृष्टि में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ प्राणी कहा जाता है | मनुष्य ने इस धरती पर जन्म लेने के बाद विकास की ओर चलते हुए इस सृष्टि में उत्पन्न सभी प्राणियों पर शासन किया है | आकाश की ऊंचाइयों से लेकर की समुद्र की गहराइयों तक और इस पृथ्वी पर संपूर्ण आधिपत्य मनुष्य ने स्थापित किया है | हिंसक से हिंसक प्रा
06 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ७* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**महाराज जनक की सभा में लक्ष्मण जी एवं परशुराम जी का घनघोर वाकयुद्ध हुआ | परशुराम जी इतने ज्यादा क्रोध में थे कि लक्ष्मण जी क
16 अप्रैल 2020
11 अप्रैल 2020
*इस पृथ्वी पर अनेकों छोटे बड़े जीव हैं सबका अपना - अपना महत्त्व है | इन जीवों के अतिरिक्त अनेक जीवाणु एवं विषाणु भी पृथ्वीमण्डल में भ्रमण किया करते हैं जो कि मवुष्य जैसे बलवान प्राणी के लिए घातक सिद्ध होते रहे हैं | हाथी से लेकर चींटी तक कोई भी महत्वहीन नहीं है , पृथ्वी का सबसे विशलकाय प्राणी हाथी ज
11 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
11 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - २* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण की जन्म से ही भगवान श्रीराम से बहुत प्रेम करते थे | लक्ष्मण जी के माता , पिता , गु
11 अप्रैल 2020
18 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ९* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*रामायण में *लक्ष्मण जी* का चरित्र बहुत ही सूक्ष्म दर्शाया गया है | यह भी सच है कि जितना महत
18 अप्रैल 2020
24 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १३* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* अपनी मैया सुमित्रा के सामने खड़े होकर उनके अमृतमयी वचनों को सुन रहे हैं | त्याग की प्रत्यक्ष मूर्ति मैया सुमित्
24 अप्रैल 2020
12 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ३* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**हम लक्ष्मण जी के जीवन के रहस्यों को उजागर करने का प्रयास करते हुए उनकी विशेषताओं पर चर्चा कर रहे हैं :---**लक्ष्मण जी बचपन
12 अप्रैल 2020
20 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ८* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**जनकपुर में श्री लक्ष्मण जी के जीवन में आई उर्मिला जी | लक्ष्मण जी का चरित्र यदि इतना देदीप्यमान हुअ तो उसमें उर्मिला जी की
20 अप्रैल 2020
20 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १०* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* को गोस्वामी तुलसीदास जी ने *चातक* कहा है और गोस्वामी जी का यह चतुर *चातक* देखना हो को *दोहावली* में देखा जा सक
20 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
*इस धरा धाम पर मानव समाज का एक दिव्य इतिहास रहा है | मनुष्य ने संगठित होकर ऐसे ऐसे कार्य किए हैं जिसकी जितनी बड़ाई की जाए उतना ही कम है | मनुष्य का सबसे बड़ा बल होता है इसका आपस में संगठित होना , संगठित होकर के मनुष्य ने बड़े से बड़े संकटों का सामना भी बड़ी सरलता से किया है | आज तक का इतिहास देखा जा
13 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ६* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी ने जो आधारशिला रखी उसी पर चलकर श्री राम ने विशाल शिव धनुष का खंडन करके सीता जी द्वारा जयमाला ग्रहण की | जन
16 अप्रैल 2020
10 अप्रैल 2020
*इस संसार का नाम है मृत्युलोक , यहां जो भी आया है उसे एक दिन इस संसार का त्याग करके जाना ही है अर्थात जो भी आया है उसकी मृत्यु भी निश्चित है | मृत्यु कों आज तक कोई भी टाल नहीं पाया है इसका अर्थ यह नहीं हुआ कि जानबूझकर मृत्यु को गले लगाया जाय | मृत्यु को गले लगाना भी दो प्रकार का होता है :- एक तो लोक
10 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ७* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**महाराज जनक की सभा में लक्ष्मण जी एवं परशुराम जी का घनघोर वाकयुद्ध हुआ | परशुराम जी इतने ज्यादा क्रोध में थे कि लक्ष्मण जी क
16 अप्रैल 2020
06 अप्रैल 2020
*इस समस्त सृष्टि में ईश्वर ने एक से बढ़कर एक बहुमूल्य , अमूल्य उपहार मनुष्य को उपभोग करने के लिए सृजित किये हैं | मनुष्य अपनी आवश्यकता एवं विवेक के अनुसार उस वस्तु का मूल्यांकन करते हुए श्रेणियां निर्धारित करता है | संसार में सबसे बहुमूल्य क्या है इस पर निर्णय देना बह
06 अप्रैल 2020
08 अप्रैल 2020
*इस संसार में जन्म लेने के बाद मनुष्य का लक्ष्य होता है मोक्ष प्राप्त करना | मोक्ष प्राप्त करने के लिए हमारे महापुरुषों ने कई साधन बताए हैं | कोई भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करना चाहता है तो कोई ज्ञानवान बन करके सत्संग के माध्यम से इस मार्ग को चुनता है , और कई मनुष्य बैराग्य धारण करके मोक्ष की कामना कर
08 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x