लक्ष्मण भाग - ८ :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

20 अप्रैल 2020   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (441 बार पढ़ा जा चुका है)

लक्ष्मण भाग - ८ :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺


‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️


🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍


🌹 *भाग - ८* 🌹


🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸


*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*


*जनकपुर में श्री लक्ष्मण जी के जीवन में आई उर्मिला जी | लक्ष्मण जी का चरित्र यदि इतना देदीप्यमान हुअ तो उसमें उर्मिला जी की प्रमुख भूमिका थी | जिस प्रकार रामराज्य के सूत्रधार लक्ष्मण जी हा उसी प्रकार लक्ष्मण जी को सम्बल प्रदान करने वाली है उर्मिला जी | लक्ष्मण एवं उर्मिला का मिलन महज संयोग नहीं है | गोस्वामी तुलसीदास जी की लेखनी को ध्यान से देखा जाय तो यह अजब संयोग देखने को मिलता है | अयोध्या में नामकरण के समय लक्ष्मण जी का नामकरण सबसे बाद में होता है जबकि शत्रुघ्न से बड़े हैं लक्ष्मण जी , परंतु तीनों भाइयों का नाम रखने के बाद सबसे अंत में गुरुदेव जी ने लक्ष्मण जी का नाम रखा , और जनकपुर में जब चारों राजकुमारियों को बुलाया गया तो वहां भी उर्मिला जी को श्रुतिकीर्ति के बाद सबसे अंत में रखा गया जबकि सबसे छोटी श्रुतिकीर्ति जी | यथा :----*


*"मांडवी श्रुतिकीरति उर्मिला कुंवर लई हंकारि के"*


*कैसा सुखद संयोग है कि अवधपुरी में नामकरण के समय सबसे पीछे लक्ष्मण जी हैं तो जनकपुर में नामस्मरण के समय सबसे पीछे हैं उर्मिला जी | और एक विशेष बात यह कि किसी भी नारी का परिचय पुत्री , पत्नी एवं मां के ही रूप में होता है जैसा कि विवाह के समय दिखाई भी देता है | मांडवी का परिचय देते हुए कहा गया :--*


*"कुसकेतु कन्या प्रथम जो गुन सील सुख शोभामई !*

*सब रीति प्रीति समेत करि सो ब्याह नृप भरतहिं दई !!*


*बाबा जी ने मानस ने बताया कि महाराज जनक के लघुभ्राता कुशध्वज की पहली कन्या का विवाह भरत जी के साथ हुआ श्रुतिकीर्ति का परिचय भी पिता के साथ दिया गया | कन्या के विवाह में कन्या का परिचय पिता के नाम से ही देना होता है क्योंकि पिता कन्यादान करता है | पर जब उर्मिला जी की बारी आई तो तुलसी तुलसीदास जी अपना ही नियम भूल गए और उर्मिला जी का परिचय देते हुए इतना ही लिखा कि "जानकी लघु भगिनी" अर्थात यह सीता जी की छोटी बहन है |*


*विचार करने वाली बात है कि कन्यादान का अवसर हो और महाराज जनक जैसा प्रसिद्ध पिता हो तो उर्मिला जी का परिचय सीताजी अर्थात बहन से क्यों किया गया ? यह बहुत ही गूढ़ रहस्य को समझने का प्रयास किया जाय !तुलसीदास जी ने कह दिया है कि :-*


*"अनुरूप वर दुलहिन परस्पर"*


*अर्थात वर दुलहिन एक दूसरे के पूरक हैं | यदि भरत जी गुण एवं शील की मूर्ति हैं तो मांडवी जी गुण शील , सुख एवं शोभा का रूप हैं | उसी प्रकार शत्रुघ्न जी को कहा गया है "वेदप्रकासा" | " नाम शत्रुघ्न वेद प्रकाशा" तो उनकी दुलहिन हैं श्रुतिकीर्ति जी |*


*लक्ष्मण जी एवं उर्मिला जी को भी देख लिया जाय कि उनमें क्या समानता है | उर्मिला जी का परिचय सीता जी से बाबा जी ने इसलिए कराया क्योंकि वे जानते हैं लक्ष्मण के आराध्य श्री राम एवं सीता जी तो उनको वही आकर्षित कर सकता है जो सीतारामजी से जुड़ा हो | अनेकों गुण होने के बाद भी यदि सीताराम जी से जुड़ाव नहीं है तो लक्ष्मण के लिए वह व्यर्थ है | इसलिए बाबा जी ने उर्मिला का परिचय सीता जी के साथ कराया मानो वे कहना चाह रहे हैं कि हे लक्ष्मण ! तुम्हारी पहचान यदि श्री रामजी से है तो यह भी जान लो कि उर्मिला सीता जी की छोटी बहन है | एक बात और लिखी बाबा जी ने :---*


*" जानकी लघु भगिनी शिरोमणि"*


*उर्मिला जी के लिए तुलसीदास जी ने शिरोमणि शब्द का प्रयोग किया है | ऐसा लिखकर गोस्वामी जी बताना चाह रहे हैं कि शेष के लिए शिरोमणि ही सर्वश्रेष्ठ जोड़ा हो सकता है | क्योंकि सर्प के मस्तक की शोभा मणि से ही हो सकती है |*


*इस प्रकार समान गुणों से युक्त वर कन्या का मेलापक करके जनकपुर में विवाह संपन्न हुआ |*


*शेष अगले भाग में*


🔥♻️🔥♻️🔥♻️🔥♻🔥️♻️🔥


आचार्य अर्जुन तिवारी

प्रवक्ता

श्रीमद्भागवत/श्रीरामकथा

संरक्षक

संकटमोचन हनुमानमंदिर

बड़ागाँव श्रीअयोध्याजी

(उत्तर-प्रदेश)

9935328830


🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀

अगला लेख: राष्ट्र सर्वोपरि :--- आचार्य अर्जुन तिवारी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १०* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* को गोस्वामी तुलसीदास जी ने *चातक* कहा है और गोस्वामी जी का यह चतुर *चातक* देखना हो को *दोहावली* में देखा जा सक
20 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ६* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी ने जो आधारशिला रखी उसी पर चलकर श्री राम ने विशाल शिव धनुष का खंडन करके सीता जी द्वारा जयमाला ग्रहण की | जन
16 अप्रैल 2020
17 अप्रैल 2020
*इस धराधाम पर मनुष्यों का दिव्य इतिहास रहा है | मनुष्य जहां जन्म लेता है वह परिवार एवं राष्ट्र उसके लिए सर्वोपरि होता है , राष्ट्र की सेवा एवं सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देने वाले महावीरा से हमारा इतिहास भरा पड़ा है | जब देश पर कोई संकट आता है तो प्रत्येक देशवासी का एक ही धर्म होता है
17 अप्रैल 2020
11 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - २* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण की जन्म से ही भगवान श्रीराम से बहुत प्रेम करते थे | लक्ष्मण जी के माता , पिता , गु
11 अप्रैल 2020
10 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*सनातन धर्म में रामायण महाभारत दो महान ग्रंथ है , जहां महाभारत कुछ पाने के लिए युद्ध की घोषणा करता है वही रामायण त्याग का आदर्श प्रस्तुत करती है | मनुष्य का आदर्श क्या होता है ? मर
10 अप्रैल 2020
08 अप्रैल 2020
*इस संसार में जन्म लेने के बाद मनुष्य का लक्ष्य होता है मोक्ष प्राप्त करना | मोक्ष प्राप्त करने के लिए हमारे महापुरुषों ने कई साधन बताए हैं | कोई भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करना चाहता है तो कोई ज्ञानवान बन करके सत्संग के माध्यम से इस मार्ग को चुनता है , और कई मनुष्य बैराग्य धारण करके मोक्ष की कामना कर
08 अप्रैल 2020
24 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १३* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* अपनी मैया सुमित्रा के सामने खड़े होकर उनके अमृतमयी वचनों को सुन रहे हैं | त्याग की प्रत्यक्ष मूर्ति मैया सुमित्
24 अप्रैल 2020
18 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ९* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*रामायण में *लक्ष्मण जी* का चरित्र बहुत ही सूक्ष्म दर्शाया गया है | यह भी सच है कि जितना महत
18 अप्रैल 2020
10 अप्रैल 2020
*इस संसार का नाम है मृत्युलोक , यहां जो भी आया है उसे एक दिन इस संसार का त्याग करके जाना ही है अर्थात जो भी आया है उसकी मृत्यु भी निश्चित है | मृत्यु कों आज तक कोई भी टाल नहीं पाया है इसका अर्थ यह नहीं हुआ कि जानबूझकर मृत्यु को गले लगाया जाय | मृत्यु को गले लगाना भी दो प्रकार का होता है :- एक तो लोक
10 अप्रैल 2020
18 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ९* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖*रामायण में *लक्ष्मण जी* का चरित्र बहुत ही सूक्ष्म दर्शाया गया है | यह भी सच है कि जितना महत
18 अप्रैल 2020
07 अप्रैल 2020
*मनुष्य को ईश्वर ने विवेक दिया है जिसका प्रयोग वह उचित - अनुचित का आंकलन करने में कर सके | मनुष्य के द्वारा किये गये क्रियाकलाप पूरे समाज को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित अवश्य करते हैं | सामान्य दिनों में तो मनुष्य का काम चलता रहता है परंतु मनुष्य के विवेक की असली परीक्षा संकटकाल में ही होती है |
07 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
*परमपिता परमात्मा द्वारा बनाई गई इस सृष्टि में चौरासी लाख योनियाँ भ्रमण करती हैं , इन चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ कही गई है मानवयोनि | अनेक जन्मों की संचित पुण्य जब उदय होते हैं तो जीव को मनुष्य का जीवन मिलता है | गोस्वामी तुलसीदास जी मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हुए अपने मानस में लिखते हैं :-
16 अप्रैल 2020
11 अप्रैल 2020
*इस पृथ्वी पर अनेकों छोटे बड़े जीव हैं सबका अपना - अपना महत्त्व है | इन जीवों के अतिरिक्त अनेक जीवाणु एवं विषाणु भी पृथ्वीमण्डल में भ्रमण किया करते हैं जो कि मवुष्य जैसे बलवान प्राणी के लिए घातक सिद्ध होते रहे हैं | हाथी से लेकर चींटी तक कोई भी महत्वहीन नहीं है , पृथ्वी का सबसे विशलकाय प्राणी हाथी ज
11 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ६* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी ने जो आधारशिला रखी उसी पर चलकर श्री राम ने विशाल शिव धनुष का खंडन करके सीता जी द्वारा जयमाला ग्रहण की | जन
16 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ७* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**महाराज जनक की सभा में लक्ष्मण जी एवं परशुराम जी का घनघोर वाकयुद्ध हुआ | परशुराम जी इतने ज्यादा क्रोध में थे कि लक्ष्मण जी क
16 अप्रैल 2020
14 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ५* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी भगवान श्री राम को पूर्णता प्रदान करते हैं , यदि लक्ष्मण ना होते तो शायद भगवान श्री राम एवं भगवती सीता का मि
14 अप्रैल 2020
14 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ५* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी भगवान श्री राम को पूर्णता प्रदान करते हैं , यदि लक्ष्मण ना होते तो शायद भगवान श्री राम एवं भगवती सीता का मि
14 अप्रैल 2020
24 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* अपनी माता सुमित्रा से विदा लेकर प्रभु श्रीराम के पास प्रमुदित मन से पहुंच गये | *गये लखन जहं जानकिनाथू !**भे मन
24 अप्रैल 2020
20 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - १०* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी* को गोस्वामी तुलसीदास जी ने *चातक* कहा है और गोस्वामी जी का यह चतुर *चातक* देखना हो को *दोहावली* में देखा जा सक
20 अप्रैल 2020
13 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ४* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**लक्ष्मण जी के बिना श्री राम जी का चरित्र अधूरा है | भगवान श्रीराम यदि पूर्ण परमात्मा है तो उनको पूर्णत्व प्रदान करते ही श्र
13 अप्रैल 2020
16 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ७* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**महाराज जनक की सभा में लक्ष्मण जी एवं परशुराम जी का घनघोर वाकयुद्ध हुआ | परशुराम जी इतने ज्यादा क्रोध में थे कि लक्ष्मण जी क
16 अप्रैल 2020
14 अप्रैल 2020
🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺🌲🌺 ‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️ 🐍🏹 *लक्ष्मण* 🏹🐍 🌹 *भाग - ५* 🌹🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸🍏🩸*➖➖➖ गतांक से आगे ➖➖➖**श्री लक्ष्मण जी भगवान श्री राम को पूर्णता प्रदान करते हैं , यदि लक्ष्मण ना होते तो शायद भगवान श्री राम एवं भगवती सीता का मि
14 अप्रैल 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x