पूर्ण मनोयोग से किया गया कर्म सफलता की कुँजी

05 मई 2020   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (319 बार पढ़ा जा चुका है)

पूर्ण मनोयोग से किया गया कर्म सफलता की कुँजी

पूर्ण मनोयोग से किया गया कर्म सफलता की कुँजी

जो व्यक्ति अपने कार्य को पूरी निष्ठा और गम्भीरता के साथ पूर्ण करता है वह कभी भी असफल नहीं होता, ऐसे लोग सम्मान के पात्र होते हैं | कार्य के प्रति निष्ठा और गम्भीरता के साथ यदि विनम्रता और सरलता जैसे गुण भी मिल जाएँ तब तो जैसे सोने पे सुहागा |

विनम्रता एक ऐसा गुण जिसके प्रकाश से मनुष्य के जीवन में निरन्तर निखार आता रहता है | विनम्र व्यक्ति वास्तव में अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह पूर्ण मनोयोग से करता है और इसीलिए सबके मनों को भी मोह लेता है |

सरलता और सादगी ये दो ऐसे गुण हैं जो मनुष्य को सुखी बनाते हैं | मनुष्य जितने सरल स्वभाव का होगा और जितना सादा उसका जीवन होगा उतना ही वह सुखी, शान्तचित्त तथा आनन्द और उत्साह से परिपूर्ण रहेगा और उमंगों की तरंगें उसकी मनवीणा को आन्दोलित करती रहेंगी और उसका मन मयूर उछाह में भर नृत्य कर उठेगा | किसी भी प्रकार के दिखावे तथा आत्मश्लाघा से रहित ऐसे व्यक्ति न केवल अपने लक्ष्य को सरलता से प्राप्त करने में समर्थ होते हैं, बल्कि दूसरों की भी सहायता करते हैं और उनका मार्गदर्शन करते हैं |

हम सब इसी प्रकार पूर्ण गम्भीरता और निष्ठा के साथ कर्मपथ पर अग्रसर रहें तथा विनम्रता और सरलता तथा सादगी को अपना मूलभूत स्वभाव बनाते हुए यथासम्भव दूसरों की सहायता करते रहें यही कामना है...

अगला लेख: हमारी शादी की सैंतीसवी वर्षगाठ



https://hindiskosh.blogspot.com/

सही

सही

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x