देवाधिदेव

15 मई 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (293 बार पढ़ा जा चुका है)

देवाधिदेव

★★★★★देवाधिदेव ★★★★★


"परम पुरुष" के बाहर कुछ भी नहीं।
वे हीं देव हैं जो ब्रह्माण्डीय कार्यकी
के कारण हैं। ब्रह्म रंध्र वा विश्व नाभि
से उत्सर्जित अभिव्यक्त महापँचभूत
तरंगें हीं देवता हैं जो देव स्वरूप
परम पुरुष की सृष्टि नियंत्रित करते हैं।
यहीं महाशक्ति ब्रह्माण्ड के अनवरत
ताण्डव का कारण है जिसके अंतर्गत्
समस्त ब्रह्माण्ड उनसे उत्सर्जित हो
उनमें हीं समाहृत हो अनंत:
सृष्टिचक्र का कारण बनता है।
🕉️🕉️🕉🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️


🙏🙏डॉ. कवि कुमार निर्मल🙏🙏

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