कोरोना वायरस महामारी से सीखने वाले सबक

17 मई 2020   |  जोगिंदर पोसवाल   (384 बार पढ़ा जा चुका है)

कोरोना वायरस महामारी से सीखने वाले सबक

COVID-19 महामारी, जिसे कोरोना वायरस महामारी (corona virus epidemic) नाम से जाना जाता है इसकी शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी जहाँ दिसंबर 2019 में इसको पहचाना गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 30 जनवरी को इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (Public Health Emergency) की घोषणा की थी।

अभी तक करीब 227 देशों में ये महामारी के रूप में फैल गई है। इसने पूरी मानवता को हिला कर रख दिया है। बहुत सी बीमारियाँ आयी और चली गयी परन्तु इतने बड़े स्तर पर इतने ज्यादा देशों को परेशानी में डालने वाली शायद मेरी जानकारी में ये पहली महामारी है।

इस बीमारी के चलते ना सिर्फ इसका फैलने का डर है बल्कि इसके कारण जो फुल लॉकडाउन हुआ उसने लोगो की जिन्दगी को हिला कर रख दिया। जाने कितने ही बिज़नेस बंद हो गए कितनो की नौकरी चली गयी। मेरे जैसे जाने ही कितने लोग घरो से काम कर रहें है।

इन सब परेशानियो के चलते जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल गया है और समझ आया है कि हमें इस सबक लेने चाहिए। कुछ सबक जो मुझे लगता है सभी को समझने चाहिए मैं यहाँ शेयर कर रहा हूँ।

  1. बचत करना सीखे- इस माहमारी के चलते सभी देशो की अर्थव्यवस्था को एक शक्तिशाली झटका लगा है। हमारे बहुत से भाई-बहनो ने अपने आय के साधन खो दिए है। जो बचत हम करते है जिसे आप इमरजेंसी फण्ड भी बोल सकतें है ऐसे ही समय में काम आते है। आप कितने भी अपने खर्चे कम कर रोजमर्रा की जरुरत की चीजे तो आपको खरीदनी ही पड़ेंगी। आज उन लोगो का बुरा हाल है जिन्होंने बचत के नाम पर कुछ ख़ास पैसे जमा नहीं किये है।
    हमेशा याद रखें आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्चे चलाने लायक बचत होनी चाहिए जिसे आप बहुत ज्यादा इमरजेंसी में ही यूज़ करें।
  2. अपनी सेहत पर ध्यान दे- आज सबसे बड़ी प्रॉब्लम है सेहत की। हमारा ध्यान अपने सही खान-पान से और प्रतिदिन के व्यायाम करने से बिलकुल हट गया है। इसके चलते हमारा इम्यून सिस्टम (यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली है जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखती है और बाहरी संक्रमण और रोगाणुओं को नष्ट करने का कार्य करती है।) बहुत कमजोर हो गया है।कोरोना वायरस महामारी (corona virus epidemic) में एक बात सामने आयी कि जिसका इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) immune system कमजोर होता है उस पर इस वायरस का सबसे बुरा असर होता है और मजबूत इम्यून सिस्टम वालें इससे आसानी से अपने आप सही हो जाते है। यही नहीं कोई भी बीमारी आपको छू भी नहीं सकती अगर आपके शरीर का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) immune system मजबूत होगा। इसलिए अब काम से समय निकले और अपने खान-पान पर ध्यान दे और प्रतिदिन व्यायाम करें।
  3. जो करना है कर लो अपने सपनों और इच्छाओं को कल पर मत टालो- मेरे साथ हमेशा एक समस्या रही है मैंने काम को सबसे आगे रखा और अपनी सपनों और इच्छाओं को कल पर टालता रहा। जैसे मेरी कुछ यात्रा करने की योजनाएं है जिन्हें मैं काम के चलते अगले साल अगले साल पर टाल रहा हूँ। कुछ लोग सोचते है आज जितना काम करना है कर लो जितना कमाना है कमा लो रिटायरमेंट के बाद आराम की जिंदगी जियेंगे या फिर हम सुखी ना रहा पाए तो क्या हमारे बच्चे सुखी रहेंगे। ऐसा नहीं होता है कल का किसी को नहीं पता, कल के चक्कर में अपना आज ख़राब मत करो। लम्बी छुट्टी पर जाना है तो चले जाओ कुछ अपने लिए जिओ सही समय जैसे कोई समय नहीं होता आज ही सही समय है।
  4. एक इनकम के सहारे मत रहो- ये एक बात आपको समझनी बहुत जरुरी है। आज आप देखें जिनके पास इनकम के लिए नौकरी थी या कोई एक बिज़नेस था और कोरोनावायरस महामारी के चलते वो नौकरी चली गयी या वो बिज़नेस बंद हो गया उनकी बुरी हालत है। आप अगर देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि ज्यादातर सफल लोगो के पास इनकम के कई सारे साधन होते है अगर उनको कोई एक बिज़नेस में नुकसान होता है तो वे किसी दूसरे बिज़नेस से पूरा कर लेते है। कोशिश करें अपनी नौकरी या किसी एक बिज़नेस के साथ-साथ कोई दूसरा इनकम का साधन भी बना ले चाहे उसके लिए आपको खुद ही मेहनत करनी पढ़े या आप अपने किसी फॅमिली मेमबर जैसे पत्नी के साथ कर लें।
  5. परिवार होना सबसे बड़ा सुख है- हमने अपने आप को अपनी नौकरी या अपने बिज़नेस में इतना व्यस्त कर लिया है कि हमारे पास अपने परिवार के लिए समय ही नहीं है। कोरोनावायरस महामारी के लॉकडाउन में जब सभी घर पर है तो ये अहसास हो रहा है कि हमारे माता-पिता, हमारे बच्चे, हमारा जीवन साथी सभी हम से बहुत प्यार करते है वो हम से बहुत बातें करना चाहते है और एक हम है किसी के लिए समय ही नहीं। जब परिवार ही आप से जुड़ा नहीं रहेगा तो ये सब भाग-दौड किस लिए ? आप से जितने लोग जुड़ते है सभी आप से उनके लिए समय चाहते है जिनसे आपके और उनके रिश्ते और अच्छे हो सकें। परिवार होना सबसे बड़ा सुख है।
  6. प्रकर्ति पर ध्यान दें- आधुनिकीकरण, विकास, उन्नति, प्रगति, इन सब के चक्कर में हमने भगवान् की बनाई इस प्रकर्ति, धरती, नदियाँ सबको बर्बाद कर दिया। कोई नहीं सोच रहा कि प्रकर्ति है तो मानव जाति है प्रकर्ति नहीं तो सब खत्म हो जाएगा। कोरोना वायरस महामारी (corona virus epidemic) के लॉकडाउन के चलते जब सारे उद्योग, यातायात, लोगो का आना जाना सब बंद है तो समझ आ रहा है हमने क्या कर दिया था। नदियों का पानी एक दम साफ़ हो गया। आकाश में तारे ही तारे नजर आते है। बहुत से जानवर, पक्षी देखने लगे है। हवा एक दम साफ़ है। इस हवा में सांस लेने से शरीर में अलग ही अहसास होता है। प्रकर्ति की ये सारी ख़ूबसूरती कही खो गयी थी जो अब फिर से वापिस आयी है। हमे इसको फिर से नहीं खोना है इस बार इसका ध्यान रखना होगा।


This post was originally published at joginderposwal.com

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