अर्जुन के तीर

28 जून 2020   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (277 बार पढ़ा जा चुका है)

अर्जुन के तीर

🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥


‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼


🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹


🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹


*मानव जीवन को उत्कृष्ट बनाने के लिए क्या करना चाहिए क्या नहीं ? यह सारा वर्णन सनातन धर्म के सत्साहित्यों में पढ़ने को मिलता है | जीवन के प्रत्येक अंग - उपांगों एवं कृत्यों का जितना दिव्य वर्णन सनातन धर्म में देखने को मिलता है वैसा कहीं किसी धर्म में नहीं है | परंतु आज हम स्वयं को सनातनी तो कहते लेकिन सनातन के ग्रंथों में उद्धृत विचारों को छोड़कर अन्य विचारों का प्रचार प्रसार करते हैं | हमारा वही हाल है जो बाबा जी मानस में लिखा है :-- काँच किरिच बदले ते लेहीं ! कर ते डारि परस मनि देहीं !! अपनी वैचारिकता को परिवर्तित करके अपने धर्मग्रंथों का अध्ययन करना ही श्रेयस्कर है |*


🌼🌳🌼🌳🌼🌳🌼🌳🌼🌳🌼


*शुभम् करोति कल्याणम्*


🍀🎈🍀🎈🍀🎈🍀🎈🍀🎈🍀

अगला लेख: अर्जुन के तीर



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *प्रत्येक मनुष्य अपने लिए सदैव सबकुछ अच्छा ही सोंचता है , अच्छा ही करता है और अच्छा ही चाहता है परंतु सबकुछ अपने सोंचने एवं चाहने से नहीं होता है | हम सदैव किसी भी प्रतियोगिता
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है यहाँ एक दूसरे का सहयोग लेकर ही जीवन यापन होता है ! कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कि बहुत दूर के होते हुए भी अपवे सगे से भी अधिक प्रिय हो जाते हैं | म
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *मनुष्य की पहचान उसके आचरण से होती है ! आचरण का पाठ सर्वप्रथम बालक को माता के द्वारा सिखाया जाता है फिर विद्यालय में गुरु के द्वारा वह आचरण का पाठ सीखता है | मानव समाज को उनके
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *मानव जीवन स्वयं में एक परीक्षा है | मनुष्य जीवन भर परीक्षा देता रहता है परंतु सफल वही होता है जिसने परीक्षा की तैयारी पूर्ण कर रखी होती है | प्रायः लोग बिना पढ़ाई किये ही पर
28 जून 2020
28 जून 2020
*मानव जीवन में कुछ भी करने या लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि मनुष्य संकल्पित हो | बिना दृढ़ संकल्प के कुछ भी नहीं प्राप्त किया जा सकता है | सनातन धर्म ने आदिकाल से संकल्प के महत्व को समझते हुए किसी भी धार्मिक कृत्य के प्रारम्भ करने के पहले संकल्प का विधान रखा है | बिना संकल्प लिए की गयी पूज
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *मानव जीवन बहुत ही दिव्य कहा गया है परंतु इस जीवन का उपभोग बहुत ही सावधानी पूर्वक करना चाहिए | क्योंकि तनिक सी भी असावधानी से सकारात्मक परिणाम नकारात्मक हो जाते हैं | सावधानी
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *भारत कृषि प्रधान देश है , कृषिकार्य के लिए जल की आवश्यकता होती है | जल भी उचित समय पर मिलना चाहिए | खेती सूख जाने के बाद जल का न तो कोई मबत्व रह जाता है और न ही आवश्यकता | ठी
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *भारत कृषि प्रधान देश है , कृषिकार्य के लिए जल की आवश्यकता होती है | जल भी उचित समय पर मिलना चाहिए | खेती सूख जाने के बाद जल का न तो कोई मबत्व रह जाता है और न ही आवश्यकता | ठी
28 जून 2020
28 जून 2020
*सनातन धर्म में मंत्रों का बड़ा महत्व है , प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग मंत्रों का विवरण हमारे धर्म ग्रंथों में प्राप्त होता है | वैदिक मंत्र , पौराणिक मंत्र , तांत्रिक मंत्र , शाबर मंत्र आदि अनेक प्रकार के मंत्र सृष्टि में मानव जाति का सहयोग करते हैं | किसी मंत्र का प्रयोग करने के पहले उसके विषय
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *प्रत्येक मनुष्य अपने लिए सदैव सबकुछ अच्छा ही सोंचता है , अच्छा ही करता है और अच्छा ही चाहता है परंतु सबकुछ अपने सोंचने एवं चाहने से नहीं होता है | हम सदैव किसी भी प्रतियोगिता
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *आदिकाल से ही मनुष्य सतत् विकासशील रहा है नित्य नये आविष्कार करके समस्त मानव जाति को उसका लाभ आविष्कारकों ने दिया | इसी क्रम में दर्पण (शीशा) का आविष्कार हुआ जिसमें मनुष्य स्व
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *मानव जीवन स्वयं में एक परीक्षा है | मनुष्य जीवन भर परीक्षा देता रहता है परंतु सफल वही होता है जिसने परीक्षा की तैयारी पूर्ण कर रखी होती है | प्रायः लोग बिना पढ़ाई किये ही पर
28 जून 2020
28 जून 2020
🔥⚜🔥⚜🔥⚜🔥⚜🌸⚜🔥 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🏹 *अर्जुन के तीर* 🏹🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹 *मानव जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है मनुष्य की वाणी एवं व्यवहार | प्राय: मनुष्य अपने शत्रु एवं मित्रों की गिनती किया करता है | शत्रु एवं मित्र का निर्धारण या प्राकट़्य मनुष्य के
28 जून 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x