मेरे जनक तुम्हारी स्मृति

04 जुलाई 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (292 बार पढ़ा जा चुका है)

मेरे जनक तुम्हारी स्मृति

मित्रों, आज अपने जन्मदिन के अवसर पर अत्यन्त स्नेहशील और पूरी तरह से केयर करने वाले पति डॉ. दिनेश शर्मा, प्यारी बिटिया स्वस्ति श्री और उसके पति जीत के साथ साथ ढेर सारे मित्रों ने भी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं | सभी का बहुत बहुत धन्यवाद | पर इतने लोगों का प्यार और साथ मिलने के बाद भी न जाने क्यों पिताजी का अभाव हर पल खटकता रहता है | बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी मेरे पिता पण्डित यमुना प्रसाद कात्यायन जब तक जीवित थे मेरे पिता होने के साथ साथ मेरे मार्गदर्शक मित्र, साथ में मस्ती करने वाले सखा, भाई और न जाने क्या क्या थे | मेरे मुँह से बात निकलने से पहले ही समझ जाते थे क्या चाहती हूँ | यों तो उनकी याद हर पल बनी रहती है | पर अपना हर जन्मदिवस उनके बिना फीका लगता है | गुरु पूर्णिमा को सुबह सुबह गुरु पूजा से भी पहले पिताजी हमारे जन्मदिन की पूजा किया करते थे | ये रचना उन्हें ही समर्पित है...

https://youtu.be/rlU2TZbOxYs

अगला लेख: पावस



कल्पनाrms
05 जुलाई 2020

happy birthday 🎂🎈

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
19 जुलाई 2020
अभावों और पीड़ा को गान बना देने वाले प्रेम और विरहके साधक, बादलों से सलाम लेने वाले,विभावरी, आसावरी और अंतर्ध्वनि के गायक पद्मभूषणश्री गोपालदास नीरज – जिनके गीतों, ग़ज़लों, दोहों के एक एक शब्द में – एक एक छन्द में मानों एक नशा सा भरा हुआ है...जो कभी दार्शनिक अन्दाज़ में कहते हैं... “नींद भी खुली नथी कि
19 जुलाई 2020
18 जुलाई 2020
कमलपत्र पर गिरी हुई जल की कुछ बूँदें...गर्मी के बाद आरम्भिक वर्षा में जल की अमृत बूँदें धरा सोख लेती है... परिणामतःचारों ओर हरीतिमा फैल जाती है... लेकिन धरा को देखिये, मेघों से अमृतजल का दान लेती है... साराउपवन हरा भरा हो जाता है... पर पतझड़ के आते ही धरा उसकी ओर झुक जाती है और उपवन कीहरियाली सूख जात
18 जुलाई 2020
30 जून 2020
आज का प्रेरक प्रसंग ग्लास को नीचे रख दीजिये-------------------------------------------------एक प्रोफ़ेसर ने अपने हाथ में पानी से भरा एक Glass पकड़ते हुए Class शुरू की . उन्होंने उसे ऊपर उठा कर सभी Students को दिखाया और पूछा , ” आपके हिसाब से Glass का वज़न कितना होगा?” ’50gm….100gm…125
30 जून 2020
01 जुलाई 2020
जीवन मेंअनगिनती पल ऐसे आते हैं जब माता पिता की याद अनायास ही मुस्कुराने को विवश कर देतीहै | ऐसा ही कुछ कभी कभी हमारे साथ भी होता है | माँ क्या होती है – इसके लिए तोवास्तव में शब्द ही नहीं मिल पाते | माँ की जब याद आती है तो बस इतना ही मन करताहै: माँ तेरी गोदीमें सर रख सो जाऊँ मैं पल भर को, तो लोरी तू
01 जुलाई 2020
23 जून 2020
क्या ये नया अप्प बच्चो के लिए सुरक्षित है?
23 जून 2020
13 जुलाई 2020
अपनी भूलों से घबराएँ नहीं, उनसे शिक्षालेंहमारे पास किसी समस्या से त्रस्त होकर कंसल्टेशन के लिए जो लोग आते हैं तोकई बार वे प्रश्न कर बैठते हैं कि डॉ पूर्णिमा, हमने तो जीवन में कभी कोईभूल नहीं की – कभी कोई अपराध नहीं किया – फिर हमारे साथ ऐसा क्यों हो रहा है ? कलभी कुछ ऐसा ही हुआ | किन्हीं सज्जन से फोन
13 जुलाई 2020
16 जुलाई 2020
16 जुलाई 2020
08 जुलाई 2020
Humayun’s TombFriends!from today on WOW India channel, we are going to start a new program – भारत भ्रमण – tour of India –with an executive member of WOW India, Sunanda Srivastava, who was an officerin archaeological department of India. Through this program we will give youthe information about vari
08 जुलाई 2020
20 जून 2020
मानसिक असन्तुष्टि और अशान्तिहमारा मन वास्तव में स्वयं को किसी न किसी रूप में अपूर्ण - अधूरा -असन्तुष्ट मानने के लिए स्वतन्त्र है । लेकिन क्या डिप्रेस होकर - स्वयं से अथवासमाज या व्यवस्था की ओर से निराश होकर आत्महत्या कर लेना ही इस समस्या का समाधानहै ? संसारतो पहले से ही नाशवान है, स्वयं उस दिशा में
20 जून 2020
03 जुलाई 2020
रात दिन चौबीस घंटे बरखा रानी अपनी सखी दमयन्तीदेवी की स्वर्णिम पायल झंकारती सखा मेघराज के मृदंग की थाप पर रिमझिम का गानसुनाती मस्त पवन के साथ मादक नृत्य दिखाती हो – लेकिन इसी बीच शाम को उनकी सखी धवलधूप इन्द्रधनुष का बाण चढ़ाए कुछ पलों के लिए उपस्थित हो जाएँ – और अपनी सखी बरखासे मिलकर वापस लौट जाएँ बरख
03 जुलाई 2020
23 जून 2020
योवो अप्प पर जल्दी फेमस कैसे हो सकते है? इसका कोई ट्रिक बताइये
23 जून 2020
24 जून 2020
प्रकृति के समस्त कार्य नियमों में बंधेहोते हैं – एक लय में बंधे होते हैं | लेकिन इसके साथ ही प्रकृति का हर अंग अपनेशर्तों पर प्रवाहमान रहता है | इनका प्रवाह तभी बाधित होता है जब ये अपने चरम सेजा मिलते हैं | कुछ ऐसा ही भाव आज की रचना में है... “नियम प्रकृति का”...https://youtu.be/KshyF0oP6ic
24 जून 2020
10 जुलाई 2020
पावस की सुषमा है छाई ||सजे कसुम्भी साड़ी सर पर, इन्द्रधनुष पर शर साधे थिरक रही है घटा साँवरी बिजली की पायल बाँधे |घन का मन्द्र मृदंग गरजता, रिमझिम रिमझिम की शहनाई ||पूरा सुनने के लिए क्लिककरें...https://youtu.be/zRVx57amQzs
10 जुलाई 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x