कोरोना का नगर भ्रमण (भाग 1)

31 जुलाई 2020   |  Arun choudhary(sir)   (309 बार पढ़ा जा चुका है)

कोरोना का नगर भ्रमण (भाग 1)

मिस्टर कोरोना अपनी पत्नी मिसेज कोरोना अपने बेटे कोविड और बेटी नाएंटीन को साथ ले कर इंदौर नगर भ्रमण पे निकले।एक लापरवाह इंदौरी के मास्क पे बैठ

एक दिन में ही कई बाजार घूम गए।लोगों की भीड़ देख उन्हें बड़ा ही आश्चर्य हुआ कि इंदौरी लोग डरते क्यों नहीं है।जहां देखो वहां झुंड में खड़े बतियाते मिल रहे है,धीरे से मास्क नीचे कर तंबाखू पिचकाते हुए बोलते है; यार मामला बड़ा गंभीर है।रोज केस बढ़ते जा रहे है,पता ही नहीं चल रिया है कि कौन कौन कोरोना ले के घूम रहा है।में तो बोलता हूं कि ये मान के चलो कि सामने कोरोना खड़ा है। अरे नी यार कोरोना वोरोना कुछ नी है ,ये तो डॉक्टर,पुलिस,नेता लोग और नगर निगम कर्मचारियों की मिलीभगत है।जिसको विसको कोरोना पॉजिटिव बता पूरे परिवार को धर ले जा रहे है। कोरोना परिवार उसके मास्क से सामने वाले के दाढ़ी पे जा बैठे अगले सफ़र के लिए।आगे भीड़ देख मिसेज कोरोना बोली क्या बात है यहां तो बिल्कुल डर नाम की चीज ही गायब है।अरी पगली ये दारू की दुकान है ,इनसे अपुन को डरना है; चल जल्दी से दाढ़ी से उतर और सामने जा रही मैडम के पर्स पे बैठ जाओ।आगे का सफर पर्स पे प्रारंभ हुआ।

मैडम बैंक में गई,वहां गार्ड ने सिर के सामने गन लगा टेम्परेचर देख हाथ में सैनिटाइजर स्प्रे किया ।मैडम अंदर साथ में पर्स पे बैठी कोरोना फैमिली भी अंदर।सभी लोग सोशल डीस्टेंसिंग को मजाक बना खड़े थे,हालांकि सभी ने मास्क लगा रखे थे ।कुछ का मास्क कान ,तो कुछ का मास्क मुंह,तो कुछ का मास्क नाक खुली छोड़ लगा हुआ था।कुछ फ़ैशन डिजाइनरों ने दाढ़ी पे, तो कुछ ने सिर पे उसे सजा रखा था।मैडम ने पर्स से जमा करने के लिए रूपए निकाले कैशियर को दिए और कोरोना फैमिली नोट की गड्डी के साथ तिज़ोरी में पहुंच गई। बच्चे कोविड और नाएंटीन दोनों नोट देख खुशी खुशी कूदने फांदने लगे।और रात भर में पूरी तिज़ोरी में संक्रमण फैला चुके थे।

सुबह नित्य क्रिया पूरी कर मिस्टर और मिसेज कोरोना बच्चों के साथ तैयार हो तिज़ोरी के खुलने का इंतजार कर रहे थे।जैसे ही कैशियर ने तिज़ोरी खोली पुरा परिवार उसके सेनिटाइज़ की हुई हथेली पे बैठ एक ग्राहक के साथ हो लिए नगर भ्रमण के लिए। वह आदमी अपने पैर की खुजली का इलाज कराने एक डॉक्टर के क्लिनिक पे पहुंचा ।सारे प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद वैटिंग रूम में बैठ गया ।तब तक कोरोना फैमिली उसकी रिपोर्ट फाइल पे पहुंच चुकी थी।बातों बातों में एक होशियार पडोसी मरीज के साथ आए व्यक्ति ने उसकी फाइल टटोली और कोरोना फैमिली उसके साथ हो ली।आगे उस व्यक्ति के साथ सब्जी मंडी और फिर मिठाई की दुकान पे संक्रमण फैला कोरोना फैमिली उसके पैंट की जेब में बैठ घर तक जा पहुंची।

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