जय श्री कृष्ण

11 अगस्त 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (442 बार पढ़ा जा चुका है)

जय श्री कृष्ण

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

आज और कल पूरा देश जन साधारण को कर्म, ज्ञान, भक्ति, आत्मा आदि की व्याख्या समझाने वाले युग प्रवर्तक परम पुरुष भगवान् श्री कृष्ण का 5247वाँ जन्मदिन मनाने जा रहा है | आज स्मार्तों (गृहस्थ लोग, जो श्रुति स्मृतियों में विश्वास रखते हैं तथा पञ्चदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश, गणेश और माँ पार्वती की उपासना करते हैं) का व्रत है और कल वैष्णवों (विष्णु के उपासक तथा गृहस्थ धर्म से यथासम्भव दूरी बनाकर चलने वाला सम्प्रदाय) का | सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की अनेकशः हार्दिक शुभकामनाएँ...

कृष्ण बनना वास्तव में बहुत कठिन है | क्योंकि कृष्ण, एक ऐसा व्यक्तित्व जो अव्यक्त होते हुए भी व्यक्त ब्रह्म है, जो मूलतः नर और नारायण दोनों है, जो स्वयंभू हैं | द्युलोक जिनका मस्तक है, आकाश नाभि, पृथिवी चरण, अश्विनीकुमार नासिका, सूर्य चन्द्र तथा समस्त देवता जिनकी विभिन्न देहयष्टियाँ हैं | जो प्रलयकाल के अन्त में ब्रह्मस्वरूप में प्रकट हुए तथा सृष्टि का विस्तार किया |

देश भर में श्री कृष्ण के अनेक रूपों की उपासना की जाती है | जैसे जगन्नाथपुरी में भगवान् जगन्नाथ के रूप में समस्त जगत यानी संसार के नाथ यानी स्वामी हैं | केरल के गुरुवयूर में बालरूप में विद्यमान हैं, उडुपी में भी हाथ में मक्खन लिए हुए बालक के रूप में प्रतिष्ठित हैं – जो प्रतीक है इस तथ्य का यदि मनुष्य का मन नन्द के माखन चोर लला के समान निश्छल और मधुर रहेगा तो संसार में केवल प्रेम ही प्रेम प्रसारित होगा | विश्व प्रसिद्ध बाँके बिहारी मन्दिर में हाथ में वंशी थामे नृत्य की मुद्रा में तिरछे खड़े हैं और सन्देश दे रहे हैं कि जन मानस में परस्पर एक दूसरे के प्रति और समस्त जड़ चेतन के प्रति सद्भावना, प्रेम तथा सहयोग का भाव होगा तो विश्व में अशान्ति का कोई कारण ही नहीं होगा और जन जन का मन प्रेम की मस्ती में नृत्य कर उठेगा |

राजस्थान के प्रसिद्ध नाथद्वारा में श्रीनाथ जी के रूप में हाथ पर गोवर्धन पर्वत उठाए मानों घोषणा कर रहे हैं कि प्रकृति से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, अपितु आवश्यकता है प्रकृति को हानि पहुँचाए बिना उसके साथ प्रेम और आत्मीयता का सम्बन्ध स्थापित करने की – तब प्रकृति भी प्रतिदान स्वरूप न केवल हमारी सुरक्षा करेगी अपितु हमारा समुचित भरण पोषण भी करेगी |

इसी तरह से गुजरात में श्री कृष्ण रणछोड़ के रूप में उपस्थित हैं | जरासंध के साथ युद्ध के समय कृष्ण युद्धभूमि से भाग आए | सबने समझा पीठ दिखाकर भागे हैं, किन्तु पूर्ण रूप से योजना बनाकर फिर से युद्ध के लिए वापस लौटे | रणछोड़ का चरित्र भी वास्तव में सन्देश देता है कि किसी भी कार्य को यदि सुनियोजित विधि से किया जाएगा तो सफलता निश्चित है, साथ ही ये भी कि यदि कभी असफलता का सामना हो भी जाए तो उससे घबराकर पलायन नहीं कर जाना चाहिए अपितु स्वयं को उस परीक्षा के लिए पुनः पूर्ण रूप से तैयार करके आगे बढ़ना चाहिए |

कहीं एक स्थान पर – सम्भवतः चेन्नई में – भगवान् कृष्ण मूँछों के साथ दिखाई देते हैं | मूँछें प्रतीक हैं पुरुषत्व का – और भगवान् कृष्ण का तो जन्म ही इसी कारण हुआ था कि उन्हें पृथिवी से अधर्म और अत्याचार का अन्त करके धर्म और सदाचार की पुनर्स्थापना करनी थी – और इस कार्य के लिए पूर्ण पौरुष की आवश्यकता थी |

इस प्रकार अनेक स्थानों पर भगवान् श्री कृष्ण की अनेकों रूपों में पूजा अर्चना की जाती है, किन्तु उन सभी रूपों का सन्देश केवल यही है कि समस्त जड़ चेतन के प्रति दया, करुणा, प्रेम और सहृदयता का भाव रखते हुए परस्पर सहयोग करते हुए सुनियोजित रीति से यदि कार्य किया जाएगा तो न केवल विश्व में शान्ति और आनन्द का वातावरण विद्यमान रहेगा अपितु मनुष्य को अपने लक्ष्य की प्राप्ति में भी सफलता प्राप्त होगी | और उस सबसे भी अधिक ये कि जब व्यक्ति अपने समस्त भावों का अभाव करके भक्ति की पराकाष्ठा पर पहुँच जाता है तब वह अपने ईश्वर – अपने ब्रह्म – अपनी आत्मा – के साथ एकरूप हो जाता है – कोई भेद दोनों में नहीं रह जाता – और यही है वास्तविक मोक्ष…

अस्तु, भगवान् श्री कृष्ण के महान चरित्र से प्रेरणा लेते हुए हम सभी नि:स्वार्थ भाव से कर्म करते हुए नि:स्वार्थ प्रेम, सद्भावना और सहयोग के मार्ग पर अग्रसर रहे तथा प्रकृति की रक्षा का संकल्प अपने मन में धारण करें… इसी कामना के साथ सभी को समस्त कलाओं से युक्त परम पुरुष भगवान् श्री कृष्ण के जन्म महोत्सव – श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और अनेकशः हार्दिक शुभकामनाएँ…

अगला लेख: उम्र की नैया



अद्भुत जानकारी

अद्भुत ज

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 अगस्त 2020
पर्यूषण पर्वभाद्रपद कृष्ण एकादशी – जिसे अजा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है – यानी15 अगस्त से आरम्भ हुएश्वेताम्बर जैन मतावलम्बियों के अष्ट दिवसीय पर्यूषण पर्व का कल सम्वत्सरी के साथसमापन हो चुका है और आज भाद्रपदशुक्ल पञ्चमी से दिगम्बर जैन समुदाय के दश दिवसीय पर्यूषण पर्व का आरम्भ हो रहा है| जैन पर्
23 अगस्त 2020
16 अगस्त 2020
ऐसा भी दिन आएगा कभी सोचा न था….सृष्टि के आदि से लेकर आजतक न कभी ऐसा हुआ था और शायद न कभी होगा….। जो लोग हमारे आसपास 80 वर्ष से अधिक आयु वाले जीवित बुजुर्ग हैं, आप दस मिनिट का समय निकालकर उनके पास बैठ जाइए और कोरोना की बात छेड़ दीजिए। आप देखेंगे कि आपका दस मिनिट का समय कैसे दो से तीन घंटे में बदल गया
16 अगस्त 2020
01 अगस्त 2020
आत्माराम उसके घर का रास्ता बनारस की जिस प्रमुख मंडी से होकर गुजरता था। वहाँ यदि जेब में पैसे हों तो गल्ला-दूध , घी-तेल, फल-सब्जी, मेवा-मिष्ठान सभी खाद्य सामग्रियाँ उपलब्ध थीं।लेकिन, इन्हीं बड़ी-बड़ी दुकानों के मध्य यदि उसकी निगाहें किसी ओर उठती,तो वह सड़क के नुक्कड़ पर स्थित विश्वनाथ साव की कचौड़
01 अगस्त 2020
11 अगस्त 2020
अलौकिकचरित्र के महामानव श्रीकृष्णमित्रों, आज हम सब भगवान श्रीकृष्ण का जन्ममहोत्सव मना रहे हैं | तो सबसे पहले तो सभी को इस महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ | आज कहीं लोगव्रत उपवास आदि का पालन कर रहे होंगे, कहीं भगवान कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करती आकर्षक झाँकियाँ सजाईजाएँगी तो कहीं भगवान की लीलाओं का
11 अगस्त 2020
09 अगस्त 2020
हम ईश्वर को यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ ढूँढ़ते फिरते हैं, लेकिन अपने भीतरझाँककर नहीं देखते... हमारा ईश्वर तो हमारे भीतर ही हमारी आत्मा के रूप मेंविराजमान है... प्रकृति के हर कण में... हर चराचर में ईश्वर विद्यमान है... जिसदिन उस ईश्वर के दर्शन कर लिए उस दिन से उसे कहीं ढूँढने की आवश्यकता नहीं रहजाएगी... कुछ
09 अगस्त 2020
11 अगस्त 2020
अलौकिकचरित्र के महामानव श्रीकृष्णमित्रों, आज हम सब भगवान श्रीकृष्ण का जन्ममहोत्सव मना रहे हैं | तो सबसे पहले तो सभी को इस महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ | आज कहीं लोगव्रत उपवास आदि का पालन कर रहे होंगे, कहीं भगवान कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करती आकर्षक झाँकियाँ सजाईजाएँगी तो कहीं भगवान की लीलाओं का
11 अगस्त 2020
08 अगस्त 2020
मैंने देखा, और मैं देखती रही / मैंने सुना, और मैं सुनती रही मैंने सोचा, और मैं सोचती रही / द्वार खोलूँ या ना खोलूँ...प्रेम खटखटाता रहा मेरा द्वार / और भ्रमित मैं बनी रही जड़ खोई रही अपने ऊहापोह में...तभी कहा किसी ने / सम्भवतः मेरी अन्तरात्मा ने तुम द्वार खोलो या ना खोलो / द्वार टूटेगा, और प्रेम आएगा
08 अगस्त 2020
23 अगस्त 2020
पर्यूषण पर्वभाद्रपद कृष्ण एकादशी – जिसे अजा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है – यानी15 अगस्त से आरम्भ हुएश्वेताम्बर जैन मतावलम्बियों के अष्ट दिवसीय पर्यूषण पर्व का कल सम्वत्सरी के साथसमापन हो चुका है और आज भाद्रपदशुक्ल पञ्चमी से दिगम्बर जैन समुदाय के दश दिवसीय पर्यूषण पर्व का आरम्भ हो रहा है| जैन पर्
23 अगस्त 2020
13 अगस्त 2020
माँ का रुदन************** अरे ! ये कैसा रुदन है..? स्वतंत्रता दिवस पर्व पर उल्लासपूर्ण वातावरण में देशभक्ति के गीत गुनगुनाते हुये चिरौरीलाल शहीद उद्यान से निकला ही था कि किसी स्त्री के सिसकने की आवाज़ से उसके कदम ठिठक गये थे। ऐसे खुशनुमा माहौल में रुदन का स्वर सुन च
13 अगस्त 2020
30 जुलाई 2020
आप सभी को रक्षा बन्धन के पर्व की बड़ी उत्सुकतासे प्रतीक्षा होगी | आगामी तीन अगस्त को रक्षा बन्धन का उल्लासमय प्रेममय पर्व है | सभीको बहुत बहुत बधाई | पूर्णिमा तिथि का आगमन दो अगस्त को रात्रि साढ़े नौ बजे के लगभग होगा इसलिएव्रत की पूर्णिमा तो दो अगस्त को ही होगी | लेकिन नारियली पूर्णिमा उदया तिथि मेंमा
30 जुलाई 2020
08 अगस्त 2020
श्री कृष्ण जन्म महोत्सवमंगलवार 11 अगस्त को प्रातः नौ बजकर सात मिनट के लगभग बालव करण और वृद्धि योग मेंभाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का आरम्भ हो रहा है जो बारह अगस्त को प्रातः ग्यारहबजकर सोलह मिनट तक रहेगी | इस प्रकार ग्यारह अगस्त को स्मार्तों की श्री कृष्णजन्माष्टमी है और बारह अगस्त को वैष्णवों की श्री क
08 अगस्त 2020
07 अगस्त 2020
कुछ तो कोरोना का डर औरकुछ पिछले दिनों समाचारों की सुर्खियाँ बने आत्महत्या के समाचार, कई लोगों के मन में भय बैठ गया किपता नहीं हमारे साथ कल क्या होगा | वास्तव में इस महामारी के कारण लोगों कीनौकरियों पर बड़ा दुष्प्रभाव पड़ा है, जिनके अपने व्यवसाय हैंउनके भी व्यवसाय मंदी की मार झेल रहे हैं | पूरे विश्व म
07 अगस्त 2020
13 अगस्त 2020
परसों यानीपन्द्रह अगस्त को पूरा देश स्वतन्त्रता दिवस की वर्षगाँठ पूर्णहर्षोल्लास के साथ मनाएगा... अपने सहित सभी को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाईऔर शुभकामनाएँ... स्वतन्त्रता –आज़ादी – व्यक्ति को जब उसके अपने ढंग से जीवंन जीने का अवसर प्राप्त होता है तोनिश्चित रूप से उसका आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही
13 अगस्त 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x