अंधी ममता दिमाग की नहीं दिल की सुनती है

26 अगस्त 2020   |  शोभा भारद्वाज   (308 बार पढ़ा जा चुका है)

अंधी ममता दिमाग की नहीं दिल की सुनती है

अंधी ममता दिमाग की नहीं दिल की सुनती है ?

डॉ शोभा भारद्वाज

इंडोनेशिया एवं सिंगापुर की पृष्ट भूमि में लिखी कहानी

यूनी 22 वर्षों से सिंगापुर में मेड का काम कर रही थी यहाँ इन्हें नैनी कहा जाता वह सिंगापूर की नागरिकता लेना चाहती है नहीं मिली वहाँ केवल पढ़े लिखे प्रतिभावान लोगों को नागरिकता दी जाती है जिससे सिंगापुर के विकास में सहायता मिले |

इंडोनेशिया से यूनी सपना लेकर आई थी उसका अपना एक घर बन जाये , घर के पास दूकान खरीद कर उसमें सामान भर कर बिजनेस करेगी शान दार जिन्दगी होगी लेकिन प्रबल इच्छा थी उसका बेटा बेटी अच्छी डिग्री लेकर सिंगापूर में नौकरी के लायक हो जायें | दोनों बच्चों को नाना नानी के संरक्षण में छोड़ कर आई थी | शौहर? वह तलाक शुदा थी उसके शौहर ने दो बच्चे उसकी गोद में डाल कर शादी कर ली | उसकी एक अभिलाषा पूरी हो गयी उसने पहले जमीन खरीदी फिर पैसा जोड़ कर लकड़ी के खम्भों पर टिका घर बनवा लिया यहाँ अक्सर बारिश होती रहती है अत: घर जमीन से तीन फुट ऊपर बनाये जाते है कुछ पैसा और जोड़ा घर के लिए लकड़ी का फर्नीचर खरीदा घर में अच्छा खासा लकड़ी का काम करवाया | इंडोनेशिया के एक द्वीप में लगभग 85 % जंगल काट कर घर बना लिये गये हैं |

पहले वह चीनी परिवार में काम करती थी उनका परिवार बड़ा था दो लड़के उनकी बीबियाँ मम्मा पप्पा दो दो बच्चे काम बहुत था उसने नया काम खोजा एक भारतीय हिन्दू परिवार में काम मिल गया पति पत्नी की बढ़िया नौकरी थी उनकी छोटी बच्ची की परवरिश के लिए घर के मालिक के माता पिता भारत से आये थे उनका वीजा खत्म होने वाला था वह अपने देश जाना चाहते थे यूनी खुश थी काम कम था नन्हीं बच्ची उसे परेशान नहीं करती थी| कुछ दिन काम कर अब उसे इंडोनेशिया जाना था| वह दो साल बाद ईद के मौके पर पैसा इकठ्ठा कर घर जा रही थी अब की बार वह दूकान के लिए घर के पास बाजार में जमीन खरीदना चाहती थी बहुत खुश थी जाने पर पता चला उसके पप्पा का एक्सीडेंट हो गया उनकी टांगों में फ्रैक्चर था उन्हें हड्डियों के अस्पताल में भर्ती कराया पप्पा के पैर में प्लास्टर चढ़ा था मम्मा के बस की तीमारदारी नहीं थी बेटे के पास पढ़ाई का बहाना , यूनी ने पप्पा की सेवा के लिए एक मजबूत आदमी का इंतजाम कर दिया पप्पा से प्रार्थना की प्लीज ज्यादा नहीं पीना मेरी नई नौकरी है , ज्यादा दिन छुट्टी नहीं ले सकती थी उसके लौटने पर सर के माता पता भारत जा सकेंगे |

दो साल बाद यूनी फिर घर गयी सर से एडवांस भी लिया बड़ी ख़ुशी से घर पहुंची घर बेरौनक सा लगा दीवार पर हाथ मारा लकड़ी टूट कर गिरने लगी यहाँ अक्सर बारिश होती रहती है अत : सीलन से हर और दीमक ही दीमक थी किसी ने ध्यान नहीं दिया केवल घर का सहारा खम्बे बच गए पहले हर तरफ से लकड़ी हटाई दीमक वालों को बुलाया उन्होंने बताया कुछ नहीं बचा है दीमक पर दवाई छिड़की गयी लकड़ी बाहर निकाल कर उसमें आग लगाई आलमीरियों की हालत खराब थी सारा फर्नीचर मिट्टी होने वाला था अब की बार घर को ठेके पर ईंटों से मजबूत बनवाया जरा सा माँ बेटा पप्पा पहले देख लेते घर का यह हाल नहीं होता सब पैसा खर्च हो गया |

जब सिंगापुर वापिस आई एक दम उदास थी उसे दुःख था इतना सबके लिए करती हूँ किसी को मेरे से दर्द नहीं है |सिंगापुर में अधिकतर लोग फ्लैट रहते हैं कितना भी बड़ा फ्लैट क्यों न हो नैनी के लिए छोटा सा कमरा जिसमें एक पंखा लेकिन अलग बाथरूम की सुविधा जरूर रखते | कमरे के आगे बालकनी से जुड़ा रसोईघर होता है नैनी दिखाई नहीं देती लेकिन जरूरत पर हाजिर | यहाँ उमस बहुत होती है | 15 दिन में एक इतवार नैनी को छुट्टी मिलती है वह सुबह अपने मन पसंद का खाना बना कर मैरिना बीच पर घूमने जाती हैं जिनके ब्वाय फ्रेंड हैं वह छोटे -छोटे कपड़े पहन कर इठलाती हुई उनके साथ जाती है वह तरह - के पोज बनाकर फोटो खिचवाती हैं या सेल्फी खींच कर अपने घर वालों को भेजते या भेजती हैं | जिनके ब्वाय फ्रेंड नहीं है वह फर्श पर गत्ता बिछा कर चर्च के मैदान और चौराहों के पास बैठी नजर आती हैं’ आते जातों को देखती रहती हैं या आपस में बातें करती रहती है | आजादी की ख़ुशी चेहरे से झलकती है |इनकी संख्या पचास हजार के करीब है यह सिंगापुर में वर्किंग क्लास की जरूरत है सिंगापुर के जनक कवान ली चाहते थे उनके यहां सभी काम करें |

सिंगापुर टूरिस्ट स्थल है अत : अनेक स्थानों पर प्रोग्राम होते हैं इनमें म्यूजिक प्रोग्राम अधिक हैं भारत से भी अनेक कलाकार बुलाये जाते हैं लेकिन इन्हें वहाँ जाने की इजाजत नहीं है |

|यूनी 47 वर्ष की थी उसके साथ की नैनी उसे समझाती एक समय ऐसा आयेगा जब तू अकेली रह जायेगी बची जिन्दगी काटने के लिए अपने जैसा जैसा जीवन साथी ढूँढ कर शादी कर ले उस जैसी शांत एवं सभ्य महिला को मलेशियन दोस्त मिल गया यूनी अब खुश रहने लगी उसकी समझ में आने लगा यदि शौहर ने बच्चे उसे सौंप कर तलाक दे दिया उसे भी नये सिरे से जिन्दगी जीने का हक है मलेशियन और उसका स्वभाव एक जैसा था अब दोनों शादी करना चाहते थे मलेशियन की वाईफ की मौत हो गयी थी एक लड़का था वह होस्टल में रह कर पढ़ता था यूनी मैडम से परमीशन लेकर शाम को मलेशियन से मिलने जाती थी दोनों हाथ पकड़ कर कुछ देर तक समुद्र किनारे घूमते आगे का प्लान बनाते थे दोनों के पास समय का होता था | मलेशियन शेफ था अच्छा कमाता यूनी के लिए भी कुछ न कुछ डिश बना कर लाता दोनों ध्यान रखते थे उनकी वजह से किसी को कष्ट न हो |

यूनी सोचती थी उसके दोनों बच्चे जल्दी ही पैरों पर खड़े हो जायेंगे वह अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जायेगी पप्पा मम्मा के लिए घर था अभी यूनी अपनी जिन्दगी का प्लान बना ही रही थी 19 साल के लड़के ने पढाई छोड़ दी वह एक छोटा सा काम करने लगा सामान खरीदता दुकानों में सप्लाई करता सामान खरीदने के लिए यूनी से पैसे लेता वह पैसा देती लेकिन बेच कर जो पैसा मिलता उसे अपनी जेब में डाल लेता एक गर्लफ्रेंड भी बन गयी वह नौकरी करती थी मार्डन टौप स्कर्ट ,मिनी स्कर्ट जींस पहनती थी अभी वह भी 19 साल की थी दोनों शादी की जिद करने लगे बहुत समझाया अभी शादी की उम्र नहीं है मन लगाकर कैरियर बना लो परन्तु दोनों नहीं माने शादी कर ली |

इंडोनेशिया में इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है और यहां हिंदू आबादी दो फीसदी से भी कम है, लेकिन फिर भी यहां पर हिंदू संस्कृति की छाप देखने को मिलती है.| अब धीरे -धीरे बहावी इस्लाम का प्रभाव बढ़ता जा रहा है भारत में भी काफी इंडोनेशिया के जमाती निजामुद्दीन मरकज में आये थे | अच्छी खासी मार्डन महिलाओं में अचानक हिजाब का चलन पहले शौक में शुरू हुआ फिर हिजाबी हो गयीं | यूनि की मार्डन बहू शादी के बाद ऐसी हिजाबी हुई नौकरी छोड़ दी जबाब था मैं मर्दों के साथ काम् नहीं कर सकती मजहब इजाजत नहीं देता घर में उसका रहन सहन पहले जैसा था मोबाइल पर गाना लगा कर डांस करती लेकिन बाहर पूरे हिजाब के साथ हाथों में भी दस्ताने पहनती थी शादी के एक साल में माँ बन गयी उसने साफ़ कह दिया वह परिवार नियोजन के नियम को नहीं मानेगी कितने भी बच्चे हो अल्लाह ने रिजक का वादा किया है सबका पेट भरता है | जानती थी यूनी है न |यूनी का घर बसाने का सपना टूट गया उसने मलेशियन को अपनी परिस्थिति बताई वह यूनी को छोड़ने को तैयार नहीं था परन्तु ममतामयी यूनी नहीं मानी वह जानती थी वह ऐसे कीचड़ में धस गयी है जिससे निकलना मर कर ही सम्भव है |निराश होकर वह अबूधाबी चला गया दोनों अलग होकर बहुत रोये लेकिन एक दूसरे को फोन करते रहते थे |

यूनी की बेटी माँ से कहती थी वह डाक्टरी करेगी सर और मैडम ने वादा किया वह उसकी बेटी की फ़ीस का खर्चा उठाएंगे यूनी सपनों में खो गई अब उसकी आशा बेटी थी डाक्टरी करेगी उसे सिंगापूर के साफ सुथरे अस्पताल में नौकरी मिल जाएगी उसकी “गोश्त खोर , चिकन खाने की शौकीन बेटी मुर्गे की गर्दन पर चाकू चला कर उसके पर नोच लेती थी’ उसने अचानक घोषणा कर दी उसे बायलॉजी नहीं पढ़नी वह चूहे को काट नहीं सकती माँ ने समझाया चल नर्स की ट्रेनिग कर ले इसमें खाली सुई पट्टी करनी पड़ती है बेटी नहीं मानी अब डार्क लिपस्टिक लगाकर सहेलियों के साथ घूमती है यूनी डरी रहती है |

लॉकडाऊन में बेटा घर में खाली बैठा माँ से पैसे की डिमांड करता रहता है उसकी बीबी और बच्चे की जरूरतें हैं उसकी बहू फिर से प्रिग्नेंट हैं उसे काम एवं बच्चे को संभालने के लिए नैनी चाहिए बहू की मम्मा पप्पा से बनती नहीं है वह सिंगापुर आना चाहते हैं सिंगापुर का वीजा मिलना असंभव है बेचारी यूनी क्या करे अब थकने लगी है न जाने कब तक उसे पिसना पड़ेगा |उसकी साथ की नैनी सहेलियों ने उसको समझाया तेरी पहली गलती जब शौहर ने दूसरी औरत लाने के लिए तुझे तलाक दिया था बच्चे उसकी गौद में पटक देने थे कानून के हिसाब से बच्चे बाप के पास रहते हैं बीबी से हनीमून धरा रह जाता यूनी बिसूरने लगी बच्चे छोटे थे | चल मान लिया तेरी अंधी ममता ,मलेशियन से शादी क्यों नहीं की तुम एक से दो हो जाते ?

और अब फोन नहीं करेगी अपने परिवार को एक चिट्ठी लिख अब मैं तुमसे छुटकारा ले रही हूँ जैसे लॉक डाउन में इंडोनेशियन रहते हैं तू भी रह यूनी सुन्न हो गयी तेरी सारी समस्या का हल हो जाएगा तेरा लड़का मजबूरी में काम करने लगेगा तेरी बहू नौकरी ढूंढेगी और तेरी कवीन मम्मा नैनी बन कर बच्चों को संभालेगी देखना जैसा इंडोनेशिया में एक दो बच्चे हैं तेरे यहाँ दो ही रहेंगे घर तेरा अपना है क्यों रोती है ?

सिंगापूर में इन स्थानों पर छुट्टी के दिन बैठ कर नैनी अपना समय काटती हैं

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