इश्क़ में बहने लगा

05 सितम्बर 2020   |  विवेक भारद्वाज   (441 बार पढ़ा जा चुका है)

वो मुझे कहने लगा

तेरे इश्क़ में बहने लगा

वक़्त की बात है फिर तुझसे हुई मुलाक़ात हैं

कर लेंगे हम आहिस्ता आहिस्ता तुझ पर भी भरोसा अब जो उसका आश खोने लगा

हम है तेरे लिए बेशक ग़ैर है

मगर हमें तो आज भी भरोसा है

जैसे चाँद को तारों से इश्क़ होने लगा

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