जानिए कब नहीं करते लोग मदद

18 सितम्बर 2020   |  शिल्पा रोंघे   (393 बार पढ़ा जा चुका है)

हमें अपनी ज़िंदगी की जिम्मेदारियां खुद ही उठानी पड़ती है, लेकिन मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है तो ऐसे में ये कहना कि वो ही अकेले सारे काम कर सकता है तो ये कहना गलत ही होगा। एक दूसरे के सहयोग से ही समाज आगे बढ़ता है लेकिन कब लोग मदद करने से मुंह फेर लेते है इसका उदाहरण बचपन में पढ़ी भेड़िए वाली कहानी से लगा सकते है जब एक लड़का पहाड़ पर खड़ा होकर चिल्लाता है कि भेड़ियां आया है उसे बचाया जाए तब सारे गांव वाले उसकी मदद के लिए दौड़ते है तब पता चलता है कि वो सिर्फ मज़ाक कर रहा था ऐसा वो एक बार और करता है तब भी लोग उसकी मदद के लिए आते है लेकिन तीसरी बार सचमुच भेड़िया आ जाता है और उसके चिल्लाने पर भी कोई नहीं आता क्योंकि सबको लगता है कि वो झूठ बोल रहा है और भेड़ियां उसे खा जाता है।

कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए झूठी कहानियां बनाने से भी बाज नहीं आते है और इसके लिए वो भोले भाले लोगों को चुनते है जो उनका सहयोग करने के लिए तैयार भी होते है लेकिन जब पता चलता है कि असल में शिकायत करने वाला इंसान परेशान है नहीं, तो उससे सहानुभूति रखने वाले की धारणा बदल जाती है और वो भविष्य के सतर्क हो जाता है कि उसे फिर बेवकूफ़ ना बनाया जाए।

किसी की भी मदद बिना किसी स्वार्थ के करनी चाहिए और बदले में कुछ मिल जाए ऐसी आशा भी नहीं रखनी चाहिए। हर इंसान मतलबी नहीं होता लेकिन जीवन में मिले सबक से सीख लेना बहुत ज़रुरी होता है नहीं तो उसके खुद के ही जीवन में कई समस्याएं खड़ी हो सकती है।

शिल्पा रोंघे

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