मैडम जी कहानी

05 अक्तूबर 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (415 बार पढ़ा जा चुका है)

मैडम जी कहानी

मैडम जी

कुछ देर खामोश कहीं खोई सी बैठी रहीं नीलिमा जी... फिर एक लम्बी साँस भरकर बोलीं “ये बाहर जाते थे तो मैं यहाँ देहरादून आ जाती थी | बेटी भी बाहर ही पढ़ रही थी न, तो मैं अकेली बम्बई में क्या करती ? अब ये जितने भी हाइली एजुकेटेड लोग होते हैं उनकी तो मीटिंग्स विदेशों में होती ही रहती हैं | आप भी जाती होंगी मीटिंग्स के लिए | आपके हसबेंड भी जाते होंगे | अच्छा एक बात बताइये, आप इतनी सुन्दर हैं – गोरी चिट्टी, तो आपकी बेटी तो और भी ख़ूबसूरत दिखती होगी | लड़कियाँ तो अपनी माँ से ज़्यादा ही ख़ूबसूरत होती हैं | वो तो बिल्कुल विदेशी लगती होगी | हम तो ख़ूबसूरत नहीं हैं... न ही हमें अच्छे से पहनना ओढ़ना आता है... इसीलिए भी वे अपनी असिस्टेंट को ही अपने साथ ले जाना पसन्द करते हैं...” और फिर कहीं खो गईं |

“किसने कहा नीलिमा जी आप सुन्दर नहीं हैं... हमें तो आप सच में बहुत सुन्दर लग रही हैं... और ड्रेस सेन्स तो हर किसी का अपना अपना होता है, उसके लिए किसी को कुछ बोलने की ज़रूरत ही नहीं...” हमने उन्हें सान्त्वना देते हुए कहा...

कुछ पति पत्नी के उलझे सुलझे से रिश्तों को प्रदर्शित करती एक कहानी... सुनने के लिए कृपया वीडियो पर जाएँ...

https://youtu.be/DcepwRviTvc

अगला लेख: प्रेम बन जाएगा ध्यान



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
04 अक्तूबर 2020
मेरा अन्तर इतना विशाल समुद्र से गहरा / आकाश से ऊँचा /धरती सा विस्तृत जितना चाहे भर लो इसको / रहता हैफिर भी रिक्त ही अनगिन भावों का घर है ये मेराअन्तर कभी बस जाती हैं इसमें आकर अनगिनतीआकाँक्षाएँ और आशाएँजिनसे मिलता है मुझे विश्वास औरसाहस / आगे बढ़ने का क्योंकि नहीं है कोई सीमा इस मन की...पूरी रचना सुन
04 अक्तूबर 2020
25 सितम्बर 2020
हम अक्सर दूसरों को उपदेश देते हैं कि हमें अपने अहंकार को नष्टकरना चाहिए, हमें अपने क्रोध पर विजय प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए | सही बात है, ऐसा होना चाहिए यदि जीवन में सुख और शान्तिकी अभिलाषा है | लेकिन हम इन आदर्शों को स्वयं के जीवन मेंकितना उतार पाते हैं सोचने वाली बात यह है | देखा जाए तोकर्म
25 सितम्बर 2020
27 सितम्बर 2020
शुक्र का सिंह में गोचर कोरोना महामारी का प्रकोप अभी भी थमानहीं है, किन्तु जन जीवन धीरे धीरे पटरी पर लौटने का प्रयास आरम्भकर रहा है – कुछ निश्चित और विशेष सावधानियों के साथ | इसी स्थिति में कल सोमवार, अधिक आश्विन शुक्ल द्वादशी को अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर तीन मिनट केलगभग बव करण और धृति योग में समस्त
27 सितम्बर 2020
03 अक्तूबर 2020
वक्री मंगल का मीन राशि में गोचरकल चार अक्तूबर अधिक आश्विन कृष्णतृतीया को प्रातः दस बजकर आठ मिनट के लगभग वणिज करण और हर्षण योग में वक्री होकर भूमिसुतमंगल का गोचर अपनी स्वयं की मेष राशि से अपने मित्र ग्रह गुरु की मीन राशि में रेवतीनक्षत्र पर होगा | चौदह नवम्बर को प्रातः लगभग छह बजकर दस मिनट से मंगल पु
03 अक्तूबर 2020
07 अक्तूबर 2020
शारदीय नवरात्र 2020 की तिथियाँ (कैलेण्डर)आश्विन शुक्ल प्रतिपदा यानी 17 अक्तूबर शनिवार से शारदीय नवरात्र आरम्भ होने जा रहेहैं | यों पितृविसर्जनी अमावस्या यानी महालया के दूसरे दिन से शारदीय नवरात्रों काआरम्भ हो जाता है | महालया अर्थात पितृविसर्जनी अमावस्या को श्राद्ध पक्ष का समापन होजाता है | महालया क
07 अक्तूबर 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x