मकर, कुम्भ और मीन राशि के लिए गुरु का मकर में गोचर

20 नवम्बर 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (524 बार पढ़ा जा चुका है)

मकर,  कुम्भ और मीन राशि के लिए गुरु का मकर में गोचर

मकर, कुम्भ और मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का मकर में गोचर

सोमवार 29 मार्च 2020, चैत्र शुक्ल षष्ठी को 27:55 (अर्द्धरात्र्योत्तर तीन बजकर पचपन मिनट) के लगभग आयुष्मान योग और कौलव करण में गुरुदेव का गोचर मकर राशि में हुआ था | लेकिन 14 मई 2020 को रात्रि 7:47 के लगभग वक्री होते हुए गुरु तीस जून 2020 को सूर्योदय से पूर्व पाँच इक्कीस के लगभग वापस अपनी राशि धनु में पहुँच गए थे | तेरह सितम्बर 2020 को प्रातः 6:35 के लगभग धनु राशि में ही मार्गी होना आरम्भ किया था और आज यानी 20 नवम्बर 2020 को दिन में 13:24 के लगभग पुनः मकर राशि में आ गया है | इस समय गुरुदेव उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर होंगे | जहाँ से सात जनवरी 2021 से श्रवण नक्षत्र पर तथा पाँच मार्च 2021 से धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में 5/6 अप्रैल 2021 को अर्द्धरात्रि में 00:25 के लगभग शनि की दूसरी राशि कुम्भ में प्रविष्ट हो जाएँगे | ग्यारह जनवरी 2021 से 12 फरवरी 2021 तक गुरुदेव अस्त भी रहेंगे | गुरुदेव के लिए मकर राशि नीच राशि है और गुरु तथा शनि के परस्पर सम्बन्धों की बात करें तो न तो दोनों में मित्रता है न ही शत्रुता – दोनों परस्पर सम ग्रह हैं | गुरु की राशि धनु से मकर राशि द्वितीय भाव तथा मीन से एकादश भाव बनती है | जबकि मकर राशि के लिए गुरु तृतीयेश और द्वादशेश बन जाता है | मकर राशि से नीच के गुरु की दृष्टियाँ वृषभ, कर्क तथा कन्या राशियों पर रहेंगी | अतः इन राशियों के जातकों को विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता होगी | कर्क गुरु की उच्च राशि भी है | इन्हीं समस्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जानने का प्रयास करते हैं कि उपरोक्त तीनों राशियों के लिए गुरुदेव के मकर राशि में गोचर के क्या सम्भावित परिणाम हो सकते हैं... साथ ही, कोरोना का आतंक अभी समाप्त नहीं हुआ है | ऐसे में यह समय है परिवार के साथ परस्पर घुल मिलकर बैठने का तथा सावधानी बरतने का और कोरोना से बचाव के सम्बन्ध में सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करने का |

मकर राशि के जातकों के लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर गुरु का गोचर आपकी लग्न में ही हो रहा है जहाँ से उसकी दृष्टियाँ आपके पंचम भाव, सप्तम भाव तथा नवम भावों पर आ रही हैं | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही किसी मनचाहे स्थान पर ट्रांसफर होने की भी सम्भावना है | यह स्थानान्तरण आपके लिए भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | भाई बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही आपको अपने भाई बहनों का तथा अधिकारी वर्ग का सहयोग भी प्राप्त होता रहने की सम्भावना है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसके लिए समय अनुकूल नहीं प्रतीत होता | नौकरी की तलाश में हैं तो आपको अपने परिश्रम का लाभ प्राप्त होने की सम्भावना है और कोई मनोनुकूल नौकरी आपको प्राप्त हो सकती है | आय के नवीन स्रोत आपके समक्ष उपस्थित हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक सुदृढ़ हो सकती है | किन्तु साथ ही खर्चों में भी वृद्धि की सम्भावना है | आप मित्रों के साथ सैर सपाटे और मनोरंजन में अधिक पैसा खर्च कर सकते हैं |

आप किसी शोध कार्य में लगे हैं तो वह इस अवधि में पूर्ण हो सकता है | आई टी से सम्बद्ध लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है और उसकी ओर से कोई शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है | विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि उच्च शिक्षा के लिए कहीं एडमीशन के प्रयास में हैं उसमें भी सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है |

अविवाहित हैं और कहीं प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो इस अवधि में वह सम्बन्ध भी विवाह बन्धन में परिणत हो सकता है | प्रेम सम्बन्धों और विवाह आदि के लिए गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य तथा अन्तरंगता बनी रहने की भी सम्भावना है | वंशवृद्धि के लिए भी आप इस अवधि में प्रयास कर सकते हैं |

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए नियमित डॉक्टर से चेकअप तथा सन्तुलित आहार और व्यायाम आदि की आवश्यकता भी होती है इतना अवश्य स्मरण रखिये |

कुम्भ राशि से द्वितीयेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है, जहाँ से इसकी दृष्टियाँ आपके चतुर्थ भाव, छठे भाव और अष्टम भावों पर आ रही हैं | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के योग प्रतीत होते हैं, किन्तु इस यात्राओं में आपको किसी दुर्घटना, बीमारी अथवा आवश्यक Documents की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता होगी | धन से जुड़ा कोई कोर्ट केस यदि अब तक चल रहा था तो उसके परिणाम आपके अनुकूल हो सकते हैं | यदि किसी नौकरी में हैं और उसे बदलना चाहते हैं तो सितम्बर के बाद ही ऐसा करें | कोई नया व्यवसाय भी सितम्बर के बाद ही आरम्भ करें अन्यथा धनहानि सम्भव है | यों आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि की सम्भावना है जिसके कारण आप बहुत से विवादों का समाधान स्वयं ही कर सकने में समर्थ हो सकते हैं | किसी पारिवारिक क्लेश के कारण मानसिक तनाव भी सम्भव है |

प्रॉपर्टी से सम्बन्धित व्यवसाय जिनका है उनके लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | किसी वसीयत के माध्यम से भी लाभ की सम्भावना की जा सकती है | मित्रों के सहयोग से कोई नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकता है, किन्तु वहीं दूसरी ओर किसी मित्र के कारण ही कार्य में व्यवधान भी उत्पन्न हो सकता है | अपने आँख कान खुले रखकर कार्य करेंगे तो इस प्रकार की समस्याओं से बचे रह सकते हैं | पॉलिटिक्स तथा स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है, किन्तु सन्तान के साथ अकारण बहस से बचने का प्रयास करें |

अविवाहित हैं और किसी प्रेम सम्बन्ध में हैं तो उसमें प्रगाढ़ता इस अवधि में बढ़ सकती है | दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | आप इस अवधि में वंश वृद्धि के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | यदि आप योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास निरन्तर करते रहे तो आपका स्वास्थ्य भी इस अवधि में उत्तम बना रह सकता है |

मीन राशि के लिए गुरु आपका राश्यधिपति भी है और आपके दशम भाव का अधिपति भी है और इस प्रकार आपके लिए योगकारक बन जाता है तथा आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर करने जा रहा है, जहाँ से उसकी दृष्टियाँ आपके तृतीय भाव, पंचम भाव तथा सप्तम भाव को प्रभावित कर रही हैं | आपके लिये तथा आपके जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपके लिए उत्साह और आत्म विश्वास में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | यदि आप किसी नौकरी में हैं तो आपकी पदोन्नति के साथ ही आपकी आय में भी वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही आप अपने भाई बहनों के लिए भी सहायक सिद्ध हो सकते हैं | आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकता है और इसके लिए आपको दूसरों से सहयोग भी प्राप्त होता रह सकता है | इस अवधि में आपकी आरती स्थिति में दृढ़ता के कारण आप भविष्य के लिए भी योजनाएँ बनाने में सफल हो सकते हैं | मान सम्मान में वृद्धि तथा उपहार आदि की प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं |

सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आपके नवीन सम्बन्ध तथा नवीन पहचान भी बन सकती है जिसके कारण आपको अपने कार्य में आर्थिक लाभ की सम्भावना भी की जा सकती है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी नौकरी में हैं तो किसी ऐसे स्थान पर आपका ट्रांसफर हो सकता है जहाँ आप पहले से जाना चाहते थे, किन्तु इसके लिए आपको अपने बॉस की मदद लेनी होगी | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी प्राप्त होने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

आप अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह भी सम्भव है | यदि पहले से किसी प्रेम सम्बन्ध में हैं तो वह भी विवाह में परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य और प्रगाढ़ता बनी रह सकती है | आप वंश वृद्धि के लिए भी इस अवधि में सफल प्रयास कर सकते हैं |

स्वास्थ्य की दृष्टि से गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | तीस जून से बीस नवम्बर पर खान पान ध्यान नहीं दिया तो समस्या भी हो सकती है | साथ ही योगाभ्यास और प्राणायाम तथा ध्यान को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने निश्चित समय पर होते ही रहते हैं, सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | हम सभी कर्मशील रहते हुए आगे बढ़ते रहें और कोरोना जैसे भयानक रोग पर समस्त विश्व को विजय प्राप्त हो, यही कामना है...

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