भगवान की निद्रा का रहस्य :- आचार्य अर्जुन तिवारी

25 नवम्बर 2020   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (435 बार पढ़ा जा चुका है)

भगवान की निद्रा का रहस्य :- आचार्य अर्जुन तिवारी

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‼️ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼️


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*भगवान की निद्रा का रहस्य*


*जब भगवान ने वामन रूप में बलि का सर्वस्व हरण किया तो उसकी दानशीलता से प्रसन्न होकर भगवान ने उससे वरदान माँगने को कहा ! राजा बलि ने भगवान से कहा कि जब आपने हमें पाताल का राज्य दिया है तब आप भी वहीं निवास करें ! भक्तानुरागी भगवान पाताल में निवास करने लगे ! संसार का कार्य बाधित होने लगा तब नारद जी के दिशा निर्देशन में लक्ष्मी जी ने भगवान को मुक्त कराया ! तब भगवान ने राजा बलि से कहा था कि अपने दिये वरदान के अनुसार मैं चार महीने आपके यहाँ अर्थात पातल में निवास करूँगा ! तब से आज तक आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान पाताल में निवास करते हैं और हम लोगों के लिए निद्रामग्न हो जाते हैं |*


*इन चार महीनों में भगवान शिव संसार के पालनकर्ता का कार्य भार सम्हालते हैं !*



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*यथा सम्भव प्रयास*


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