दोस्ती

22 फरवरी 2021   |  Ashvini Kumar Mishra   (394 बार पढ़ा जा चुका है)

उदास तुम भी हो यारो

उदास हम भी हैं

समझ में कुछ नहीं आता

कि माजरा क्या है

न जीत जीत तुम्हारी

न हार हार मेरी

न कोई साथ तुम्हारे

न कोई साथ मेरे

अगर तुम्हारी अहम ही का है

सवाल तो फिर

चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ

दोस्ती के लिए.......

-अश्विनी कुमार मिश्रा

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