अड़चने आएं तो क्या ?

15 मार्च 2021   |  अतुल कुमार दूबे   (381 बार पढ़ा जा चुका है)

अड़चने भी अजीब होती हैं, हर बार सामने उत्पन्न खड़ी हो जाती हैं,

कर्म योगी उनसे डटकर सामना करते हैं ✌️✌️

चाहे जो हो पर जीतने की जिद, अड़चनों को नेस्तनाबूत कर देती हैं,

इसलिए किसी ने कहा है -

"तू किसलिए हताश है☹️, तू चल तेरे वजूद की ओर,👣

उस वक्त को सिर्फ तेरी तलाश है,"🔍🔍

अतुल "सूर्य"

अगला लेख: भ्रष्टाचार



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x