ये है असली हिंदुस्तान मेरी जान

27 जनवरी 2015   |  देवदत्त मिश्रा   (552 बार पढ़ा जा चुका है)

ओबामा भी आ कर चले गए ...


सायद उनके सामने असली हिंदुस्तान को रखने की कूबत नहीं थी किसी में


हज़ारो करोड़ खर्च कर दिया गया आव भगत में ... ठीक है करना भी चाहिए मगर कब जब आप की औकात को .. यहाँ औकात का मतलब बस देश से है ... मेरी प्रोफाइल फोटो में बस्ता है असली हिंदुस्तान ... वो हिंदुस्तान जिस में आज भी लाखो लोग २ वक़्त की रोटी के लिए किसी के दया पर जीवित है ...




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रेणु
24 फरवरी 2017

बंधु -- सही कहा आपने पर किसी के पास भी ऐसे मार्मिक और हक़ीक़त से जुडी कहानियां सुनने की फुर्सत नही |

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