अब सरकारी स्कूलों के दिन बहुरेंगे

19 अगस्त 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (274 बार पढ़ा जा चुका है)

अब सरकारी स्कूलों के दिन बहुरेंगे

सरकारी स्कूलों के दिन फिर से बहुरेंगे इसकी हक़ीक़त से हम आगामी शैक्षणिक सत्र से रूबरू होंगे जब माननीयों और उनके मातहत नौकरशाहों के बच्चे सरकारी स्कूलों में बिना भेद-भाव के शिक्षा प्राप्त करेंगे I यदि सरकारी स्कूलों में माननीयों व नौकरशाहों के बच्चे नहीं पढ़ते हैं तो माननीयों के मानदेय और नौकरशाहों के वेतन से पढ़ रहे बच्चों के शिक्षण-शुल्क के बराबर की रक़म कटौती हो जाएगी I उच्च न्यायालय के इस फरमान से सरकारी महकमों में हलचल मच गयी है इसके साथ ही नेताओं की पेशानी पर भी बल पड़ते नज़र आ रहे हैं कि उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में कैसे पढेंगे I
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने यह आदेश याची शिव कुमार पाठक व अन्य के मामले में सुनवाई के दौरान सुनाया I याची द्वारा सरकारी स्कूलों में सहायक अध्यापक व विषय अध्यापक की चयन प्रक्रिया और पदोन्नति का मामला अदालत में प्रस्तुत किया गया था I याचिका की सुनवाई में न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने सरकारी खजाने से वेतन व मानदेय प्राप्त करने वाले सभी नेताओं व अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की अनिवार्यता करने का आदेश सुनाया है I आदेश के मुताबिक जिनके बच्चे कान्वेंट या प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई करते हैं तो वहां भी जाने वाली फीस के बराबर की रक़म उनके वेतन से कटौती कर शिक्षा विभाग की निधि में जमा करानी होगी I इसके साथ ही अवधि विशेष के लिए उनकी वेतन-वृद्धि व पदोन्नति भी प्रभावित होगी I यह आदेश आगामी शैक्षणिक सत्र में अमली जामा लेगा तभी आदेश के लागू होने की हक़ीक़त देखने को मिलेगी I फ़िलहाल उच्च न्यायालय के इस आदेश से सरकारी महकमों मे काम कर रहे मुलाजिमों के बीच यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है कि अगले साल बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए I

अगला लेख: आकाशगंगा को निगलता विशाल ब्लैक होल



उषा यादव
19 अगस्त 2015

मैं समझती हूँ कि बहुत पहले यह नियम लागू हो जाना चाहिए था I देर आए, दुरुस्त आए...सुन्दर एवं सार्थक लेख हेतु धन्यवाद !

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
17 अगस्त 2015
कानपुर नगर ने न केवल राष्ट्रीय स्वाधीनता-संग्राम में वरन आर्थिक स्वाधीनता के संघर्ष में भी अग्रणी भूमिका निभाई है I १८५७ के स्वाधीनता संघर्ष के लगभग छ: दशकों के अन्तराल में कानपुर ने प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्तरी भारत का नेतृत्व ग्रहण किया और धर्म उद्योग तथा वस्त्र उद्योगों ने आधुनिक
17 अगस्त 2015
21 अगस्त 2015
जब कभी योग की बात मन में आती है तो सामान्यतः यह सोच बनती है कि यह तो तपस्वी या गम्भीर व्यक्तित्व के लोगों का क्षेत्र है या हमारा ध्यान आसनों की ओर जाता है परन्तु ऐसा सर्वथा सत्य नहीं है I यों तो योग का शाब्दिक अर्थ है मिलना या जोड़ना, धार्मिक परिपेक्ष्य में आत्मा का परमात्मा से मिलन है परन्तु यदि हम
21 अगस्त 2015
12 अगस्त 2015
नगाधिराज श्रृंग पर खड़ी हुई,समुद्र की तरंग पर अड़ी हुई ,स्वदेश में जगह-जगह गड़ी हुई, अटल ध्वजा हरी, सफ़ेद केशरी !न साम, दाम, के समक्ष यह रुकी,न दंड-भेद के समक्ष यह झुकी,सगर्व आज शत्रु-शीश पर ठुकी ,निडर ध्वजाहरी, सफ़ेद केशरी !चलो उसे सलाम आज सब करें,चलो उसे प्रणाम आज सब करें,अजर सदा इसे लिये हुए जियें,अमर
12 अगस्त 2015
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x