जय हिन्द।

26 अगस्त 2015   |  सुरेश भारद्वाज   (259 बार पढ़ा जा चुका है)

जय हिन्द।

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Sanjay Dwivedyमैं पटेल हूँ, मैं गुर्जर हूँ, लड़ते रहिये शानों से,।फिर से तुम जूते खाओगे, गजनी की संतानो से॥शर्म करो, हिन्दू बनते हो, नस्लें तुम पर थूंकेंगी,।बंटे हुए हो जाति पंथ में, ये ज्वालायें फूकेंगी,॥ऐसे ही हिन्दू समाज के कतरे कतरे कर डालो,।संविधान को छलनी कर के,गोबर इसमें भरडालो,॥राम राम करते इक दिन तुम रामनाम हो जाओगे,।बंटने पर ही अड़े रहे तो फिर गुलाम हो जाओगे,॥

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