shabd-logo

ई-लाइब्रेरी आपकी जेब में...

27 अगस्त 2015

256 बार देखा गया 256
featured image आप सोच रहे होंगे कि यदि आपके मोबाइल फ़ोन पर इन्टरनेट की सुविधा है तो किसी लाइब्रेरी का भी जेब में होना कोई मुश्किल बात नहीं, लेकिन यदि इन्टरनेट सुविधा न हो तो ? दरअसल, ऐसा ही सपना देख रहे हैं रेडियो शिकागो के प्रोडक्ट डेवलपमेंट हेड रहे प्रतिभाशाली उद्यमी सैय्यद करीम जो कि ‘आउटरनेट’ के रूप में ज्ञान-विज्ञानं के निर्बाध प्रसार को किसी छोटे से छोटे गाँव तक भी पहुँचाना चाहते हैं I उनका कहना है कि ‘संचार और सूचना की पहुँच’ इन्टरनेट का मुख्य पहलू है I वो चाहते हैं कि सूचना पर जोर दिया जाये क्योंकि संचार का हिस्सा इन्टरनेट को मंहगा बनाता है I आउटरनेट परियोजना में कॉपीराइट मुक्त ई-बुक्स समेत कई महत्वपूर्ण वेबसाइट्स के संकलन की योजना है I देश-दुनिया और ज्ञान-विज्ञानं से जुड़ी तमाम सूचनाओं को उपग्रह के ज़रिए प्रसारित किया जायेगा और ज़मीन पर एंटीना में लगा रिसीवर इन्हें प्राप्त करेगा I इसके बाद रिसीवर वाई-फाई लिंक बनाएगा, जिससे आंकड़ों को स्मार्टफोन और अन्य कंप्यूटरों पर कॉपी किया जा सकेगा I इस तरह किसी छोटे से छोटे गाँव में भी इस एंटीना की मदद से पास-पड़ोस के करीब 300 लोग दर्ज़नों ई-बुक्स और अन्य सूचनाएँ हासिल कर सकते हैं I इसके अलावा लोग अपने फ़ोन पर आउटरनेट से जुड़कर लाइब्रेरी तक पहुँच सकते हैं, क्योंकि ये एक ऑफलाइन वेबसाइट होगी I फ़िलहाल इस परियोजना के लिए आंकड़े एकत्रित और प्रसारित करने के लिए मौजूदा ऑडियो और वीडियो उपग्रहों का इस्तेमाल किया जा रहा है I सैय्यद करीम के अनुसार अभी एक दिन में 200 मेगाबाइट डेटा का प्रसारण संभव है, लेकिन इसे बढ़ाकर 100 गीगाबाइट्स और इससे अधिक करने का लक्ष्य है I आप सोच रहे होंगे कि यदि आपके मोबाइल फ़ोन पर इन्टरनेट की सुविधा है तो किसी लाइब्रेरी का भी जेब में होना कोई मुश्किल बात नहीं, लेकिन यदि इन्टरनेट सुविधा न हो तो ? दरअसल, ऐसा ही सपना देख रहे हैं रेडियो शिकागो के प्रोडक्ट डेवलपमेंट हेड रहे प्रतिभाशाली उद्यमी सैय्यद करीम जो कि ‘आउटरनेट’ के रूप में ज्ञान-विज्ञानं के निर्बाध प्रसार को किसी छोटे से छोटे गाँव तक भी पहुँचाना चाहते हैं I उनका कहना है कि ‘संचार और सूचना की पहुँच’ इन्टरनेट का मुख्य पहलू है I वो चाहते हैं कि सूचना पर जोर दिया जाये क्योंकि संचार का हिस्सा इन्टरनेट को मंहगा बनाता है I आउटरनेट परियोजना में कॉपीराइट मुक्त ई-बुक्स समेत कई महत्वपूर्ण वेबसाइट्स के संकलन की योजना है I देश-दुनिया और ज्ञान-विज्ञानं से जुड़ी तमाम सूचनाओं को उपग्रह के ज़रिए प्रसारित किया जायेगा और ज़मीन पर एंटीना में लगा रिसीवर इन्हें प्राप्त करेगा I इसके बाद रिसीवर वाई-फाई लिंक बनाएगा, जिससे आंकड़ों को स्मार्टफोन और अन्य कंप्यूटरों पर कॉपी किया जा सकेगा I इस तरह किसी छोटे से छोटे गाँव में भी इस एंटीना की मदद से पास-पड़ोस के करीब 300 लोग दर्ज़नों ई-बुक्स और अन्य सूचनाएँ हासिल कर सकते हैं I इसके अलावा लोग अपने फ़ोन पर आउटरनेट से जुड़कर लाइब्रेरी तक पहुँच सकते हैं, क्योंकि ये एक ऑफलाइन वेबसाइट होगी I फ़िलहाल इस परियोजना के लिए आंकड़े एकत्रित और प्रसारित करने के लिए मौजूदा ऑडियो और वीडियो उपग्रहों का इस्तेमाल किया जा रहा है I सैय्यद करीम के अनुसार अभी एक दिन में 200 मेगाबाइट डेटा का प्रसारण संभव है, लेकिन इसे बढ़ाकर 100 गीगाबाइट्स और इससे अधिक करने का लक्ष्य है I
4
रचनाएँ
scienceandtechnology
0.0
इस लेख के अंतर्गत आप विज्ञान और तकनीक से सम्बंधित लेख पढ़ सकते हैं ई
1

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद की भारतीय वैज्ञानिक उपलब्धियाँ

12 अगस्त 2015
0
1
0

आजादी के बाद जहाँ भारत ने समाज के हर क्षेत्र में तेजी से विकास किया वहीं विज्ञान के क्षेत्र में भी अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। स्वतंत्र भारत की प्रथम सरकार में विज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों का एक पृथक मंत्रालय बनाया गया। यह मंत्रालय भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने अधीन रखा था।

2

आकाशगंगा को निगलता विशाल ब्लैक होल

12 अगस्त 2015
0
1
0

वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में एक बहुत ही बड़ा ब्लैक होल खोजा है. यह 12 अरब सूर्यों से भी ज्यादा बड़ा है और धीरे धीरे एक आकाशगंगा को निगल रहा है. यह खोज बीजिंग की शुई-बिंग वू यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल रिसचर्रों की टीम ने की है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह ब्लैक होल ब्रह्मांड की शुरुआत के दौरान बना ह

3

कानपुर में औद्योगिक क्रांति और प्रौद्योगिकी शिक्षा का अद्भुत समन्वय

17 अगस्त 2015
0
2
0

कानपुर नगर ने न केवल राष्ट्रीय स्वाधीनता-संग्राम में वरन आर्थिक स्वाधीनता के संघर्ष में भी अग्रणी भूमिका निभाई है I १८५७ के स्वाधीनता संघर्ष के लगभग छ: दशकों के अन्तराल में कानपुर ने प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्तरी भारत का नेतृत्व ग्रहण किया और धर्म उद्योग तथा वस्त्र उद्योगों ने आधुनिक

4

ई-लाइब्रेरी आपकी जेब में...

27 अगस्त 2015
0
4
0

आप सोच रहे होंगे कि यदि आपके मोबाइल फ़ोन पर इन्टरनेट की सुविधा है तो किसी लाइब्रेरी का भी जेब में होना कोई मुश्किल बात नहीं, लेकिन यदि इन्टरनेट सुविधा न हो तो ?दरअसल, ऐसा ही सपना देख रहे हैं रेडियो शिकागो के प्रोडक्ट डेवलपमेंट हेड रहे प्रतिभाशाली उद्यमी सैय्यद करीम जो कि ‘आउटरनेट’ के रूप में ज्ञान-वि

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए